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भारतीय प्रेस परिषद ने चुनावी कवरेज को जारी की अचार सहिंता

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नई दिल्ली, 21 जनवरी।

भारतीय प्रेस परिषद ने उत्तर प्रदेश उत्तराखंड पंजाब, गोवा और मणिपुर राज्यों में विधानसभा चुनाव की कवरेज के लिए और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 120 तथा प्रदत समाचार से संबन्धित पत्रकारिता के आचरण के मानक-2020 का उल्लंघन नहीं करने की मीडिया को सलाह दी है।

भारत में चुनाव हमारे लोकतंत्र की आधारशिला है और मीडिया की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है कि वह सम्बद्ध समस्त जानकारी लोगों तक पहुंचाए। भारतीय प्रेस परिषद का मीडिया से आग्रह है कि यह चुनाव की कवरेज करते समय निम्नलिखित दिशानिर्देशों को ध्यान में रखें:

1. प्रेस का यह कर्तव्य होगा कि प्रत्याशियों के बारे में निष्पक्ष रिपोर्ट दें। समाचारपत्रों से हितलाम विरोधी चुनाव अभियान में शामिल होने की आशा नहीं की जाती चुनावों के दौरान किसी प्रत्याशी दल या घटना के बारे में अतिश्योक्तिपूर्ण रिपोर्ट न दी जाए। वस्तुतः कई मुकाबले वाले दो या तीन प्रत्याशी ही मीडिया का सारा ध्यान आकर्षित करते हैं। वास्तविक अभियान की रिपोर्ट देते समय समाचारपत्र को किसी प्रत्याशी द्वारा उठाए गए किसी महत्वपूर्ण मुद्दे को छोड़ना नहीं चाहिए और न ही उसके विरोधी पर कोई प्रहार करना चाहिए।

2. निर्वाचन नियमावली के अंतर्गत सांप्रदायिक अथवा जातीय आधार पर चुनाव अभियान की अनुमति नहीं है। अतः प्रेस को ऐसी रिपोर्टों से दूर रहना चाहिये जिनसे धर्म, जाति, मत, संप्रदाय अथवा भाषा के आधार पर लोगों के बीच शत्रुता या घृणा की भावनाएं पैदा हो सकती हो।

3. प्रेस को किसी प्रत्याशी के चरित्र या आवरण के बारे में या उसकी प्रत्याशिता के संबंध में अथवा किसी प्रत्याशी का नाम अथवा उसकी प्रत्याशिता वापस लिए जाने के बारे में ऐसे झूठे या आलोचनात्मक वक्तव्य छापने से बचना चाहिए जिससे चुनाव में उस प्रत्याशी की संभावनाएं दुष्प्रभावित होती हो । प्रेस किसी भी प्रत्याशी/दल के विरुदप अपुष्ट आरोप प्रकाशित नहीं करेगा।

4. प्रेस किसी प्रत्याशी की छवि प्रस्तुत करने के लिए किसी प्रकार का प्रलोभन वितीय या अन्य स्वीकार नहीं करेगा। वह किसी भी प्रत्याशी/ दल द्वारा उन्हें पेश किया गया आतिथ्य या अन्य सुविधाएं स्वीकार नहीं करेगा।

5. प्रेस से किसी प्रत्याशी/दल विशेष के प्रचार में शामिल होने की आशा नहीं की जाती। यदि वह करता है तो वह अन्य प्रत्याशी/ दल को उतर का अधिकार देगा।

6. प्रेस किसी दल सतासीन सरकार की उपलब्धियों के बारे में सरकारी खर्चे पर कोई विज्ञापन स्वीकार प्रकाशित नहीं करेगा।

7. प्रेस निर्वाचन आयोग/निर्वाचन अधिकारियों अथवा मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा समय-समय पर जारी सभी निर्देशों/ अनुदेशों का पालन करेगा।

8. चरणबद्ध मतदान होने पर कोई भी समाचार पत्र मतदान की अंतिम तिथि समाप्त होने तक निर्गम मत सर्वेक्षण, चाहे वे कितने भी सही क्यों न हो, प्रकाशित नहीं करेगा।

9. भारत निर्वाचन आयोग के प्रेस नोट संख्या ईसीआई पीएन/5/2022 दिनांक 14 जनवरी, 2022 के अनुसरण में, प्रिंट मीडिया को प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है जिसमें किसी निर्वाचन क्षेत्र में मतदान की समाप्ति के लिए नियत किए गए समय से पूर्व अड़तालीस घंटों की कालावधि के दौरान, अन्य बातों के साथ-साथ समाचारपत्र या किसी भी उपकरण के माध्यम से किसी भी निर्वाचन संबधीको प्रकाशित करना निषेध है।

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