नोएडा खबर

खबर सच के साथ

सूत्रधार कौन ?

1 min read

बिना बात मन के तार

बज उठे थे

असमय कोई सूत्रधार

मधुर धुन छेड़ गया था

उसकी इतनी स्निग्ध तान

जीने लगा न चाहकर भी

जल उठी अचानक एक लौ

गुनगुनाना भूलकर वो

ढूँढता फिर रहा है

अंधेरे मे ।

 

रोशनी अब फैलने लगी है

मंथर गति से

साधना इतनी सुहानी

अब मिली क्यों

मुग्ध चितवन आज

स्वयं पर

एक नया बचपन

जी रहा हूँ ।

 

मन भावुक हो चला है

आंखे बरसात को आतुर

अचानक मौसम मे परिवर्तन

आत्म अंश का बोध

कितनी अनोखी सोच

कब मिला , कब अपना हुआ वह

सोचता हूँ

हर रोज

बिना किसी अंतराल के

आखिर वह सूत्रधार कौन ?

 

  • जयशंकर प्रसाद द्विवेदी

 

 125,690 total views,  4 views today

More Stories

Leave a Reply

Your email address will not be published.

साहित्य-संस्कृति

चर्चित खबरें

You may have missed

Copyright © Noidakhabar.com | All Rights Reserved. | Design by Brain Code Infotech.