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यूपी में आईटीआई के दाखिले शुरू, 3054 आईटीआई में 4 लाख 94 हजार सीट उपलब्ध

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लखनऊ, 7 अगस्त।
प्रत्येक युवा का यह सपना होता है कि वह रोजगार के माध्यम से घर-परिवार की जिम्मेदारी संभाले। इस योग्य बने कि अपनी आजीविका प्राप्त कर सके तथा माता-पिता एवं अन्य परिवारजनों की देखभाल हेतु आय अर्जित कर सके। युवाओं के ऐसे ही सपने को साकार करने के लिए प्रदेश का व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग, उन्हें आई0टी0आई0 के विभिन्न पाठ्यक्रमों के माध्यम से रोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध करा रहा है।
आई0टी0आई0 का पूरा नाम है ’इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट’। हिन्दी में इन्हें औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के नाम से जाना जाता है। लेकिन इनकी प्रसिद्धि आई0टी0आई0 के रूप में ही ज्यादा है। आई0टी0आई0 एक टेªनिंग इंस्टीट्यूट है जो औद्योगिक क्षेत्र में प्रशिक्षित श्रमबल को उपलब्ध कराने का कार्य करते हैं। आई0टी0आई0 इस रूप में एक जॉब स्पेसिफिक कोर्स होता है जो विद्यार्थियों को कम समय में मार्केट रेडी बना देता है। यह कक्षा आठ व हाईस्कूल उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को आई0टी0आई0 के विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्र्रवेश के अवसर देता है।
उत्तर प्रदेश में स्थापित कुल 305 राजकीय आई0टी0आई0 तथा कुल 2749 निजी आई0टी0आई0 में विभिन्न व्यवसायों में प्रवेश के लिए कुल मिलाकर 4 लाख 94 हजार से ज्यादा सीटें उपलब्ध है। राजकीय आई0टी0आई0 में 70 व्यवसायों तथा निजी आई0टी0आई0 में 51 व्यवसायों में प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध है। इन आई0टी0आई0 में सत्र 2021-22 में प्रवेश के लिए मेरिट आधारित ऑनलाइन रजिस्टेªशन की शुरूआत दिनांक 04.08.2021 से हो गयी है। महिलाओं के प्रशिक्षण के लिए प्रदेश में 12 विशिष्ट राजकीय संस्थानों के अतिरिक्त 47 महिला शाखाएं स्थापित है। प्रदेश के अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों मंे भी 43 राजकीय आई0टी0आई0 स्थापित है। इस प्रकार प्रदेश सरकार का विजन है कि प्रत्येक वर्ग एवं प्रत्येक क्षेत्र के अभ्यर्थी इनमें प्रवेश पा सकें। इन सभी आई0टी0आई0 में शासन के नियमानुसार आरक्षण दिया जाता है एवं महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था है।
प्रदेश की अनुसूचित जाति/जनजाति एवं पिछड़े वर्गो का विकास सुनिश्चित करने हेतु तथा इस वर्ग के वंचित युवाओं को विकास की मुख्य धारा में सम्मिलित करने हेतु अनुसूचित जाति सबप्लान (एस0सी0/एस0टी0) के अन्तर्गत 84 विशिष्ट राजकीय आई0टी0आई0 स्थापित हैं। जिनमें 70 प्रतिशत सीटें अनुसूचित जाति/जनजाति तथा 15 प्रतिशत सीटें अन्य पिछड़ी जाति हेतु आरक्षित है।
इन आई0टी0आई0 में वायरमैन, पेन्टर, वेल्डर, कम्प्यूटर ऑपरेटर एण्ड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट, फूड प्रोडक्शन जनरल, ट्रैवल टूर असिस्टेंट, फिटर टर्नर, मशीनिस्ट, ग्राइण्डर, इलेक्ट्रीशियन, इलेक्ट्रीशियन (पावर डिस्ट्रीब्यूशन), ड्राफ्टमैन (मैकेनिक एवं सिविल), रेडियोलॉजी टेक्नीशियन, फिजियोथेरेपी टेक्नीशियन, फायर टेक्नोलॉजी एण्ड इण्डस्ट्रियल सेफ्टी मैनेजमेंट आदि अनेक व्यवसायों में प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। इन सभी कोर्सों में कुछ की शैक्षणिक योग्यता 8वीं तथा कुछ की 10वीं कक्षा उत्तीर्ण हैं। साथ ही यह एक वर्ष या दो वर्ष की अवधि के पाठयक्रम हैं। जिसके पश्चात प्रशिक्षित युवक-युवतियों के लिए सरकारी प्रतिष्ठानों जैसे रेलवे, आर्मी, नेवी, एयरफोर्स, पी0डब्लू0डी0, सिंचाई विभाग, व्यवसायिक शिक्षा विभाग, प्राविधिक शिक्षा विभाग आदि में रोजगार के पर्याप्त अवसर मिलते हैं। इसके अतिरिक्त अर्धसरकारी/निगम/परिषद जैसे भेल, गेल, सेल, यू0पी0पी0सी0एल0, एच0ए0एल0, ओ0एन0सी0सी0, एन0टी0पी0सी0 आदि में भी रोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध होते हैं। प्रतिष्ठित निजी प्रतिष्ठानों जैसे टाटा मोटर्स, मारूति सुजुकी, ह्यूण्डई, रिलायंस, जिंदल, विप्रो एवं अन्य में भी आई0टी0आई0 प्रशिक्षण प्राप्त युवक-युवतियों को रोजगार के अच्छे पर्याप्त अवसर मिलते हैं। देखा जाए तो आई0टी0आई0 से प्रशिक्षण के उपरान्त उनकी प्रतिभा में निखार आ जाता है और वे हमारे औद्योगिक क्षेत्र को गति प्रदान करने हेतु तथा स्वयं अपना विकास करने हेतु योग्यता हासिल कर लेते हैं। आई0टी0आई0 प्रशिक्षित व्यक्ति यदि स्वरोजगार करना चाहें तो उन्हें सरकार द्वारा मुद्रा लोन योजना के तहत बिना गारंटी ऋण सुविधा उपलब्ध होती है। इस प्रकार आई0टी0आई0 का कोर्स स्वरोजगार को भी बड़ी मात्रा में बढ़ावा दे रहा है।
शासनादेश के अनुसार कक्षा 8 उत्तीर्ण करने के उपरान्त दो वर्ष या उससे अधिक के पाठ्यक्रमों में आई0टी0आई0 प्रमाण पत्र धारकों को माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित हाईस्कूल (कक्षा 10) की हिन्दी विषय की परीक्षा व्यक्तिगत परीक्षार्थी के रूप में उत्तीर्ण करने की स्थिति में उसे कक्षा 10 (हाईस्कूल) के समकक्ष माना जाता है तथा ऐसे ही कक्षा 10 के उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को दो वर्ष या उससे अधिक के पाठ्यक्रमों मंे आई0टी0आई0 प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के उपरान्त इण्टरमीडिएट की हिन्दी विषय की परीक्षा उत्तीर्ण करने पर परिषद की इण्टरमीडिएट (कक्षा 12) के समकक्ष माना जाता है। यह उन छात्रों के लिए वरदान है जो आगे उच्चशिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं। इसके अतिरिक्त यदि आई0टी0आई0 से उत्तीर्ण प्रमाणपत्र धारक उत्तर प्रदेश में पॉलीटेक्निक में प्रवेश हेतु अर्ह होते हैं, तो उन्हें संबंधित डिप्लोमा पाठ्यक्रम के द्वितीय वर्ष में सीधे प्रवेश दिया जाता है।
प्रदेश का व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग आई0टी0आई0 के विभिन्न कोर्स के द्वारा युवक-युवतियों के कौशल संवर्द्धन का कार्य कर रहा है। जिसके माध्यम से उन्हें भावी रोजगार के लिए तैयार कर रहा है एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में प्रदेश सरकार अपने युवाओं का राष्ट्रीय विकास में योगदान सुनिश्चित कर रही है। व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग सरकारी, निजी एवं स्वरोजगार में अवसरों की प्राप्ति की दिशा में युवा वर्ग को प्रशिक्षित कर महती जिम्मेदारी निभा रहा है।

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