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गौतमबुद्ध नगर, 1 दिसम्बर।

कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस एवं शारदा यूनिवर्सिटी के समन्वय से स्थापित “FAMILY DISPUTE RESOLUTION CLINIC” के 03 वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण होने के उपलक्ष में थाना नॉलेज पार्क पर पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर श्रीमती लक्ष्मी सिंह एवं शारदा यूनिवर्सिटी के प्रो चांसलर द्वारा थाना नॉलेज पार्क में तीसरा स्थापना दिवस मनाया गया। इस दौरान यह जानकारी सामने आई कि तीन साल में इस क्लीनिक के जरिये

आज दिनांक 01/12/2023 को कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस एवं शारदा यूनिवर्सिटी के समन्वय से स्थापित “FAMILY DISPUTE RESOLUTION CLINIC” के 03 वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण होने के उपलक्ष में थाना नॉलेज पार्क पर पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह द्वारा स्थापना दिवस मनाया गया। एफडीआरसी की शुरूआत 10 जुलाई 2020 में शरादा यूनिवर्सिटी के सहयोग से की गयी थी। यह गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट के महिला सहायता प्रकोष्ठ की एक प्रोफेशनल काउंसलिंग और मीडिएशन की इकाई है, जहां पारिवारिक विषयों को सुलझा कर परिवारो को जोडा जाता है। 21वी शताब्दी में भाग-दौड भरी जिदंगी में जहां आर्थिक स्वतंत्रता के लिये मेट्रो शहरो में एकल परिवारों का चलन है। अधिकतर प्रकरणों में साथ रहना व सम्बन्धों को निभाना सभी के लिये बेहद चुनौतीपूर्ण रहता है। ऐसी परिस्थितियों में बात सम्बन्ध विच्छेद तक पंहुच जाती है तथा अक्सर परिवार कानून की सहायता लेने हेतु महिला सहायता प्रकोष्ठ में प्रार्थना पत्र देते हैं। महिला सहायता प्रकोष्ठ की कोशिश यह रहती है कि मीडिएशन के अलग अलग चरणों के दौरान पति पत्नी व दोनो परिवारों की प्रोफेशनल काउंसलर के माध्यम से काउंसलिंग करवाकर दोनो परिवारो को टूटने से बचाया जाये।
इस सेंटर को 03 वर्ष पूर्व संचालित किया गया था जिसमे पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा के बढ़ते प्रकरणों के दृष्टिगत घरेलू विवाद, घरेलू हिंसा, लिव इन रिलेशनशिप के विवाद को मध्यस्ता से सुलझाने हेतु रेफर किए जाते है। शारदा यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों एवं पुलिस के संयुक्त पैनल द्वारा मध्यस्ता की सेवाएं प्रदान की जाती है। इन विशेषज्ञों में मनोवैज्ञानिक, मनोचिकित्सक व कानून विशेषज्ञ उपस्थित रहते है।

महिला सहायता प्रकोष्ठ में 2020 से लेकर नवंबर 2023 तक 2890 प्रकरण सुने गये, जिसमें 2619 परिवारों को जोडा गया। वर्ष 2023 में अभी तक कुल 1210 प्रकरण दर्ज हुये है। एफडीआरसी इकाई के माध्यम से वर्ष 2023 में 239, वर्ष 2022 मे 250, वर्ष 2021 में 274 एवं 2020 में 106 परिवारों के बीच मध्यस्थता कराकर परिवारों को जोडा गया एवं अपनी समस्या लेकर आए दंपति यहां से संतुष्ट होकर वापस चले गए। इससे सफलता का दर 87.80 प्रतिशत के लगभग निकलता है। पुलिस कमिश्नर द्वारा “FAMILY DISPUTE RESOLUTION CLINIC” के सदस्यों को समानित किया गया व अपने संबोधन से टीम को प्रोत्साहित किया गया।

आंकडो से यह स्पष्ट होता है कि प्रत्येक वर्ष महिला सहायता प्रकोष्ठ में रिपोर्ट होने वाले मामलो में वृद्धि हुयी है। वर्ष 2021 में 533 प्रकरण दर्ज हुये थे वहीं नवंबर 2023 तक 1210 प्रकरण दर्ज किये गये है। परंतु हर्ष की बात यह है कि 85 प्रतिशत से अधिक प्रकरणों में मीडिएशन और काउंसलिंग सफलतापूर्वक रही है। महिला सहायता प्रकोष्ठ/काउंसलर प्रत्येक प्रकरण को बारीकी से समझते हुये दोनो पक्षो को सही रास्ता दिखाते है तथा काउंसलिंग के माध्यम से प्रभावशाली समाधान प्रदान करते है। महिला सहायता प्रकोष्ठ इकाई/एफडीआरसी की समस्त टीम भविष्य में भी अभिनव प्रयोग करते हुये लोगो को अपना मतभेद भुलाकर जीवन का आनंद लेने हेतु प्रेरित करते रहेंगे।

कार्यक्रम के दौरान अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय श्री बबलू कुमार, प्रो चांसलर शारदा यूनिवर्सिटी, डीन स्कूल ऑफ लॉ शारदा यूनिवर्सिटी, काउंसलर एंड कॉर्डिनेटर एफडीआरसी श्रीमती ऋतु गौतम, डीसीपी महिला सुरक्षा प्रीति यादव, ACP महिला सुरक्षा वर्णिका सिंह व अन्य पुलिस अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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