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नोएडा खबर डॉट कॉम सर्वे, 88 प्रतिशत ने कहा, पीने योग्य नही है नोएडा का पानी, बढा रहा है बीमारी

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नोएडा खबर डॉट कॉम का सर्वे, 88 प्रतिशत ने कहा पीने योग्य नहीं नोएडा का पानी, लोगों को कर रहा है बीमार

-कई सेक्टरों के पानी में टीडीएस 2000 तक पहुंचा हुआ है

-डॉक्टरों की राय में पानी की हार्डनेस से पैदा हो सकती हैं कई दिक्कतें

-नोवरा ने कहा, पानी की हार्डनेस के साथ-साथ पानी की टंकियों की समय-समय पर नहीं होती सफाई

नोएडा, 29 अगस्त

नोएडा शहर में पीने के पानी की सप्लाई से शहर वासी संतुष्ट नहीं है। नोएडा खबर डॉट कॉम के सर्वे में 88 प्रतिशत लोगों ने कहा कि पानी की क्वालिटी सही नहीं है। 7 प्रतिशत का कहना है कि पानी की क्वालिटी सही है जबकि पांच प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे इस बारे में अपनी कोई राय नही दे सकते। इस सर्वे में शहर के लगभग दो हजार लोगों ने प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से हिस्सा लिया। उल्लेखनीय है कि नोएडा खबर डॉट कॉम जनता के अहम मुद्दों को सामने लाकर प्रशासन का ध्यान इसकी तरफ खींच रहा है। इस पर प्राधिकरण व प्रशासन काम भी कर रहा है। हमारा उद्देश्य यह है कि जनता को जो परेशानी हो रही है उसे अधिकारी व सरकार तक लाया जाए।

25 अगस्त को 24 घंटे तक चलाए गए सर्वे में लगभग 200 लोगों ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात रखने की कोशिश की। लगभग 1200 लोग ऐसे थे जिन्हें यह जानकारी थी कि पानी की क्वालिटी को लेकर सर्वे चल रहा है। इसमें कुछ चुनिंदा लोगों ने अपनी राय रखी। इसके बाद ही इस नतीजे पर हमने अपनी राय रखी है। नोएडा विलेज रेजिडेंट्स एसोसिएशन ( नोवरा ) ने लिखा है कि पानी की क्वालिटी बेहद खराब है। हार्ड वाटर की सप्लाई हो रही है। वाटर टैंकों की नियमित सफाई नहीं हो रही है, जिससे बीमारियां फैलने का खतरा है। सेक्टर 104 निवासी राजीव निझावन ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि हमारे सेक्टर की क्वालिटी बेहद खराब है। हार्ड और गंदे पानी ऐसा है कि हमारी सोसायटी में लगे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भी पानी की हार्डनेस कम नहीं कर सका। सेक्टर 22 निवासी गुलशन शर्मा ने कहा कि नोएडा प्राधिकरण पानी की सप्लाई में भी दोहरी नीति अपना रहा है। वह वीआईपी सेक्टर में गंगाजल ज्यादा मिलाकर पिला रहा है जबकि गांवों में पानी की क्वालिटी अच्छी नहीं है। ज्यादातर लोग आरओ का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे शरीर में सोडियम की कमी हो रही है वह अलग तरह की बीमारी का कारण बनता जा रहा है।

वाइज आफ नोएडा ने अपनी प्रतिक्रिया में मांग की है कि नोएडा के पानी की आडिट होनी चाहिए। यह मांग काफी लंबे समय से की जा रही है मगर इस पर कोई ध्यान ही नहीं ंदिया जा रहा है। इंडियन फर्स्ट सोशल मीडिया ने लिखा है कि नोएडा के पानी में इतनी हार्डनेस है कि यह आदमी की जिंदगी और प्लांट दोनों को नुकसान पहुंचा रहा है। इसके जल्द समाधान की जरूरत है। मोहनचंद अग्रवाल ने लिखा है कि नोएडा में पानी की सप्लाई अनियमित और कम हो रही है वह भी हार्ड वाटर के रुप में हो रही है। सेक्टर 78 में रहने वाली पूजा ने शिकायत की है कि उनकी सोसायटी में पानी की हार्डनेस 2000 टीडीएस से अधिक है। इससे उनकी त्वचा पर असर पडने लगा है। डाक्टरी राय में हार्डनेस से शरीर में कई बीमारियों के पैदा होने का खतरा बताया जा रहा है। चौडा गांव के परमिंंदर बैरागी ने कहा है कि पीने का पानी ज्यादातर पीने योग्य ही नहीं है। कांग्रेस नेता सतेंद्र शर्मा ने कहा कि नोएडा में ऐसी कई समस्याएं हैं जिनका लंबे समय बाद भी समाधान नहीं हो पा रहा है।
(नोएडा खबर डॉट कॉम के लिए प्रियंका शर्मा की रिपोर्ट )

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