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यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की महत्वपूर्ण बैठक, ओटीएस योजना घोषित, ट्रांसफर चार्ज कम हुए

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यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की दिनांक 26 अगस्त 2022 (बुधवार) को सम्पन्न 74वीं बोर्ड बैठक में लिये गये प्रमुख निर्णय ।

1. एक मुश्त समाधान पॉलिसी योजना (One Time Settlement Policy): यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण द्वारा पूर्व में दिनांक 01.10.2021 से 03 माह के लिये अर्थात 31:12:2021 तक एक मुश्त समाधान पॉलिसी जारी की गई थी। प्राधिकरण की ओटीएस योजना के अन्तर्गत 2719 आवटियो द्वारा आवेदन किया गया था। वर्तमान में रू० 202 करोड़ की आय प्राप्त हो चुकी है। वर्तमान में प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं के 9317 डिफाल्ट आवंटियों द्वारा विभिन्न योजनाओं में डिफाल्ट धनराशि निम्नवत है

कम संख्या डिफाल्ट धनराशि ( करोड़ में)

57243

269.83 588.96

योजना आवासीय

औद्योगिक संस्थागत

संस्थागत, 25-250 एकड़ योजना मिश्रित

5

2316 40

122.59

उपरोक्त डिफाल्ट धनराषि में से अतिरिक्त प्रतिकर / NLI की डिफाल्ट धनराशि के अनुसार प्राधिकरण के आवंटियों के ऊपर अतिरिक्त प्रतिकर / एन.एल.आई. के रूप में 89427 करोड़ की धनराशि बकाया है। कृषको को अतिरिक्त प्रतिकर /NLI के रूप में दी जाने वाली धनराशि की वसूली शासनादेश संख्या 1015/77-3-14 6सी दिनांक 29.08.2014 के अनुसार प्राधिकरण के आवंटियों से किये जाने के विरुद्ध कतिपय आवंटी (मैसर्स शकुन्तला एजुकेशन आदि) द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में रिट योजित की गयी तथा मा० उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश दिनांक 28.05.2020 द्वारा अतिरिक्त प्रतिकर वितरण एवं वसूली पर रोक लगा दी गयी थी।

मा० उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा पारित निर्णय दिनांक 28.05.2020 के विरुद्ध प्राधिकरण द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय में विशेष अनुज्ञा याचिका (SLP) संख्या YEIDA 010015-010034 / 2020 योजित की गयी। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा अतिरिक्त प्रतिकर की वसूली पर रोक लगाये जाने तथा ना० सर्वोच्च न्यायालय में एस. एल.पी योजित होने के कारण तत्समय बहुत से आवंटियों ने ओ.टी.एस योजना में प्रतिभाग नहीं किया गया था।। वर्तमान में उक्त SLP पर मा० सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अपने आदेश दिनाक 19.05.2022 में मा0 उच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्णय दिनांक 28.10.2020 को निरस्त कर दिया गया है जिससे शासन द्वारा अतिरिक्त प्रतिकर वितरण सम्बन्धित शासनादेश प्रभावी हो गया है।

प्राधिकरण के डिफाल्ट आवंटी जो एन.एल.आई. / अतिरिक्त प्रतिकर सम्बन्धित वादी तथा अन्य कारणों से पूर्व में लायी गयी. ओ.टी. एस योजना का लाभ लेने से वंचित रह गये थे, उनके द्वारा ओ.टी. एस योजना पुन लाये जाने का अनुरोध किया जा रहा है। पूर्व में लायी गयी ओ.टी.एस योजना सफल रही है तथा प्राधिकरण को राजस्व की प्राप्ति हुई है। वर्तमान में प्राधिकरण को कृषकों को अतिरिक्त प्रतिकार के वितरण हेतु धन की आवश्यकता भी है। अतः यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की परिसम्पत्तियों यथा आवासीय भूखण्ड बी.एच.एस. वाणिज्यिक, औद्योगिक, मिश्रित भूखण्डों, संस्थागत की परिसम्पत्तियों के आवंटियों से डिफाल्ट धनराशि प्राप्ति हेतु एक अवसर प्रदान करते हुए ऐसे आवेदकों को छोडकर जिनके द्वारा पूर्व में ओ.टी.एस योजना में आवेदन किया गया है) प्राधिकरण द्वारा पुन 02 माह हेतु दिनांक 01.09.2022 से एक मुश्त समाधान योजना निम्न शर्तों के अनुसार लायी जानी प्रस्तावित है –

(क) आवंटियों के लिये निर्धारित श्रेणी 1. ओ.टी.एस. योजना विभिन्न परिसम्पत्तियो (डेवलपर / बिल्डर टाउनशिप / ग्रुप हाउसिंग को छोड़ते हुए यथा आवासीय बी.

एच.एस. संस्थागत, वाणिज्यिक, औद्योगिक एवं मिक्त लैण्ड यूज योजना एवं 7% आबादी भूखण्ड पर लागू होगी, चाहे व आवंटन पद्धति से आवंटित हो या नीलामी मद्धति से हो या अन्य पद्धति से आवंटित हो किन्तु ऐसे आवंटी ओ टी एस योजना में भाग नहीं ले सकेंगे जिनके द्वारा पूर्व की ओ. टी एस योजना में आवेदन किया गया हो।

2. योजनाएं (डेवलपर / बिल्डर टाउनशिप / ग्रुप हाउसिंग को छोड़ते हुए), आवासीय भूखण्ड / भवन, वाणिज्यिक, संस्थागत, औद्योगिक / मिक्स लण्ड यूज योजना एवं 7% आबादी भूखण्डों हेतु आवंटित परिसम्पत्ति तथा सरकारी संस्थाओं को आवंटित सम्पत्तियों पर ओ.टी.एस. योजना लागू होगी, जिसके अन्तर्गत केन्द्र सरकार, प्रदेश सरकार व सरकारी उपक्रमों को आवंटित सम्पत्तियाँ भी सम्मिलित होंगी।

3. विभिन्न प्रकार के स्कूल भूखण्डों एवं चैरिटेबल संस्थाओं, आदि की आवंटित सम्पत्तियों पर भी ओ.टी. एस. योजना लागू होगी।

4. समस्त प्रकार की व्यवसायिक सम्पत्तियों, चाहे नीलामी द्वारा अथवा जन्य पद्धति से आवटित हो, पर मो. टी. एस योजना लागू होगी।

(ख) सिद्धान्त

ओ.टी.एस. योजनान्तर्गत सभी डिफाल्टर आवंटियो (आवंटन धनराशि जमा होने के उपरान्त) से साधारण ब्याज, जो सम्पत्ति आवंटन के समय किस्तों के निर्धारण पर लागू ब्याज दर एवं समय समय पर प्राधिकरण में लागू ब्याज दर के बराबर होगा, लिया जायेगा।

आवंटियों से किसी भी प्रकार का दण्ड व्याज नही लिया जायेगा डिफाल्ट की अवधि का ब्याज उक्त उल्लिखित सिद्धान्त (1) के अनुसार लिया जायेगा। • आवंटी द्वारा किये गये भुगतान को सर्वप्रथम डिफाल्ट की अवधि तक ओ.टी. एस आधार पर आगणित व्याज, तदोपरान्त बकाया मूल धनराशि के सापेक्ष समायोजित किये जायेंगे।

• ओ टी एस योजना में गणना के उपरान्त यदि अधिक जमा (surplus) धनराशि आती है, तो उसे वापस नहीं किया जायेगा। • यदि किसी आवटी द्वारा स्वानुरोध अथवा किसी शासनादेश के क्रम में देयों / किस्तों का पुर्ननिर्धारण कराया गया है, तो ऐसे प्रकरणों में ओ०टी०एस० की गणना सम्पत्ति के आवंटन के समय निर्धारित किस्ता एवं ब्याज के अनुरूप की जाएगी।

• बिन्दु 01 अनुसार केवल आवंटियों के प्रीमियम की किस्तों के सापेक्ष डिफाल्ट ब्याज पर छूट की अनुमन्यता हेतु ओ०टी०एस० सुविधा लाभकारी होगी, अन्य देयतार पूर्व की भांति यथावत रहेगी।

• जिन आवंटियों द्वारा रस एवं अन्य किसी मा० न्यायालय / फोरम में वाद योजित किया गया है तो ऐसे प्रकरणों बाद निर्धारित अवधि तक वापिस लिये जाने के उपरान्त हो ओ०टी०एस० की सुविधा अनुमन्य की जायेगी।

• जिन आवटनों के सापेक्ष पूर्ण भुगतान हो चुका है उन प्रकरणों को पुनः नहीं खोला जायेगा ।। आवंटियों द्वारा आवेदन ऑनलाईन किया जा सकेगा। ऑनलाइन आवेदन किये जाने हेतु आ. टी.एस योजना/ 01-2021 का प्राधिकरण की वेबसाईट www.yamunaex presswayauthority.com के होमपेज पर लिंक सिस्टम व सम्पत्ति विभाग द्वाराउपलब्ध करायी जायेगी जिसके माध्यम से संबंधित आवंटियों द्वारा ऑनलाइन आवेदन किया जायेगा। आवेदकों के लिये ऑनलाईन आवदेन की प्रक्रिया सुविधाजनक बनाने हेतु प्राधिकरण के सम्पत्ति विभाग में हेल्प डेस्क की व्यवस्था सिस्टम एवं सम्पत्ति विभाग द्वारा संयुक्त रूप से की जायेगी तथा सिस्टम व सम्पत्ति विभाग द्वारा कॉल सेन्टर की व्यवस्था की जायेगी।

• ओ.टी.एस. गणना के उपरान्त गणनाशीट एवं वांछित धनराशि जमा करने की सूचना आवंटी द्वारा दिये गये ई-मेल / एम.एम. एस / पत्र व्यवहार की सूचना सिस्टम व सम्पत्ति विभाग द्वारा दी जायेगी।

ओ.टी.एस हेतु आवेदन पत्र देने के लिए अन्तिम तिथि उक्त योजना प्राधिकरण में लागू किये जाने की तिथि दिनांक 01.9.

2022 से दिनांक 31.10.2022 तक के लिए निर्धारित की जाती है। इस तिथि के बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जायेगा।

2. यमुना एक्सप्रेसवे औ० वि० प्राधिकरण द्वारा अपने क्षेत्रातर्गत आवंटित भवनों एवं भूखण्डों पर प्राप्त किये जाने वाले अन्तरण शुल्क में संशोधन किया गया है। उल्लेखनीय है कि नौएडा एवं ग्रेटर नौएडा प्राधिकरण द्वारा सम्पत्तियों के अन्तरण शुल्क में परिवर्तन कर इसे 2.5 प्रतिशत किया गया है। तद्कम में प्राधिकरण बोर्ड द्वारा जनहित में विभिन्न सम्पत्तियों के अन्तरण शुल्क को निम्नानुसार संशोधित किया गया है

भू-प्रयोजन सं वर्तमान अन्तरण शुल्क की दर (प्रतिशत में) | प्रस्तावित अन्तरण शुल्क की दर

(प्रतिशत में)

प्राधिकरण द्वारा आवंटित आवासीय

भूखण्ड

प्रचलित आवंटन दर का 5 प्रतिशत

प्रचलित आवंटन दर का 25 प्रतिशत

3. प्राधिकरण द्वारा Muncipal Bond / Infra Band के माध्यम से fund mobilization किये जाने हेतु तकनीकी सहायता,

रेटिंग (rating) तथा Fund mobilize करने के लिये ई-टेण्डर के माध्यम से चयन का अनुमोदन पूर्व में 73वीं बोर्ड बैठक में दिया गया था।

इस सम्बन्ध में निर्णय लिया गया था कि भारत सरकार के शहरी विकास मंत्रालय के शासनादेश संख्या K. 14012/101 (16)/2016-SCM-III-V दिनांक 24.10.2016 में इंगित मॉडल आर.एफ.पी के अनुसार तथा गाजियाबाद एवं लखनऊ नगर निगम द्वारा जारी आर.एफ.पी. डॉक्यूमेन्ट अनुसार Transaction Advisory Consulting Firm का चयन किया जाए। भारत सरकार के शहरी विकास मंत्रालय के शासनादेश के अनुसार निम्न कुल 09 फर्मे इस कार्य हेतु Empanelled है S.No.

Empanelled Transaction Advisory Firm

A.K. Capital Services Limited.

Axis Bank Limited.

Darashaw & Company private Limited. ICICI Bank Limited

ICRA Management Consulting Services Limited. SBI Capital Markets Limited.

17 8

SPA Capital Advisors Limited. SREI Infrastructure Finance Limited.

Yes Bank Limited

उपरोक्त शासनादेश के अनुसार Empanelled फर्मा के मध्य ही सीमित ई-निविदा आयोजित कर Transaction Advisory Consulting Firms का चयन करने हेतु सलाहकार संस्था अरनस्ट एण्ड रंग द्वारा गाजियाबाद एवं लखनऊ नगर निगम द्वारा जारी आर.एफ.पी. डॉक्यूमेन्ट तथा शासनादेश के आधार पर नया आर.एफ.पी. उपलब्ध कराया गया। समिति द्वारा आर.एफ.पी. “Selection of Transaction Advisory Consulting Firms for Providing Technical Assistance to Yamuna Expressway Industrial Development Authority (YEIDA) in Raising of Funds through Bonds and/or Other Financial Instruments” पर अनुमोदन प्रदान करते हुए सार्वजनिक सूचना प्रकाशित कर ई-टेण्डर पर अपलोड किया गया है। इस सम्बन्ध में अग्रेतर कार्यवाही जारी है।

प्राधिकरण द्वारा वित्तीय वर्ष 2021-22 के दिनांक 31.07.2021 तक की कुल राजस्व प्राप्तिया रू0 543.94 करोड़ थी, जबकि वित्तीय वर्ष 2022-23 के दिनांक 31.072022 तक प्राधिकरण की कुल राजस्व प्राप्तियाँ रू० 913.55 करोड रही जो कि पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि से कुल 20.17 प्रतिशत अधिक है तथा वित्तीय वर्ष 2021-22 के दिनांक 31.07.2021 तक का कुल राजस्व भुगतान रू0 68676 करोड़ रहा, जबकि वित्तीय वर्ष 2022-23 के दिनांक 31.072022 तक प्राधिकरण का कुल राजस्व भुगतान रू0 327.94 करोड़ रहा।

5. Flatted Factory सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित Micro & Small Enterprises Cluser Development Program (MSE-CDP) के अन्तर्गत राज्य सरकारों को Flatted Factory Complex के प्रतिष्ठान / निर्माण हेतु परियोजना लागत की 60 प्रतिशत रू. 5.00 करोड से रू.1500 करोड की सहयोग राशि प्रदान की जा रही है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश के 03 जिलों क्रमश गोरखपुर, कानपुर एवं आगरा में Flatted Factory Complex (FFC) स्थापित की जा रही है। Flatted Factory Complex स्थापित करने का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में स्थानीय वृहद एवं मध्यम उद्योगों की सहायक इकाईयों तथा एम०एस०एम०ई० इकाईयों की स्थापना हेतु एकीकृत अवस्थापना सुविधायें उपलब्ध कराना। है। Flatted Factory Complex में मुख्य रूप से निम्न सुविधायें प्रस्तावित की गई हैं

1. Flatted Factory Complex का निर्माण एवं Land filling / Boundary wall/fence.

2 Flatted Factory Complex के आन्तरिक एवं बाह्य सडकों का निर्माण ।

३. सडक पटरी, वर्षारोपण, Land Scaping एवं Social Forestry.

4 जल व्यवस्था Overhead Tanks, Pump, House एवं वितरण व्यवस्था ।

15 Rain Water Harvesting Systemi 16 जल निकासी व्यवस्था।

7. इकाईयों हेतु विद्युत व्यवस्था एवं common wire तथा stree light व्यवस्था। 8. Flatted Factory Complex परिसर की इकाईयों हेतु सामान्य सुविधा केन्द्र / प्रशासनिक कार्यालय, रख-रखाव

सिक्योरिटी एवं पार्किंग व्यवस्था।

9. टेलिकॉम / साईबर सुविधा।

10. कॉन्फ्रेन्स हॉल / एक्सीबिशन सेन्टर 11. बैंक / पोस्ट ऑफिस / पुलिस चौकी।11. बैंक / पोस्ट ऑफिस / पुलिस चौकी।

12. प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र, कंच एवं कैन्टीन ।

13. ETP व्यवस्था

14. Common Washroom.

Flatted Factory Complex में प्रदूषण रहित एवं non-hazarous सूक्ष्म एवं लघु इकाइयों तथा सहायक इकाईयों हेतु ही आवंटन किये जायेंगे। प्राधिकरण में बिल्डिंग बाई-लॉज के अन्तर्गत भूखण्ड हेतु अधिकतम 35 प्रतिशत ग्राउण्ड कवरेज, 1.40 एफएआर एवं 24 मीटर ऊँचाई अनुमन्य है, जिसके अनुसार 2-3 फुलोर का परिसर निर्मित किये जाने तथा प्रत्येक परिसर में 50-60 इकाईयों हेतु रूम / हॉल के अतिरिक्त सामान्य सुविधायें (common space) एवं प्रशासनिक कार्यालय का प्राविधान किये जाने का भी प्रस्ताव है।

उपरोक्तानुसार प्राधिकरण बोर्ड द्वारा निर्णय लिया गया कि चूंकि अपैरल पार्क में 08 भूखण्ड अवशेष है अत इनमें से 20,000/ वर्गमीटर एवं 18,000 वर्ग मीटर के भूखण्डों पर Flatted Factory का निर्माण करवाया जायेगा। यमुना एक्सप्रेसवे औ० वि० प्राधिकरण द्वारा सम्पत्ति हस्तातरण आवेदन फार्म में हस्तांतरण शुल्क के सम्बन्ध में शर्त संख्या

पार्ट-सी 1(1) के नियम में उल्लेखित अविवाहित पुत्री में संशोधन कर अब अविवाहित पुत्री के साथ-साथ विवाहित पुत्री को

भी सम्पत्ति ब्लड रिलेशन में सम्मिलित किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया।

7.

8.

किसानों को (No Litigation Incentive) 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर वितरण न हो पाने के दृष्टिगत प्राधिकरण की समस्त आवासीय भवन, आवासीय भूखण्ड औद्योगिक एवं संस्थागत योजनाओं के ऐसे आवंटियों, जिनको पूर्व में चैक लिस्ट प्रेषित की जा चुकी है. को लीज डीड निष्पादन करने हेतु तथा साथ ही समस्त आवासीय भूखण्डों, औद्योगिक भूखण्डो संस्थागत भूखण्डों में जिन आवंटियो / अतरिकीयों के द्वारा लीज डीड निष्पादन करा ली गई है, उस समस्त आवंटियों / अंतरिकियों को भवन निर्माण कराये जाने हेतु दिनांक 31.03.2023 तक का निशुल्क समय विस्तरण प्रदान दिया गया।

प्राधिकरण द्वारा ग्रुप हाउसिंग एवं टाउनशिप योजनाओं हेतु आवंटित भूखण्डों के सापेक्ष पूर्व में प्राप्त कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र (Completion Certificate) यूनिट्स के सापेक्ष समस्त मदो (प्रीमियम अतिरिक्त प्रतिकर एवं लीजरेन्ट) की देय धनराशि को समानुपातिक जमा किये जाने के आधार पर त्रिपक्षीय सबलीजडीड निष्पादन करने का निर्णय लिया गया। यमुना एक्सप्रेसये प्राधिकरण क्षेत्र में मैo सुपरटेक लिमिटेड, 40 सुपरटेक टाउनशिप प्रोजेक्ट प्रा० लि० एवं म० ए०टी०एस० रियल्टी प्रा० लि० व अन्य विकासकर्ता फर्म के बॉयर्स द्वारा अतिरिक्त प्रतिकर की धनराशि को सीधे प्राधिकरण खाते में जमा करा कर त्रिपक्षीय सबलीजडीड हेतु अनुरोध किया जा रहा था, जिसके दृष्टिगत बॉयर्स के हितों को सुरक्षित रखने एवं उन्हें भूखण्ड / भवन के कब्जा दिलाये जाने के उद्देश्य से एक नीति निर्धारित की गई है। नीति के अनुसार जिन प्रकरणों में प्राधिकरण की 64वी बोर्ड बैठक के मद संख्या 64/10 में आंशिक कार्यपूर्ती प्रमाण पत्र जारी किये जाने की नीति के अनुसार, अतिरिक्त प्रतिकर एवं लीजरेन्ट को छोड़कर अन्य सभी मदों में धनराशि जमा करने के उपरान्त प्राधिकरण द्वारा आशिक कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र दिया गया था, उन प्रकरणों में आंशिक कार्यपूर्ती प्रमाण पत्र प्राप्त यूनिट्स की त्रिपक्षीय सबलीजडीड अनुमन्य करने से पहले प्राधिकरण की 64वीं बोर्ड बैठक के मद संख्या 64/10 में निर्धारित नीति के अनुसार अतिरिक्त प्रतिकर के सापेक्ष वर्तमान देयता एवं प्राधिकरण 68वी बोर्ड बैठक दिनांक 21.12.2019 की मद संख्या 66/ 20 में निर्धारित नीति के अनुसार लीजरेन्ट की वर्तमान देयता को भी जमा कराया जाना होगा। इसकी गणना एवं परीक्षण प्राधिकरण के वित्त विभाग द्वारा किया जायेगा। यदि सभी आंशिक कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र प्राप्त यूनिट्स के सापेक्ष जमा करने वाली धनराशि एक साथ जमा नहीं होती है, तो समानुपातिक रूप से जमा की जा सकती है एवं जमा किये जाने की तिथि तक साधारण ब्याज व दण्ड व्याज देय होगा। यह धनराशि विकासकर्ता द्वारा स्वयं जमा करायी जा सकती है अथवा उनके स्थान पर बॉयर्स द्वारा सीधे भी प्राधिकरण खाते में जमा करायी जा सकती है. ऐसी स्थिति में जमा धनराशि विकासकर्ता की देय धनराशि के सापेक्ष समायोजित की जायेगी।

यमुना एक्सप्रेसवे औ० वि० प्राधिकरण के सैक्टर-28 में प्राधिकरण द्वारा 220 / 132/33 केवी के विद्युत उपकेन्द्र को यूपीपीटीसीएल विभाग से जी०आई०एस० पद्धति पर बनवाये जाने हेतु यूपीपीटीसीएल विभाग से प्राप्त आगणन के अनुसार हाईब्रिड पद्धति पर विद्युत उपकेन्द्र के निर्माण पर धनराशि रू. 132.62 करोड़ एवं हाईब्रिड पद्धति पर सैक्टर-32 में निर्माणाधीन विद्युत उपकेन्द्र से 220 केवी डबल सर्किट लाईन के निर्माण हेतु प्राप्त आगणन धनराशि रू. 7.95 करोड अर्थात कुल आगणन धनराशि 40.57 करोड़ की स्वीकृति एवं उपकेन्द्र के निर्माण हेतु 15000 वर्गमीटर भूमि आरक्षित किये जाने का प्रस्ताव बोर्ड द्वारा स्वीकृत किया गया।

10.

प्राधिकरण में अर्जित भूमि के प्रभावित भूस्वामियों के सापेक्ष वार्षिकी वितरण की प्रक्रिया के अन्तर्गत अभी तक सालाना आधार पर धनराशि का वितरण एल.आई.सी. के माध्यम से अपर जिलाधिकारी (भू०अ०). गौतमबुद्ध नगर के कार्यालय से किया जाता था एल०आई०सी० से कराये जाने का औचित्य है कि यह एक लम्बी प्रक्रिया होती है तथा इसके ब्याज से सम्बन्धित गणना भी इसमें सम्मिलित होती है। लेकिन अब एल०आई०सी० से भुगतान प्रक्रिया न हो पाने के कारण अर्जित भूमि के सापेक्ष अर्जन से प्रभावित किसानों में गतिरोध उत्पन्न हो रहा है तथा इससे प्राधिकरण के विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। कृषको द्वारा वार्षिकी की एकमुश्त अदायगी की मांग लगातार की जा रही हैं। ऐसी दशा में किसानों को किसी एजेन्सी के माध्यम से भुगतान करने के बजाय सीधे अपर जिलाधिकारी (भू०अ०) कार्यालय से भुगतान कराये जाने का निर्णय लिया गया है।

11.

यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण द्वारा अपने अधिसूचित क्षेत्र में अर्जित एवं कब्जा प्राप्त / कय भूमि से प्रभावित काश्तकारों को पुर्नवास हेतु नियमानुसार उनकी अर्जित / कय भूमि के सापेक्ष 07 प्रतिशत आबादी भूखण्ड आवंटित किये जाने का प्राविधान है। वर्तमान में काश्तकारों द्वारा जिस प्रकार नवशा 11 में प्रतिकर प्राप्त किया जाता है, के आधार पर ही एकसाथ अथवा पृथक पृथक 07 प्रतिशत भूखण्ड प्रस्तावित किये जाते हैं। अब यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण क्षेत्र के विभिन्न कृषकों, कृषक संगठनों एवं कृषक प्रतिनिधियों द्वारा निरन्तर की जा रही मांग पर ग्रेटर नौएडा प्राधिकरण में प्रचलित नीति को अपनाये जाने का निर्णय लिया गया। इससे 07 प्रतिशत आबादी के प्रकरणों के निस्तारण में एकरूपता आयेगी।

12. प्रधिकरण की 72वीं बोर्ड बैठक में 96 औद्योगिक नगरों (माजरों सहित 132 औद्योगिक नगरों) की साफ-सफाई एवं कूड़ा

निस्तारण के दृष्टिगत 228 सफाईकर्मियों तथा 10 सुपरवाईजरों का अनुमोदन दिया गया था। इसमें प्राधिकरण द्वारा अनुमोदित

UPPWD SOR दरों के आधार पर टेण्डर के माध्यम से एजेन्सी का चयन किया गया। UPPWD SOR की दरों के अनुसारसफाईकर्मी हेतु रू. 350 प्रतिदिन एवं सुपरवाईजर हेतु 370 प्रतिदिन की दरें अनुमन्य की गई थी। जबकि प्राधिकरण में पूर्व

में प्रचलित DSR System के अनुसार पूर्व में सफाईकर्मी हेतु 402 रूपये प्रतिदिन तथा सुपरवाईजर हेतु 475 रूपये प्रतिदिन

निर्धारित थी। इस तरह से सफाईकर्मियों को पारिश्रमिक में कमी होने के कारण सफाईकर्मियों द्वारा विरोध दर्ज कराया जा

रहा है। अतः जनहित में प्राधिकरण द्वारा पूर्व में प्रचलित दर के अनुसार सफाईकर्मी हेतु 402 रूपये प्रतिदिन तथा सुपरवाईजर

हेतु 475 रुपये प्रतिदिन करने का निर्णय लिया गया है। तद्नुसार अनुबन्ध में संशोधन किया जायेगा।

13. यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण द्वारा एक्सप्रेसवे के नजदीक ग्राम धौरऊ तहसील- एत्मादपुर जनपद आगरा में निराश्रित / बेसहारा गावश हेतु अस्थाई गौवंश आश्रय स्थल बनाये जाने का निर्णय लिया गया है। प्रथम चरण में गौशाला के निर्माण जिसमे मुख्यतः स्वस्थ गौवंश हेतु आश्रय स्थल, बीमार एवं वृद्ध गौवंश आश्रय स्थल, नन्दी हेतु आश्रय स्थल, भूसा शैड व चारे हतु स्टोर, पशु चिकित्सक / साइट ऑफिस, बेरिकेटिंग आदि के कार्य पर 513 करोड रूपये का सम्भावित व्यय आयेगा तथा दूसरे चरण में सौलर लाईट व सोलर सिस्टम का कार्य सोलर पम्प, गौशाला का रखरखाय आदि पर 158 करोड़ का सम्भावित व्यय जायेगा।

14. यमुना एक्सप्रेसवे पर कसनावर द्वारा रोड सेफ्टी के अधीन करवाये जा रहे कार्यों के दृष्टिगत वित्तीय वर्ष 2022-23 में की यमुना एक्सप्रेसवे पर की जाने वाली यात्राओं के लिये अधिरोपित टोल दरों में वृद्धि की गई है। कशेसनायर द्वारा अपने पत्र दिनांक 28.02.2022 के माध्यम से वर्ष 2022-23 के लिये दोल वृद्धि शासन द्वारा जारी नोटिफिकेशन दिनांक 19.02:2010 तथा उoप्रo शासन द्वारा जारी नोटिफिकेशन दिनाक 07.01.2015 के क्रम में जारी किये जाने का अनुरोध किया गया। उल्लेखनीय है कि पूर्व में टोल दरें वर्ष 2018-2019 की प्रस्तावित दरों के आधार पर दिनांक 14.09.2021 में बढ़ाई गई। जब कशसनायर द्वारा अवगत कराया कराया गया है कि उनके द्वारा आई०आई०टी० दिल्ली के रोड सेफ्टी आडिट द्वारा दिये गये सुझाओं के अनुसार प्रस्तावित 22 कार्यों पर रू. 130.54 करोड़ की धनराशि का व्यय किया जा चुका है। इस वृद्धि से टू-व्हीलर श्री व्हीलर एवं रजिस्टर्ड ट्रैक्टर को अलग रखा गया है तथा कार, जीप वैन व हल्की मोटर वाहन की दर रू.250 / प्रति किलोमीटर से बढ़कर रू.2.650/ प्रति किलोमीटर, हल्के व्यवसायिक वाहन हल्के माल यान या मिनी बस की दर रु.3. 90/ प्रति किलोमीटर से बढ़कर रू.4.15/ प्रति किलोमीटर बस या ट्रक की दर रु.7.90 प्रति किलोमीटर से बढ़कर रू. 8. 45 / प्रति किलोमीटर, एच. सी. एम. ई. एम. ई. एम.ए.वी. तीन से छह पुरीय की दर रू.12.05 / प्रतिकिलोमीटर से बढ़कर रू.12. 190 / प्रतिकिलोमीटर, विशाल आकार वाहन / ओवर वाईज्ड वेहिकल सात या अधिक सुरीय की दर रू. 1555/ प्रतिकिलोमीटर से बढ़कर रू.16.80/ प्रतिकिलोमीटर हो जायेगी।

15.

महायोजना 2041 राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्रीय योजना बोर्ड द्वारा क्षेत्रीय योजना-2041 तैयार की जा रही है एवं अन्तराष्ट्रीय एयरपोर्ट के विकास शुरू होने के फलस्वरूप इस क्षेत्र औद्योगिक निवेश की अत्यधिक सम्भावनाओं के दृष्टिगत एवं इस क्षेत्र की महायोजना का रिव्यू करने की आवश्यकता हुयी। जिसके दृष्टिगत यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के जनपद गौतमबुद्ध नगर एवं बुलन्दशहर के अधिसूचित क्षेत्र हेतु महायोजना 2041 को तैयार किये जाने का कार्य ई-टेन्डर के माध्यम से परामर्शदाता संस्था M/s MARS Planning & Engineering Services Pvt. Ltd. को आवंटित किया गया। परामर्शीदायी संस्था द्वारा पिछली 73वीं बोर्ड बैठक में प्रस्तुतीकरण किया गया था। बोर्ड बैठक में प्राप्त सुझाओं के आधार पर M/s MARS Planning & Engineering Services Pvt. Ltd. द्वारा संशोधित ड्राफ्ट रिपोर्ट दी गई, जिसे बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया। महायोजना 2041 की ड्राफ्ट रिपोर्ट के अनुसार संस्था द्वारा कुल 35.51 लाख जनसंख्या तथा कुल 32167 हैक्टेयर अर्बनाइजेबल एरिया प्रस्तावित किया गया है। महायोजना 2041 की Salient features निम्नवत है

a. Create an appropriate urban form for the Greenfield city. h. Provide adequate space for airport city side development

c. Balanced regional development and conformity with regional plan

d. Provision of high containment ratio to control traffic demand within the city limits.

e Sustainable development of a new planned Greenfield city along with surrounding urban centres. Flexibility in land use to respond to dynamic and evolving market conditions.

f. Prioritization of affordable housing for industrial workers

Page6

g Integration of public transport system through Metro Neo, buses, NMT, cycle track, pedestrian pathway

and IPT h. “Image of the City:” City level CBD with world-class infrastructure along with iconic pedestrian promenade

i. Facilities and movement of heavy industrial traffic through peripheral road.

j. Logistics facilities near airport to cater to industrial demand k. Integration of existing villages:

J. Green buffer along water bodies and canals.

Proposed Land Use : Depending upon the concept various densities were analysed and accordingly proposed land use was formulated. The land use proposed is based on the population projected for the year 2041 and a concept of multiple land use was introduced as a part of airport city development with reference to the case study of Rajiv Gandhi international airport of Hyderabad-Telangana. The total planning area of YEIDA phase-I is 58397 ha (583.9 Sq. km), out of which 32,167 ha of land is urbanisable area. The table shows the proposed land (use for master plan 2041.

Landuse Residential

Area (Ha) %%

Residential

6394 1654

19.88

Village Abadi within Developable area:

5.14

Village Extension

1009 1113

3.14

Commercial

Commercial Wholesale

3.461

15

0.05

CBD

480

1.49

Industry

Industry

6381

19.84

Multiple Landuse Industry

933 2069

2.90 6.43

Institute

Institute Facility

452

1.40

Multiple Landuse

Multiple Landuse Hospitality

644

2.00

Mixed use

1045 1143

3.25

SDZ

SDZ

3.55

Transportation

Transport Facilities

765

2.38

Roads

3314

20.30

Greens

Recreational Greens

1409

4.38

Park & Green Belt

3009 340

9.35 1.061

Waterbody

Ponds, Nala, Canal

Urbanisable Area (A)

32167

100

Airport

4752

16.8

Village Abadi out side developable area Village Buffer out side developable area

1005 1065

3.56

3.77

Remaining Non

19408

urbanisable area

Other Area (B) Grand Total (A+B)

26230 58397

100उपरोक्त के अतिरिक्त महायोजना में 30 मीटर चौड़े महायोजना मार्ग से लेकर 130 मीटर चौडी महायोजना मार्ग प्रस्तावित

किये गये है तथा अध्याय 12 के रूप में जोनिंग रेगुलेशन को सम्मिलित किया गया है। प्राधिकरण बोर्ड के अनुमोदनोपरान्त जनसामान्य से आपत्ति / सुझाव आमंत्रित किये जाने की कार्यवाही की जायेगी। 18. लॉजिस्टिक पार्क टप्पल-बाजना नगरीय केन्द्र के अन्तर्गत परामर्शदाता संस्था Deloitte Touche Tohmatsu India LLP द्वारा अवगत किया गया कि उक्त क्षेत्र नगर पंचायत टप्पल के अन्तर्गत अधिसूचना दिनांक 20.12.2020 के माध्यम से अधिसूचित किया गया है। जबकि टप्पल का यह क्षेत्र वर्ष 2001 से ही यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास

क्षेत्र में अधिसूचित है। टप्पल नगर पंचायत के गठन के सम्बन्ध में प्राधिकरण की अनापत्ति हेतु यमुना एक्सप्रेसवे

प्राधिकरण से कोई पत्राचार नहीं किया गया भी नही किया गया। टप्पल-बाजना अर्बन सेन्टर की महयोजना में टप्पल

नगर पंचायत के ओवरलैप हो रहे क्षेत्र को टप्पल नगर पंचायत से डिनोटिफाई कराये जाने हेतु प्राधिकरण द्वारा पत्र

दिनांक – 29.10.2021 तथा पत्र दिनांक 19.01.2022 के माध्यम से नगर विकास विभाग उ0प्र0 शासन से अनुरोध किया गया। साथ ही सन्दर्भित प्ररकण को प्राधिकरण की 73वीं बोर्ड बैठक दिनांक 26.04.2022 में संचालक मण्डल के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जिसके सन्दर्भित प्रकरण में औद्योकि विकास विभाग के स्तर से भी नगर विकास विभाग से अनुरोध किये जाने हेतु औद्योगिक विकास विभाग को पत्र दिनांक 27.04.2022 प्रेषित किया गया। प्राधिकरण की 73वीं बोर्ड बैठक दिनांक 26.04.2022 में संचालक मण्डल द्वारा टप्पल-बाजना अर्बन सेन्टर की महायोजना के मिश्रित भू–उपयोग के टप्पल नगर पंचायत से बाहर पड़ने वाले क्षेत्र (ग्राम- डोरपुरी व स्यारौल के अन्तर्गत पड़ने वाले क्षेत्र – क्षेत्रफल लगभग 160 हैक्टेयर) में लाजिस्टिक पार्क की स्थापना हेतु डी०पी०आर० तैयार करने की कार्यवाही कराये जाने का निर्णय लिया गया। जिसके क्रम में संस्था को निर्देशित किया गया। सस्था द्वारा सन्दर्भित क्षेत्र में लॉजिस्टिक मैं पार्क की स्थापना हेतु दिनांक-05 07.2022 को प्रस्तुतीकरण किया गया। जिसमें संस्था द्वारा मिश्रित भू उपयोग की उक्त साइट को 03 भागों A.BC के रूप में विभक्त करते हुये विकास हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। संस्था को प्रस्तुतीकरण में IRR Payback Period, Concession Period, Color Coding and Different Activities के सम्बन्ध में आवश्यक संशोधन कर संशोधित DPR उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये। संस्था द्वारा दिनांक 16.08.2021 को लॉजिस्टिक पार्क हेतु ड्राफ्ट डी०पी०आर० उपलब्ध करायी गयी है। ड्राफ्ट डी०पी०आर० में Salient features निम्नवत

Project Cost

The total cost of the development of the MMLP at Tappal Baina Urban Centre shall be INR 1,040 crores

Item

Cost of land Mixed Land Use

Cost (in INR Cr)

256

203

2

27

Cost of development of MMLP

Core logistics facilities including warehouses, railway siding, platforms, container handling

area, CFS, and silos

Support logistics facilities such as truck terminal including development of bays and

parking area

Other support infrastructure including office space, gate complex and TXR facility

Construction of road circulation area and open space

Laying of utilities

34 42

10

80

Equipment Bagging Plant and Pneumatic Pipe

20

193

170

Development of offices on institutional land area

Land Filling and Development

Development of residential building

Development of hotels/lodging services and retail stores

प्राधिकरण बोर्ड से अनुमोदनोपरान्त Guidelines for Selection of Consultants & Developers for PPP Projects in Uttar Pradesh 2016 के अनुसार डी०पी०आर० को अग्रिम कार्यवाही हेतु उत्तर प्रदेश शासन को सन्दर्भित किया

जायेगा।

17. नोएडा इन्टरनेशनल एयरपोर्ट तक एयरपोर्ट मेट्रो परियोजना नौएडा इन्टरनेशनल एयरपोर्ट से मैट्रो कनेक्टिविटी के प्रकरण में फिजिबिल्टी रिपोर्ट दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन से तैयार करवाकर फंडिग पैर्टन के सम्बन्ध में निर्णय लिये जाने हेतु उत्तर प्रदेश शासन को प्रेषित की गई। प्रकरण में शासन स्तर विचार-विमर्श के दौरान यह मत स्थिर हुआ कि उक्त प्रस्तावित मेट्रो लाइन में स्टेशन की संख्या को कम रखा जाये तथा गति 120 किमी0 / घण्टा रखी जाय

जिसकी प्रस्तावित मेट्रो लाईन को एयरपोर्ट मेट्रो में कन्वर्ट किया जा सके। साथ ही साथ इस भविष्य मे शिवाजी (स्टेशन, दिल्ली से आई0जी0आई0 एयरपोर्ट दिल्ली तक चलने वाली एयपोर्ट मेट्रो से जोड़े जाने के लिए आवश्यक तकनीकी बिन्दुओ का भी परीक्षण करा लिया जाये इस सम्बन्ध मे Airport Metro की Second Feasibility Report एवं DPR, M/s D.M.R.C से तैयार कराये जाने के सम्बन्ध मे अग्रतर कार्यवाही हेतु भी मत स्थिर किया गया।

उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के कम में ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क से नोएडा इन्टरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर तक के प्रस्तावित मेट्रो की डी०पी०आर० तैयार किये जाने हेतु तथा ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क से नई दिल्ली तक मेट्रो परियोजना की फिजिबिल्टी स्टडी तैयार किये जाने हेतु प्राधिकरण एवं संस्था मैसर्स डी०एम०आर०सी० के मध्य दिनांक- 02/09/2021 को अनुबन्ध हस्ताक्षरित किया गया। संस्था के साथ किये गये अनुबन्ध के अनुसार संस्था को ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क से नोएडा इन्टरनेशनल एयरपोर्ट तक (Task-1) की मेट्रो परियोजना की डी०पी०आर० तैयार कराये जाने व नॉलेज पार्क से नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन तक (Task-11) तकनीकी फिजिबिल्टी स्टडी का कार्य किया जाना है। Task -1 व Task II हेतु उपलब्ध करायी गयी ड्राफ्ट रिपोर्ट का विवरण निम्नवत है:A. Noida International Airport (NIA) to Gr. Noida KP-II की डी०पी०आर० के सम्बन्ध में विवरण नौएडा इन्टरनेशनल एयरपोर्ट से ग्रेटर नौएडा के नॉलेज पार्क तक एयरपोर्ट मेट्रो की डी०पी०आर० जिसमें कुल लागत (At July 2022 Price Level) 6326:29 करोड रूपये (टैक्स सहित) आंकलित हुयी है तथा उक्त परियोजना की FIRR 1.75 आंकलित हुयी है। तदानुसार डी०पी०आर० का अनुमोदन प्राप्त किया जाना है। इस रूट पर 07 स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिनमें से एक अण्डरग्राउण्ड होगा। इसकी अधिकतम स्पीड 135 के0एम0पी0एच0 होगी तथा ऑपरेशनल स्पीड 120 के०एम०पी०एच० रहेगी।

B. Gr. Noida KP-II to New Delhi Railway station की तकनीकी फिजिबिल्टी स्टडी के सम्बन्ध में विवरण संस्था दिल्ली मैट्रो रेल कॉरपोरेशन द्वारा ईमेल दिनांक 01.08.2022 के माध्यम से Task-II: Feasibility study for extension of the corridor from Gr.Noida KP-II to New Delhi Railway station Draft Feasibility report उपलब्ध करायी गयी। Gr. Noida KP-II to New Delhi Railway station हेतु उपलब्ध करायी गयी। ग्रेटर नौएडा के नॉलेज पार्क से नई दिल्ली स्टेशन तक मेट्रो परियोजना की फिजिबिल्टी स्टडी के अनुसार परियोजना की कुल लागत (At July 2022 Price Level) रूपये 7630 करोड़ रूपये (टैक्स सहित) आंकलित हुयी है। उक्त तकनीकी फिजिबिल्टी रिपोर्ट का अनुमोदन प्राप्त किया जाना है। इस रूट पर कुल 04 स्टेशन (न्यू अशोक नगर, ओखला बर्ड सेन्चुरी, नौएडा सैक्टर-142 में तथा अण्डरग्राउण्ड दिल्ली गेट) प्रस्तावित हैं जिनमें से एक अण्डरग्राउण्ड होगा। इसकी अधिकतम स्पीड 135 के०एम०पी०एच० होगी तथा ऑपरेशनल स्पीड 120 के०एम०पी०एच० रहेगी।

प्राधिकरण बोर्ड द्वारा नोएडा इन्टरनेशनल एयरपोर्ट से ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-1 तक एयरपोर्ट मेट्रो की डी०पी०आर० तथा नॉलेज पार्क ॥ से नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन तक की तकनीकी फिजिबिल्टी रिपोर्ट अनुमोदित की गई। साथ ही नॉलेज पार्क 2 से नई दिल्ली मैट्रो स्टेशन तक एयरपोर्ट मैट्रो परियोजना की डी०पी०आर० तैयार करवाने के निर्देश दिये गये।

18. Personalized Rapid Transit (PRT) प्राधिकरण के सैक्टर-21 में प्रस्तावित फिल्म सिटी से नॉएडा इन्टरनेशनल एयरपोर्ट तक Personalized Rapid Transit (PRT) की फिजिबिल्टी स्टडी व डी०पी०आर० तैयार कराये जाने हेतु इंण्डियन पोर्ट रेल एंड रोपवे कारपोरेशन लिमिटेड को कंसलटेन्ट नियुक्त किया गया था। संस्था द्वारा नौएडा इन्टरनेशनल एयरपोर्ट से प्रस्तावित अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म सिटी तक Green, Clean, Efficient & Sustainable Public Transport उपलब्ध कराने के उद्देश्य से Personalized Rapid Transit System परियोजना के विकास हेतु डी०पी०आर० प्रस्तुत की गयी है। जिसके अनुसार PRT Corridor नॉएडा इन्टरनेशनल एयरपोर्ट से शुरू होकर 14.6 किलोमीटर लम्बाई व कुल 12 स्टेशन के साथ सैक्टर-29 (Handicraft Park, MSME Park, Apparel Park) सैक्टर-32 (Industrial Units) सैक्टर-33 (Toy) Park & Industrial Unit) से होते हुये सैक्टर-21 में प्रस्तावित अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म सिटी तक प्रस्तावित है। डी०पी०आर०

के अनुसार इस कॉरिडोर की कुल लेन्थ 14.6 किलोमीटर प्रस्तावित है, इसमें 12 स्टेशन प्रस्तावित किये गये हैं, परियोजना की लागत लगभग 641.53 करोड़ रूपये आयेगी तथा इसमें कशेसन पीरियड 35 वर्ष का रखा गया है। प्राधिकरण बोर्ड से अनुमोदनोपरान्त Guidelines for Selection of Consultants & Developers for PPP Projects in Uttar Pradesh 2016 के अनुसार डी०पी०आर० को अग्रिम कार्यवाही हेतु उत्तर प्रदेश शासन को सन्दर्भित किया जायेगा।

19. मेडिकल डिवाईस पार्क

औषध विभाग, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के सैक्टर-28 में मेडिकल डिवाईस पार्क की स्थापना हेतु पत्र दिनांक 04 जनवरी, 2022 द्वारा “Final Approval” (with Observations/Directions) प्रदान किया गया। वाणिज्य विभाग, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी कार्यालय ज्ञाप दिनांक 18.04.2022 के क्रम में सक्षम स्तर से अनुमोदनोपरान्त Export Promotion Council for

Medical Devices (EPCMD) की स्थापना हेतु प्रस्ताव यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण द्वारा भारत सरकार को पत्र दिनांक:

13.07.2022 द्वारा प्रेषित किया गया था। इसमें मुख्य रूप से प्राधिकरण द्वारा परियोजना हेतु रू.3.00 करोड़ सीडमनी (अंश

धनराशि दिये जाने प्राधिकरण द्वारा कार्यालय स्थापित किये जाने हेतु 5000 वर्गफुट भूमि निःशुल्क उपलब्ध कराये जाने के

सम्बन्ध में प्रस्ताव तथा ई.पी.सी. भवन के बनकर तैयार होने तक प्राधिकरण के अपने कार्यालय भवन में स्टॉफ सहित बैठने

की व्यवस्था करने से सम्बंधित प्रस्ताव थे। भारत सरकार के वाणिज्य विभाग द्वारा दिनांक 04 अगस्त, 2022 को मेडिकल

डिवाईस पार्क से सम्बन्धित हितधारकों (stakeholders) को Export Promotion council (EPC) की स्थापना के सम्बन्ध में यीडा द्वारा प्रेषित प्रस्ताव को स्वीकृत किया गया।

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