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किसानों के समर्थन में बीजेपी सांसद वरुण गांधी की हुंकार, योगी को लिखी चिट्ठी, यूपी में गन्ने की कीमत 400 रुपये क्विंटल करें सरकार

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किसानों के समर्थन में उतरे बीजेपी सांसद वरुण गांधी, योगी सरकार 400 रुपये क्विंटल करे गन्ने के दाम, तीन पेज की चिट्ठी भी लिखी
-किसान सम्मान निधि को 6 हज़ार से बढाकर 12 हजार करने की सलाह दी।
-किसानों की धान की फसल एमएसपी पर खरीदने और 200 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस भी देने को कहा
विनोद शर्मा
नई दिल्ली, 12 सितम्बर।
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ को भाजपा के सांसद वरुण गांधी ने पत्र लिखकर किसानों के मुद्दे पर गंभीरता से चिंतन करने को कहा है। उन्होंने किसानों से जुड़े गम्भीर मुद्दों को उठाते हुए 7 बिंदुओं पर योगी सरकार से कदम उठाने को कहा है। यही नही उन्होंने उत्तर प्रदेश में गन्ने की कीमत 400 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग कर योगी सरकार को उलझन में डाल दिया है।
किसान आंदोलन के बीच यह पहला मौका है जब बीजेपी के किसी सांसद ने खुलकर किसानों का साथ देने की कोशिश की है। वरुण गांधी के तेवर बताते हैं कि वह किसानों की समस्याओं को लेकर कितने गंभीर हैं। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में वरुण गांधी ने गन्ने की कीमत पर सबसे पहले टिप्पणी की है उनका कहना है कि 4 साल में गन्ने के दाम सिर्फ ₹10 प्रति क्विंटल बढ़े हैं जबकि गन्ने की लागत बहुत बढ़ चुकी है उन्होंने गन्ने के दाम कम से कम ₹400 प्रति क्विंटल करने की मांग की है वरुण गांधी ने अपने पत्र में बटाईदार किसानों के दर्द को भी इंगित किया है उनका कहना है कि ज्यादातर बटाईदार किसान अपना गन्ना चीनी मिलों को नहीं भेज पाते हैं और मजबूरन उन्हें कोल्हू पर गन्ना बेचना पड़ता है इसकी वजह से सही कीमत नहीं मिल पाती है। वरुण गांधी ने किसान सम्मान निधि की स्कीम में ₹6000 सालाना की बजाए ₹12000 देने की मांग की है उन्होंने बिजली की बढ़ी दरों को भी कम करने की मांग की है ।
भाजपा सांसद वरुण गांधी ने कृषि क्षेत्र में भी कार्य कर रहे मजदूरों के लिए मनरेगा स्कीम लागू करने की बात उठाई है उनका कहना है इससे सरकार और किसानों को फायदा होगा भाजपा सांसद वरुण गांधी ने चीनी मिलों पर किसानों के बकाया का भी जल्द भुगतान करने की मांग की है उन्होंने योगी सरकार के इस कदम को सराहा कि पिछले 4 सालों में गन्ना किसानों को बकाया राशि का भुगतान समय से हुआ है और चीनी मिलों ने तेजी से कार्रवाई की है लेकिन अभी जो बकाया है उसका भी जल्द से जल्द भुगतान किया जाए।
9 महीने से चल रहे किसान आंदोलन के दौरान वरुण गांधी के अचानक किसानों के समर्थन में आना और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखने के राजनीतिक निहितार्थ निकाले जा रहे हैं वह भी उस समय जब उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव में बहुत कम समय बचा है और भाजपा पूरी रणनीति के साथ विपक्ष और किसान आंदोलन कर रहे नेताओं को जवाब दे रही है। राजनीतिक क्षेत्रो में चर्चा है कि वरुण गांधी का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखना और किसान आंदोलन से जुड़े कई नेताओं का उनके सपोर्ट में खड़े होना यह दर्शाता है कि कहीं ना कहीं वरुण गांधी भाजपा की मौजूदा सरकार से किसानों के मुद्दे पर लिए गए फैसले से संतुष्ट नहीं है । उनके तेवर से विपक्ष के तेवर मिल रहे हैं अगर यह माना जाए कि इस समय किसानों की इन सभी मुद्दों को लेकर वरुण गांधी, प्रियंका गांधी और राहुल गांधी एक ही सुर में बोल रहे हैं तो अतिशयोक्ति नहीं होगी उत्तर प्रदेश की राजनीति में वरुण गांधी की अहम भूमिका है लेकिन दूसरी बार जब मोदी सरकार बनी तब उसमें वरुण गांधी और मेनका गांधी का नाम नहीं था और क्योंकि चुनाव आने वाले हैं ऐसे समय में वरुण गांधी का योगी को पत्र लिखना भाजपा में चर्चा का विषय बन रहा है।

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