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नोएडा : इसरो में राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र के निदेशक डॉ प्रकाश चौहान ने किया एमिटी यूनिवर्सिटी का दौरा

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नोएडा, 7 जून।

एमिटी विश्वविद्यालय में संचालित किये जा रहे स्पेस के पाठयक्रम एवं शोधों की जानकारी सहित राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केन्द्र और एमिटी के मध्य आपसी सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा करने के लिए शुक्रवार को इसरो के हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केन्द्र के निदेशक डा प्रकाश चौहान ने रिजनल रिमोट सेंसिंग सेंटर – नार्थ, नई दिल्ली के डिप्टी जनरल मैनेजर डा समीर सरन के साथ एमिटी विश्वविद्यालय का दौरा किया।

इस अवसर पर एमिटी साइंस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन फांउडेशन के अध्यक्ष डा डब्लू सेंल्वामूर्ती और एमिटी फांउडेशन फॉर साइंस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन एलांयस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डा ए के सिंह द्वारा उनका स्वागत किया गया।
इसरो के हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केन्द्र के निदेशक डा प्रकाश चौहान ने कहा कि हम देश के राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय सुदूर संवेदन आंकड़ों को प्राप्त करने के लिए भू केद्रो का निर्माण, आंकडो को प्रयोक्ताओं को वितरित करने के साथ आपदा प्रबंधन सहायता, संकाय सदस्यों और छात्रों के क्षमता निर्माण, तकनीकी विकास आदि के लिए कार्य करता है।

हम भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के सामजिक लाभों को रेखांकित करते है। उन्होनें अंतरिक्ष विभाग के प्रमुख भागों इसरो, एनएसआईएल और इन स्पेस के बारे में बताते हुए कहा कि इसरो, आपदा प्रबंधन, संसाधन मानचित्रण, समाजिक संचार आधारित सेवाओं, स्पेस सांइस सैटेलाइट, पृथ्वी का निरिक्षण सहित मानव व संरचना क्षमता निर्माण और गगनयान, दो मानव रहित मिशन पर कार्य कर रहा है। डा चौहान ने कहा एनआरएससी कृषि, आपदा प्रबंधन, वानिकी और पारिस्थितिकी, भूविज्ञान, भूमि उपयोग और भूमि आवरण, मृदा अध्ययन, शहरी बुनियादी ढांचे, जल संसाधन और पृथ्वी और जलवायु अध्ययन के क्षेत्रों में एमिटी के साथ कार्य करने पर विचार किया जा रहा है, ताकि दोनों संगठन बेहतर भविष्य के निर्माण की दिशा में मिलकर काम कर सकें। यह एक आजीवन सहयोग की शुरुआत है जो दोनों संगठनों के लिए पारस्परिक रूप से लाभकारी होगा। ैै। वर्तमान में अंतरिक्ष कार्यक्रमों में शोध व क्षमता निर्माण के क्षेत्र में निजी भागीदारी बढ़ रही है जिसमे एमिटी जैसे वैश्विक संस्थानों को भी भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी।

रिजनल रिमोट सेंसिंग सेंटर – नार्थ, नई दिल्ली के डिप्टी जनरल मैनेजर डा समीर सरन ने कहा कि क्षेत्रीय सुदूर संवेदन क्षेत्र उत्तर, नई दिल्ली में है और यह केन्द्र उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर में सॉफ्टवेयर विकास, अनुकूलन और पैकेजिंग का कार्य भी करते हैं तथा रिमोट सेंसिंग अनुप्रयोग, डिजिटल तकनीक, जीआईएस और थीम आधारित अनुप्रयोगों की जरूरतो को पूर्ण करने के साथ उपयोगकर्ताओं के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित करते हैं एंव विभिन्न मंत्रालयों के साथ संर्पक भी स्थापित करता है। उन्होने क्षेत्रीय सुदूर संवेदन क्षेत्र उत्तर के प्रोजेक्ट जैसे पावर ग्रीड, डीओपी प्रोजेक्ट और आईपीएमएस प्रोजेक्ट सहित कम खर्च वाले आईओटी सेंसर का विकास आदि के बारे में जानकारी दी।

एमिटी संाइस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन फांउडेशन के अध्यक्ष डा डब्लू सेंल्वामूर्ती ने कहा कि इस यात्रा का उददेश्य रिमोट सेसिंग और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग के संभावित क्षेत्रों पर चर्चा करना है। इसके अंर्तगत हम कृषि में फसल निगरानी, उपज, आपदा प्रबंधन, प्रांरभिक चेतावनी प्रणाली, वनो की कटाई निगरानी, वन अग्नि प्रबंधन, जैव विविधता मूल्यंाकन, ख्ािनज अन्वेषण, भूमि उपयोग में परिवर्तन, मृदा अध्ययन, उर्वरकता मूल्यांकन, जल संसाधानों के क्षेत्र में बाढ़ व सूखा, जलवायु परिवर्तन आदि क्षेत्रों में संयुक्त शोध व प्रोजेक्ट पर कार्य कर सकते है। आज प्रतिदिन अंतरिक्ष सैटेलाइट के माध्यम से बड़ी मात्रा में डाटा उत्पन्न हो रहा है जिसके सटिक विश्लेषण आवश्यक है और एमिटी द्वारा इस क्षेत्र में सहायता प्रदान की जा सकती है। डा सेल्वामूर्ती ने कहा कि हम क्षमता निर्माण एंव प्रशिक्षण सहित कई क्षेत्रों में कार्य करने के इच्छुक है।

इस अवसर पर डा प्रकाश चौहान और डा समीर सरन ने एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी, एमिटी सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ रिन्युवेबल एंड अल्टरनेटिव एनर्जी और एमिटी इंनोवेशन एंड डिजाइन सेंटर की प्रयोगशालाओं का दौरा भी किया। इस कार्यक्रम में एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी, के निदेशक डा एम एस प्रसाद, एमिटी सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के डीन डा एम के दत्ता, एमिटी फांउडेशन फॉर साइंस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन एलांयस की डिप्टी डायरेक्टर डा शेफाली कश्यप उपस्थित थी।

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