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यूपी में मुख्यमंत्री कमांड सेंटर और सीएम डैशबोर्ड शुरू, प्रदेश के 93 विभागों पर रहेगी नजर, फील्ड अफसरों की तय होगी ग्रेडिंग

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-मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री कमाण्ड सेन्टर का उद्घाटन
तथा सी0एम0 डैश बोर्ड का शुभारम्भ किया

-मुख्यमंत्री कमाण्ड सेन्टर तथा सी0एम0 डैश बोर्ड के माध्यम से प्रदेश को विकास के नये विजन के साथ आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा, यह एक युगान्तरकारी घटना

-इसी से जनपदों तथा फील्ड में तैनात अधिकारियों की ग्रेडिंग भी तय होगी

-फील्ड में तैनात प्रत्येक अधिकारी अपने तैनाती स्थल पर ही निवास करें

-जब जनता में सन्तुष्टि होगी, तो फील्ड की टीम को डाटा
कैप्चर करने में सहूलियत होगी, यह दोनों एक दूसरे से जुड़े हुए

-मुख्यमंत्री ने जनपद मेरठ में आर0आर0टी0एस0 परियोजना, जनपद कानपुर में मेट्रो परियोजना, जनपद प्रयागराज में उच्च न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था तथा
जनपद चित्रकूट में जल जीवन मिशन की प्रगति के सम्बन्ध में अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की तथा उन्हें आवश्यक निर्देश दिये
लखनऊ , 31 जुलाई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश अनन्त सम्भावनाओं का प्रदेश है। इन सम्भावनाओं को जमीनी धरातल पर उतारने तथा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विजन के अनुरूप राज्य को देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनाने की दृष्टि से डाटा कलेक्शन आज की आवश्यकता है। आज का दिन उत्तर प्रदेश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। आज मुख्यमंत्री कमाण्ड सेन्टर तथा सी0एम0 डैश बोर्ड के शुभारम्भ के माध्यम से प्रदेश को विकास के नये विजन के साथ आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। यह एक युगान्तरकारी घटना है।
मुख्यमंत्री जी आज यहां श्री लाल बहादुर शास्त्री भवन (एनेक्सी) में मुख्यमंत्री कमाण्ड सेन्टर के उद्घाटन तथा सी0एम0 डैश बोर्ड के शुभारम्भ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। मुख्यमंत्री जी ने बटन दबाकर सी0एम0 डैश बोर्ड का शुभारम्भ करते हुए कहा कि पहले विभिन्न विभागों द्वारा किये जा रहे कार्यों तथा उनकी प्रगति के सम्बन्ध में डाटा कलेक्शन न होने के कारण प्रदेश में हुए विकास कार्यां की सही जानकारी नहीं हो पा रही थी। वर्तमान सरकार ने इस सम्बन्ध में सही डाटा कैप्चर करने की शुरुआत की। जिससे प्रदेश की सही और अच्छी स्थिति सामने आयी। नीति आयोग द्वारा इसकी प्रशंसा की गयी। विगत एक वर्ष में मुख्यमंत्री कार्यालय तथा नियोजन विभाग ने मिलकर इसके लिए कार्य प्रारम्भ किये, जिसके परिणाम सबके सामने हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि मुख्यमंत्री कमाण्ड सेन्टर तथा सी0एम0 डैश बोर्ड की स्थापना के पीछे डाटा कैप्चर करना तथा उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को अग्रसर करने के लिए शुरु हुए प्रयासों में गति लाना है। साथ ही, आम जनमानस की संतुष्टि को भी इससे जोड़ना है। उनकी समस्याओं के समाधान के लिए तकनीक का प्रयोग करना है। अब हम जनपद की हर एक गतिविधि को मॉनीटर कर सकते हैं। तकनीक आज बहुत तेज हो चुकी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि देश के 112 आकांक्षात्मक जनपदों में उत्तर प्रदेश के 08 जनपद प्रगति में सबसे नीचे थे। प्रदेश सरकार ने नीति आयोग के पैरामीटर के अनुसार जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से कार्य करते हुए डाटा कैप्चर किये। परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश के 06 आकांक्षात्मक जनपद अच्छा प्रदर्शन करने वाले देश के टॉप-10 जनपदों में शामिल हुए। टॉप-20 जनपदां में उत्तर प्रदेश के सभी 08 जनपद शामिल हुए। इस दिशा में उत्तर प्रदेश ने लम्बी छलांग लगायी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश विगत 06 वर्षों में बीमारू राज्य की छवि से उभरा है। प्रदेश के बारे में लोगों की धारणा बदली है। इसके लिए प्रदेश में व्यापक कार्य किये गये हैं। जब हम केवल परिकल्पना में विश्वास करते हैं, तो सबसे पीछे खड़े होते हैं। अपने पुरुषार्थ पर विश्वास कर तथा उसे परिश्रम से जोड़कर ही हम अग्रणी राज्यों की श्रेणी में खड़े हो सकते हैं। देश में 500 विकास खण्डों को आकांक्षात्मक विकास खण्ड के रूप में चयनित कर उनके विकास का अभिनव कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसमें उत्तर प्रदेश के 100 विकास खण्डों की प्रगति सबसे अच्छी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के विकास का ग्रोथ इंजन बनने की ओर आगे बढ़ रहा है। इस दृष्टि से प्रदेश के 53 विभागों को सी0एम0 डैश बोर्ड से जोड़ा गया है। प्रदेश के सभी 93 विभागों को चरणबद्ध रूप से डैश बोर्ड से जोड़ा जाएगा। यह फील्ड के अधिकारियों का दायित्व है कि जो डाटा कैप्चर किये जा रहे हैं, वे सही, शुद्ध, सुव्यवस्थित तथा समयबद्ध हों। डाटा में किसी भी प्रकार की हेरा-फेरी नहीं होनी चाहिए। हमें एक स्वस्थ्य प्रतिस्पर्धा को आगे बढ़ाना है। मुख्य सचिव द्वारा इनकी पाक्षिक समीक्षा तथा मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा प्रतिमाह समीक्षा की जाएगी। इसी से जनपदों तथा फील्ड में तैनात अधिकारियों की ग्रेडिंग भी तय हो जाती है। इससे यह भी पता चल जाता है कि किस क्षेत्र में मेहनत करने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हम तकनीक से कितने ही परिपूर्ण हो जाएं, लेकिन हमें सबसे सटीक जानकारी कॉमनमैन से ही मिलती हैं। राज्य सरकार में ह्यूमन इंटेलिजेन्स के साथ ही, आई0जी0आर0एस0 तथा सी0एम0 हेल्पलाइन के माध्यम से मामलों के क्वॉलिटी के साथ निस्तारण का मैकेनिज्म है। इसके माध्यम से एक डाटा बेस प्राप्त होता है। जनता दर्शन में उनके पास प्रदेश के विभिन्न जनपदों से लोग अपनी समस्याओं के निस्तारण के लिए आते हैं। ये समस्याएं जनपद, तहसील, थाने स्तर की तथा सम्बन्धित विभागों की होती हैं। यह ह्यूमन इंटेलिजेन्स विभागों की कार्य प्रणाली की जानकारी का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम हैं। जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान होना चाहिए। किसी समस्या के निस्तारण का तात्पर्य शिकायतकर्ता की संतुष्टि है। यदि शिकायत सही है, तो उसे अनावश्यक न लटकाया जाए, बल्कि उनका समयबद्ध निस्तारण किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश संगठित अपराध के लिए कुख्यात था। आज प्रदेश में संगठित अपराध नहीं है, लेकिन पारिवारिक विवाद होते हैं। इनमें जमीन से सम्बन्धित विवाद ज्यादा होते हैं। राजस्व विभाग की टीम को सक्रिय करके ईमानदारी और शुचितापूर्ण तरीके से इनके समाधान का रास्ता हमें निकालना होगा। प्रत्येक तहसील, थानें तथा विकासखण्ड में शिकायतकर्ता का रजिस्टर तैयार होना चाहिए। उसमें शिकायत के आधार का उल्लेख होना चाहिए। पीड़ित को बार-बार कार्यालय आने की नौबत नहीं होनी चाहिए। जोन, मण्डल तथा जनपद के अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि वे स्वयं तथा उनके अधीनस्थ अधिकारी नियमित रूप से प्रतिदिन एक घण्टा जनता की समस्याओं की सुनवाई के लिए नियत करें। इसकी जानकारी प्रेस को दी जाए। मेरिट के आधार पर उनकी समस्या का समाधान करें। उनके मन में संतुष्टि का भाव होना चाहिए। उन्हें अपनी समस्या के समाधान के लिए लखनऊ या किसी अन्य स्थान पर जाने की आवश्यकता नहीं पड़नी चाहिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सभी अधिकारी सेवा के अभियान से जुड़े हैं। वे सभी प्राथमिकता के आधार पर आमजनता की समस्याओं का समाधान करें। मण्डलायुक्त तथा जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि फील्ड में तैनात प्रत्येक अधिकारी अपने तैनाती स्थल पर ही निवास करें, तभी हम विकास कार्यां को गति दे सकते हैं। लोगों की अपनी समस्याओं के समाधान के लिए उनके पास आने की स्थिति नहीं बनने देनी चाहिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जब हम किसी घटना को नजरअंदाज करते हैं, तो वह हमारी कमजोरी बन जाती है। टालने की आदत समस्या को जन्म देती है, इससे बचना होगा। जन सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करके तथा कानून को बन्धक बनाकर कोई आयोजन नहीं होना चाहिए, सभी आयोजन कानून के दायरे में ही होने चाहिए। इस सम्बन्ध में रेग्यूलेशन बनाना तथा उसे प्रभावी ढंग से लागू करना प्रशासन का कार्य है। वर्तमान में महिला सुरक्षा सबसे संवेदनशील मुद्दा है। महिला सुरक्षा के विरुद्ध कार्य करने वाले व्यक्तियों के साथ सख्ती से निपटना चाहिए। पॉक्सो तथा महिलाओं से जुड़े अपराधों के सम्बन्ध में जिला मॉनीटरिंग की बैठक नियमित रूप से होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जिलाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक यह सुनिश्चित करें कि तहसील, विकास खण्ड तथा थानों में सामान्य व्यक्ति की बात सीधे सुनी जाए, कोई मध्यस्थ न हो। किसी भी व्यक्ति की समस्या का त्वरित समाधान हो, उसे टाला ना जाए। जब जनता में सन्तुष्टि होगी, तो फील्ड की टीम को डाटा कैप्चर करने में सहूलियत होगी। यह दोनों एक दूसरे से जुड़े हुए हैं।
मुख्यमंत्री जी ने अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव तथा जनपद के अधिकारियों से समयबद्ध तरीके से सही डाटा ‘सी0एम0 डैशबोर्ड’ पर उपलब्ध कराने की अपेक्षा करते हुए कहा कि इससे जनपद की सही ग्रेडिंग हो सकेगी।
मुख्यमंत्री जी ने जनपद मेरठ में आर0आर0टी0एस0 परियोजना, जनपद कानपुर में मेट्रो परियोजना, जनपद प्रयागराज में उच्च न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था तथा जनपद चित्रकूट में जल जीवन मिशन की प्रगति के सम्बन्ध में अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की तथा उन्हें आवश्यक निर्देश भी दिये। उन्होंने कहा कि जनपद मेरठ में आर0आर0टी0एस0 परियोजना देश की पहली ऐसी परियोजना है। यह ईज ऑफ डूइंग बिजनेस का भी हिस्सा है। इस परियोजना को सुरक्षा के मानकों का ध्यान रखते हुए समय पर पूरा किया जाए।
उच्च न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री जी ने कहा कि न्यायिक अधिकारियों तथा बार एसोसिएशन के सदस्यों को विश्वास में लेकर कार्य करें। प्रदेश में स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन हो चुका है, वर्तमान में इसकी छः बटालियन कार्यशील हैं। यह लोक भवन तथा एयरपोर्ट को सुरक्षा दे रही हैं। उच्च न्यायालय की सुरक्षा के लिए भी स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स के विस्तारीकरण की कार्यवाही की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जल संरक्षण के लिए तीन वर्ष पूर्व रूफटॉप रेन वॉटर हार्वेस्टिंग का चित्रकूट मॉडल प्रारम्भ किया गया था। जिन कुँओं अथवा हैण्डपम्पों से पानी निकलना बन्द हो गया है, उनका उपयोग रेन वॉटर हार्वेस्टिंग के लिए किया जा सकता है। बुन्देलखण्ड क्षेत्र में सरफेस वॉटर की कमी नहीं है, उसका उचित नियोजन आवश्यक है। बुन्देलखण्ड क्षेत्र में हर घर में शुद्ध पाइप्ड पेयजल पहुंचाने के लिए समयबद्ध रूप से कार्य किए जाएं, इसकी साप्ताहिक तथा पाक्षिक समीक्षा जनपद/कमिश्नरी स्तर पर की जाए। पाइप बिछाने के लिए जिन सड़कों को खोदा जाए, उनके रखरखाव की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था पर है।
कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्रीद्वय श्री केशव प्रसाद मौर्य व श्री ब्रजेश पाठक, वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, मुख्य सचिव श्री दुर्गा शंकर मिश्र तथा अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री श्री एस0पी0 गोयल ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।
ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री कमाण्ड सेण्टर तथा सी0एम0 डैशबोर्ड का उपयोग विभिन्न विभागों में सेवाओं/योजनाओं/परियोजनाओं में विभिन्न स्तरों के अधिकारियों द्वारा किये जा रहे कार्यां का अनुश्रवण सर्वाच्च स्तर से किये जाने हेतु किया जाएगा। सरकार की समस्त परियोजनाओं में विभिन्न स्तर के अधिकारियों के मूल्यांकन हेतु एक इण्टीग्रेटेड पोर्टल के रूप में सी0एम0 डैशबोर्ड की स्थापना की गयी है, इसके माध्यम से डाटा आधारित गुणवत्तापूर्ण अनुश्रवण प्रणाली का विकास किया गया है। डैशबोर्ड पर 53 विभागों के कुल 588 प्रोजेक्ट इण्टीग्रेट किये जा चुके हैं।
इस अवसर पर जल शक्ति मंत्री श्री स्वतंत्र देव सिंह, नगर विकास मंत्री श्री ए0के0 शर्मा, पुलिस महानिदेशक श्री विजय कुमार, सलाहकार मुख्यमंत्री श्री अवनीश कुमार अवस्थी, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, गृह एवं सूचना श्री संजय प्रसाद, सूचना निदेशक श्री शिशिर, अपर निदेशक सूचना श्री अंशुमान राम त्रिपाठी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम से सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव सहित जनपदों के प्रशासन एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे।

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