नोएडा, (नोएडा खबर डॉट कॉम)
नोएडा लोक मंच की टीम महासचिव महेश सक्सेना के नेतृत्व में नेपाल-चीन सीमा के निकट हाइड्रोपावर परियोजना क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ के पीड़ितों तक पहुंच गई है। टीम में कुशाग्र अवस्थी, विनीत गर्ग व सौरभ द्विवेदी शामिल हैं।
संगठन के अनुसार, झील और सुरंग फटने के बाद आई बाढ़, मलबे और कीचड़ ने पूरे इलाके को तबाह कर दिया। महेश सक्सेना के नेतृत्व वाली टीम ने बचे हुए लोगों से मुलाकात की। इनमें श्री दावा तामांग भी शामिल हैं, जो अपनी दो वर्ष की बेटी के साथ छह घंटे से अधिक समय तक मिट्टी और मलबे में फंसे रहे। इस त्रासदी में उन्होंने अपने परिवार के बाकी सदस्यों को खो दिया।
नेपाली सेना के सैन्य हेलीकॉप्टरों ने श्री तामांग समेत अन्य बचे लोगों को निकालकर काठमांडू के एक बौद्ध मठ में अस्थायी आश्रय दिया। नोएडा लोक मंच का कहना है कि प्रभावित क्षेत्र की आबादी करीब 1,100 थी, जिनमें से 120 से भी कम लोगों के जीवित बचने की जानकारी है। महासचिव महेश सक्सेना, कुशाग्र अवस्थी, विनीत गर्ग व सौरभ द्विवेदी ने मठ में बचे लोगों से मुलाकात कर जूते, तौलिये, रेनकोट, छाते, ट्रैकसूट और आवश्यक कपड़े जैसी राहत सामग्री उपलब्ध कराई।
शुक्रवार को महेश सक्सेना के नेतृत्व में टीम नेपाल सरकार और नेपाली सेना के सहयोग से उस प्रभावित गांव तक पहुंचेगी। संगठन के अनुसार, घटना के बाद अभी तक कोई भारतीय मीडिया टीम या विदेशी नागरिक उस दुर्गम गांव तक नहीं पहुंचा है। उद्देश्य बचे लोगों से सीधे मिलकर उनकी तत्काल जरूरतें समझना और सहायता पहुंचाने का रास्ता निकालना है।
नोएडा लोक मंच ने कहा कि यह प्रयास सीमाओं से परे मानवता के लिए है। टीम जमीनी स्थिति देश और दुनिया के सामने रखने का प्रयास करेगी।
