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नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ लोकेश एम ने एनईए टीम के साथ औद्योगिक समस्याओं पर की चर्चा

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नोएडा, 8 नवम्बर।

नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ लोकेश एम और नोएडा एंटरप्रेन्योर एसोसिएशन के साथ बुधवार को एक महत्वपूर्ण बैठक हुई जिसमें उद्यमियों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई और इस संबंध में प्राधिकरण द्वारा समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान का भी आश्वासन दिया गया

एनईए के मीडिया प्रभारी  सुधीर श्रीवास्तव ने बताया कि बुधवार को श्री लोकेश एम जी मुख्य कार्यपालक अधिकारी, नौएडा विकास प्राधिकरण की अध्यक्षता में सैक्टर-6 स्थित बोर्ड रूम में नौएडा एन्ट्रेप्रिनियोर्स एसोसिएशन के

1.कार्यशीलता प्रमाणपत्र की दिक्कतें

पदाधिकारियों के साथ एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में एनईए अध्यक्ष श्री विपिन कुमार मल्हन ने सीईओ को अवगत कराया कि पूर्व में नौएडा विकास प्राधिकरण द्वारा आवंटित औद्योगिक भूखड़ स्वामियों को कार्यशीलता प्रमाण पत्र हेतु जिला उद्योग केन्द्र द्वारा जारी एस.एस.आई पंजीकरण प्रमाण-पत्र / उ.प्र. व्यापार कर रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र / जी.एस.टी./ विद्युत बिल आदि प्रपत्र देने पर कार्यशीलता प्रमाण-पत्र जारी कर दिया जाता था। अब प्राधिकरण द्वारा कार्यशीलता प्रमाण देने से पूर्व कम्प्लीशन सर्टिफिकेट की माँग की जा रही है । अतः यदि किसी उद्यमी ने आवंटित आद्यौगिक भूखण्ड के कुछ भाग में भवन निमार्ण कर अपने उद्योग में उत्पादन शुरू कर लिया हो तो उसे कार्यशीलता प्रमाण पत्र जारी कर देना चाहिए तथा कार्यशीलता की शर्तों को पूर्व की भाँति ही रहने दिया जाए ।

2.शेयर होल्डिंग बदलने पर ट्रांसफर चार्ज पर आपत्ति

प्रा०लि० कम्पनी में अगर 1 प्रतिशत की भी शेयर होल्डिंग बदलनी हो तो नौएडा प्राधिकरण उसके ट्रांसफर चार्ज लेता है और स्टांप विभाग भी चार्ज लेता है प्रा०लि० कम्पनी अपने आप में एक पहचान होती है । कम्पनी के शेयर होल्डर बदलते है तब भी उस कम्पनी की संरचना पर कोई असर नही होता है कम्पनी एक ही बार बनाई जाती है जिसमें आवश्यकतानुसार शेयर होल्डर्स बदलते रहते हैं ।

3.भूखण्ड का पजेशन दिए बिना बैंक गारंटी क्यों

नौएडा विकास प्राधिकरण द्वारा भूखंड संख्या 060, सैक्टर-164, नोएडा में ई-बिडिंग के माध्यम से भूखंड आवंटित किया गया था। साथ ही प्राधिकरण द्वारा साईड प्लान भी दिये थे लेकिन मौके पर अभी भी मूलभूत सुविधाएं जैसे सड़क, पानी, बिजली आदि उपलब्ध नहीं है। उद्यमियों को प्राधिकरण द्वारा अभी तक पोजेशन भी नही दिया गया है साथ ही उद्यमियों से बैंक गारंटी मांगी जा रही है। आपको विदित है कि बैंक द्वारा भूखंड का पोजेशन तथा रजिस्ट्री के पश्चात ही बैंक गारंटी दी जाती है । अतः अनुरोध है कि उद्यमियों आवंटित भूखंड का पोजेशन शीघ्र दिया जाए ताकि उद्यमी प्राधिकरण को बैंक गांरटी सौप सके।

4-धारा 10 का नोटिस से पहले चेतावनी जारी करें

प्राधिकरण द्वारा इकाईयों में जरा सी भी कामर्शियल गतिविधि करने पर धारा 10 के अर्न्तगत नोटिस जारी कर उनके भूखंडों को निरस्तीकरण के नोटिस जारी कर दिये जाते हैं । अतः ईकाईयों को नोटिस जारी करने से पूर्व उन्हें चेतावनी दी जाए कि इकाई में कार्मशियल गतिविधि को बंद किया जाए तथा धारा 10 के अंर्तगत नोटिस जारी किए गये हैं उन्हें रद्द किया जाए ।

 

5-पीएनजी गैस कनेक्शन की दिक्कतें

वायु गुणवत्ता आयोग द्वारा डी०जी० सैट चलाने पर 1 अक्टूबर से पाबंदी लगा दी गई है । आई०जी०एल० को भी गैस कनेक्शन देने में 8-10 माह का समय लग रहा है। लाईन को ढूंढने हेतु कई दिनों तक सड़क पर गडडा खोद कर छोड़ दिया जाता है जिस पर प्राधिकरण द्वारा आपत्ति की जाती है । कई उद्योगों में 1 वर्ष बीत जाने के बावजूद आई.जी.एल. द्वारा गैस कनेक्शन चालू नही की गई है। अतः आई०जी०एल० को पी. एन. जी. लाईन उद्योगों तक बिछाने के लिए गड्डा खोदने की अनुमति दी जाए तथा आई.जी.एल. को शीघ्रतिशीघ्र उद्योगों में गैस कनेक्शन देने के निर्देश दिए जाए।

6- जेसीबी और डंपर बढ़ाये

नौएडा विकास प्राधिकरण के 10 डिविजन है जिनके पास मात्र 2 जे०सी०बी० एव 2 डंफर है जिनकी संख्या वर्तमान क्षेत्रफल को देखते हुए बहुत कम है । अतः प्राधिकरण में जे०सी०बी० तथा डंफरों की संख्या कम से कम 20-20 की जाए ताकि संबंधित डिविजन के अधिकारियों को अनाधिकृत अतिक्रमण को हटाने में आसानी रहे ।

7-उद्यमियों के आरक्षण बहाल किया जाए

पूर्व में नौएडा विकास प्राधिकरण द्वारा उद्यमियों को अपनी इकाई के विस्तार हेतु प्राधिकरण की पॉलिसी के अनुसार आरक्षित श्रेणी के अंर्तगत औद्योगिक भूखंड (50 प्रतिशत) योजना निकाली जाती थी तथा उद्यमियों हेतु आरक्षित श्रेणी के अर्न्तगत (17.5 प्रतिशत) आवासीय भूखंड योजना भी लाई जाती थी । अतः पूर्व की भाँति उद्योगों के विस्तार हेतु आरक्षित श्रेणी के अर्न्तगत नौएडा में औद्यौगिक एंव आवासीय भूखंड योजना को पूर्व की भांति बहाल किया जाए ।

8-कॉर्नर भूखण्ड को भी कमर्शल का अधिकार मिले

प्राधिकरण उन भूखंडों पर विशेष शर्तों के साथ कर्मिशियल की अनुमति देता है जो 24 मीटर अथवा उससे अधिक चौडे मार्ग पर स्थित है। जिसमें ये लोग वंचित रह जाते हैं जिनके भूखंड कोने के है । दरअसल प्राधिकरण ऐसे भूखंडों के केवल फट को ही देखता है जबकि उसके दूसरी साइड भी देखी जानी चाहिए क्योंकि औरों के मुकाबले उसने कार्नर का भी चार्ज प्राधिकरण को भी दे रखा है। ऐसी स्थिति में दोनों मार्गों के लाभ भूखंड स्वामी को मिलना चाहिए लेकिन एक साइड (फंट) कम रोड होने के कारण उन्हें इस लाभ से वंचित कर दिया जाता है। अतः ऐसे कार्नर के भूखंडों को भी जिनका फ्रंट रोड भले ही कम हो और साइड रोड 24 मीटर अथवा उससे अधिक है तो उसे भी कर्मिशियल की सुविधा का लाभ मिलना चाहिए ।

9-कैंसिल उद्योगों के भूखण्ड रिस्टोर करें

पूर्व के वर्षों में कुछ उद्योगों को प्राधिकरण द्वारा कैंसिल कर दिया गया था उनके द्वारा अपनी इकाई को रिस्टोर करवाने की सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर ली है। प्राधिकरण की पालिसी अनुसार मुख्य कार्यपालक अधिकारी  को अधिकार है कि वे कैंसिल किए गये भूखंड स्वामियों से रेस्टोरेशन चार्ज लेकर उन्हें पुनः बहाल कर सकते हैं। अतः जिन इकाईयों को कैंसिल कर दिया था, उनके द्वारा यदि इकाई को रि-स्टोर करने की सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई हो, उन्हें रिस्टोर कर दिया जाए ताकि वे अपनी इकाई का पुनः संचालन कर सके ।

10-सड़क किनारे से टेम्पो ट्रक व मालवाहकों को हटाएं

प्राधिकरण द्वारा अलग से ट्रांसपोर्ट नगर बसाया गया है लेकिन औद्योगिक सैक्टरों में जगह-जगह सड़क के किनारे टैंपो, ट्रक आदि माल वाहक वाहन खड़े रहते हैं, जिसके कारण यातायात में व्यवधान उत्पन्न होता है । अतः इन माल वाहक वाहनों को सड़क के किनारे खड़ा करने से रोका जाए तथा निर्धारित स्थान ( ट्रांसपोर्ट नगर ) पर वाहन खड़ा करने के आदेश दिये जाए.।

11. ट्रैफिक लाइट का टाइम ठीक कराएं

औद्योगिक सैक्टरों में मुख्य चौराहों पर अधिकांशतः रेड लाईटों का समय सही निर्धारित न होने के कारण जाम की स्थिति पैदा हो जाती है । अंत मुख्य चौराहों पर रेड लाईट का समय सही तरह से निर्धारित किया जाए तथा स्मार्ट रेड लाईट जो कि रेड लाईट के पोलों पर लगे कैमरों से यातायात को देखते हुए स्वयं स्वचालित होती है ऐसी स्मार्ट लाईटे औद्यौगिक सैक्टरों के मुख्य चौराहों पर लगाई जाए ताकि चौराहों पर लगने वाले जाम से बचा जा सके और यातायात सुगम हो सके।

12-छोटे भूखण्डों में ग्राउंड कवरेज बढ़ायेन

नौएडा में 250 वर्ग मीटर तक की इकाईयों में ग्राऊड कवरेज बहुत कम मिलती है, जिसके कारण छोटे उद्यमियों को अपना उद्योग चलाने में कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। कृप्या इकाईयों में ग्राऊड कवरेज बढ़ाने की अनुमति प्रदान करने की कृपा करें ताकि उद्यमी अपनी इकाई को सुचारू रूप से चला सके ।

 

13-सेक्टर 4 से मीट, मुर्गा मंडी को शिफ्ट करें

सैक्टर-4 स्थित नाले के साथ मीट / मुर्गा, सब्जी मार्केट नाले के साथ इकाई के गेट पर लगाई जा रही है जिससे सड़क पर गंदगी व्याप्त रहती है तथा यातायात भी प्रभावित होता है। अतः सैक्टर-4 में लगाने वाले मीट / मुर्गा तथा सब्जी मार्केट को यहाँ से अन्यत्र शिफ्ट किया जाए ताकि यातायात के साथ-साथ वातावरण भी सुगम बना रहे ।

 

14. कार्यशील की समय सीमा 6 वर्ष की जाए

नौएडा प्राधिकरण द्वारा उद्यमियों को आवंटित भूखंडों पर भवन निमार्ण कर कार्यशील करने हेतु 3 वर्ष का समय दिया जाता है । लेकिन वर्ष 2019 से ग्रेप लागू होने के कारण भवन निमार्ण पर अक्टूबर माह से फरवरी के मध्य पाबंदी लगा दी जाती है जिसके कारण मजदूर भी अपने घर चले जाते है तथा पुनः भवन निमार्ण शुरू करने में 2-3 माह का समय लग जाता है जिससे समय से भवन निमार्ण नहीं हो पाता । औद्योगिक भूखंड स्वामियों को भवन निमार्ण कर इकाई कार्यशील करने हेतु 3 वर्ष का अतिरिक्त समय (कुल 6 वर्ष) दिया जाए ।

15. योजना रुकी, वापस नही मिली रकम

हमारे सदस्य उद्यमी श्री राकेश कोहली द्वारा ग्रुप हाउसिंग योजना 2023 जीएच (01) के अन्तर्गत आवेदन किया था। जिसके लिए उद्यमी ने रू० 24,88,731 /- जमा कराये थे । लेकिन नौएडा विकास प्राधिकरण द्वारा इस योजना को रोक दिया गया, लेकिन अभी तक धनराशि वापिस नही की गई। अतः उद्यमी को ब्याज सहित धनराशि वापिस करने की कृपा करें।

एनईए अध्यक्ष विपिन मल्हन ने बताया कि सभी समस्याओं को सुनने के पश्चात् मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने कहा कि पालिसी से संबंधित मामलों के संबंध में शासन स्तर पर वार्ता की जाएगी तथा अन्य मुद्दों के समाधान हेतु उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया साथ ही आई.जी.एल के अधिकारियों को नवम्बर माह के आखिर तक गैस के सभी लंबित कनेक्शन चालू करने के निर्देश दिए। अतिक्रमण को समाप्त करने तथा सड़कों पर खडे माल वाहक वाहनों को हटाने के लिए पुलिस प्रशासन तथा एनईए के साथ मिलकर ड्राईव चलाई जाएगी तथा इन वाहनों को ट्रांसपोर्ट नगर में शिफ्ट किया जाएगा ।

मीटिंग के पश्चात् श्री विपिन कुमार मल्हन ने कहा कि मीटिंग बहुत ही सार्थक रही, मुख्य कार्यपालक अधिकारी काम को लेकर बहुत ही पाजिटिव हैं हमें पूरी उम्मीद है कि शीघ्र ही बिन्दुओं पर कार्यवाही प्रारंभ होगी ।

बैठक में एन०ई०ए० के अध्यक्ष श्री विपिन कुमार मल्हन, महासचिव श्री वी. के. सेठ वरि. उपाध्यक्ष श्री राकेश कोहली, कोषाध्यक्ष श्री एस०सी० जैन, सह कोषाध्यक्ष सुश्री नीरू शर्मा, उपाध्यक्ष श्री आर०एम० जिंदल, मौ० इरशाद श्री सुधीर श्रीवास्तव, सचिव श्री राहुल नैययर के साथ-साथ श्री असीम जगिया, श्री रोहित मित्तल, श्री आदित्य गर्ग, श्रीमती झुमा विश्वास नाग, श्रीमती आरती खन्ना सम्मलित थे।

 

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