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यूपी में बिजली विभाग के तीन निगमो के एकीकरण की मांग, निजीकरण पर रोक और ब्यूरोक्रेट्स की बजाय टेक्नोक्रेट्स सम्भाले विभाग

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-अभियन्ता दिवस’ पर अभियन्ताओं ने याद किया ‘भारत रत्न’ सर एम0 विश्वेश्वरैया को :

-बिजली निगमों के फ्रेंचाईजीकरण/निजीकरण बन्द करने तथा निजी घरानों पर अतिनिर्भरता समाप्त करने की मांग

-प्रदेश हित में सभी ऊर्जा निगमों का एकीकरण करते हुए उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद की पुर्नस्थापना की जाये 

-प्रत्येक वर्ष 15 सितम्बर ‘अभियन्ता दिवस’ राजकीय समारोह घोषित करने की मांग
(नोएडा खबर डॉट कॉम न्यूज़ ब्यूरो )
लखनऊ, 16 सितम्बर।

प्रदेश के बिजली अभियन्ताओं ने केन्द्र एवं प्रदेश सरकार से मांग की है कि बिजली बोर्ड के विघटन/कम्पनीकरण, फ्रेंचाईजीकरण एवं निजीकरण के विफल प्रयोगों से सबक लेते हुए निजीकरण के वर्तमान एजेण्डे पर तत्काल रोक लगाते हुए प्रदेश के सभी ऊर्जा निगमों का एकीकरण करते हुए उ0प्र0 राज्य विद्युत परिषद की पुर्नस्थापना की जाये तथा निजी घरानों पर अतिनिर्भरता  बन्द की जाये। इससे प्रदेश सरकार के ‘‘24×7 पावर फॉर आल’’ योजना फलीभूत हो सकेगी और प्रदेश की जनता को बिजली संकट से पूर्ण रूप से निजात मिल सकेगी। साथ ही ऊर्जा निगमों के बढ़ते घाटे पर अंकुश लग सकेगा। अभियन्ताओं ने यह मांग आज ‘भारत रत्न’ सर एम0 विश्वेश्वरैया के 160वें जन्म दिवस पर उ0प्र0रा0 विद्युत परिषद अभियन्ता संघ द्वारा हाईडिल फील्ड हॉस्टल में बैठक के माध्यम से आयोजित ‘अभियन्ता दिवस समारोह’ में की गयी। अभियन्ताओं ने प्रदेश सरकार से हर वर्ष 15 सितम्बर को ‘अभियन्ता दिवस’ के अवसर पर ‘राजकीय समारोह’ के रूप में आयोजित करने की भी मांग की।
‘अभियन्ता दिवस’ समारोह में मुख्य वक्ता ऑल इण्डिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे ने ‘भारत रत्न’ सर एम0 विश्वेश्वरैया एवं अन्य महान अभियन्ताओं के सराहनीय कार्यां पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रदेश की जनता के लिए यह अत्यन्त कष्टकारी है कि रोज-रोज नये-नये प्रयोगों व ऊर्जा क्षेत्र के कुप्रबन्धन के कारण 21वीं सदी में भी प्रदेश के जनता को गुणवत्तापूर्ण, निर्बाध एवं सस्ती बिजली नहीं मिल रही है। उन्होंने बताया कि 1973 में उ0प्र0 राज्य विद्युत परिषद के अध्यक्ष पद पर बिजली अभियन्ता की तैनाती के साथ सचिव (ऊर्जा) के पद पर भी बिजली अभियन्ता तैनात किये गये। यह परम्परा 1981 तक जारी रही। महान अभियन्ता इं0 के0एल0 राव की ही देन है ग्रामीण विद्युतीकरण जिससे आज प्रत्येक गांव रोशन है। बाद में वह ऊर्जा मंत्री भी रहे। यह हर्ष का विषय है कि मिसाइल मैन के नाम से प्रसिद्ध डा0 ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम ऐसे एकमात्र इंजीनियर हैं जो देश के सर्वोच्च पद राष्ट्रपति पद तक पहुंचे हैं। उ0प्र0रा0वि0प0 के अध्यक्ष व ऊर्जा सचिव रह चुके इं0 एल0बी0 तिवारी को 1974 में तकनीकी विभाग का सचिव तैनात कर यह संदेश दिया गया कि सरकार की सोच बदल रही है और तकनीकी कार्यों का दायित्व तकनीकी हाथों में ही दिया जायेगा, परन्तु आज स्थितियां इसके उलट हैं, ऊर्जा निगमों का प्रबन्धन टेक्नोक्रेट्स के हाथों में न होकर ब्यूरोक्रेट्स के हाथ में है जिससे ऊर्जा जैसे तकनीकी विभागों का कुप्रबन्धन चरम पर है एवं कुल सकल घाटा 93 हजार करोड़ से अधिक हो गया है जो बढ़ता ही जा रहा है। इसके बावजूद ऊर्जा निगमों में तैनात अभियन्ताओं की दक्षता एवं मेहनत से अभियन्ताओं द्वारा माह जून 2021 में 25000 मे0वा0 से अधिक विद्युत का सफल पारेषण व वितरण किया गया। यह भी उल्लेखनीय है कि कोविड-19 की दूसरी लहर में प्रदेश के समस्त अस्पतालों तथा ऑक्सीजन प्लांटों को अभियन्ताओं द्वारा निर्बाध विद्युत आपूर्ति की गयी।
विद्युत अभियन्ता संघ के महासचिव प्रभात सिंह ने बताया कि देश में सबसे पहले 400के0वी0 पारेषण लाइन व उपकेन्द्र की परिकल्पना, निर्माण व संचालन का यशस्वी कार्य, 100 मेगावाट एवं 200 मेगावाट की तापीय इकाईयाँ डिजाइन करने व सफलतापूर्वक संचालित करने वाला अग्रणी उ0प्र0 बिजली बोर्ड ही है। आज कम लोग यह जानते हैं कि देश की महारत्न कम्पनी एन0टी0पी0सी0 के गठन व प्रारम्भिक वर्षों में संचालन का कार्य उ0प्र0रा0वि0प0 के अभियन्ताओं ने ही किया है। छिबरों (अब उत्तराखण्ड) में देश के सबसे पहले भूगर्भ जल विद्युत गृह और पहाड़ पर जगह कम होने के कारण पहले टू टियर पारेषण उपकेन्द्र की स्थापना का कार्य इसी अवधि में उ0प्र0रा0वि0प0 ने किया। विगत दिनों 25 हजार मे0वा0 से अधिक बिजली का पारेषण किया गया है जो अब तक का एक  रिकॉर्ड है।
महासचिव प्रभात सिंह ने सर विश्वेश्वरैया के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान में दूरदर्शी, कर्मठ, ऐतिहासिक फैसले लेने वाला एक संत प्रदेश के मुख्यमंत्री पद पर है एवं बिजली अभियन्ताओं को उम्मीद है कि अभियंत्रण सेवाओं व अभियन्ताओं की दिशा व दशा सुधारने हेतु प्रदेश सरकार प्रदेश हित में ऐतिहासिक कदम अवश्य उठाते हुए उ0प्र0 राज्य विद्युत परिषद की पुनर्स्थापना करेगी।
लखनऊ में आयोजित समारोह में उपस्थित अभियन्ताओं में भारत रत्न सर एम0 विश्वेश्वरैया के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर मुख्यतया इं0 शैलेन्द्र दुबे, इं0 पल्लब मुखर्जी, इं0 प्रभात सिंह, इं0 ए0के0 सिंह, इं0 डी0के0 त्रिपाठी, इं0 ए0एन0 सिंह, इं0 संदीप राठौर, इं0 विजय गुप्ता, इं0 कुरूणेन्द्र कुमार वर्मा, इं0 अभय चौबे, इं0 राहुल सिंह, इं0 के0के0 वर्मा, इं0 हर्षित श्रीवास्तव, इं0 आशीष शर्मा, इं0 शिवम त्रिपाठी, इं0 जे0एस0 मिश्रा, इं0 अभिषेक कुमार, इं0 वीरेश पटेल, इं0 रजत कुशवाहा, इं0 सौरभ प्रजापति, इं0 आर0एस0 जायसवाल, रीना त्रिपाठी, निशा सिंह सहित अन्य अभियन्ता उपस्थित रहे।

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