ब्रेकिंग न्यूज़: रजिस्ट्रार ने उत्तराखंड जनकल्याण परिषद नोएडा को कालातीत माना, एक माह में चुनाव कराने का आदेश

-जिला पूर्ति अधिकारी बने निर्वाचन अधिकारी, नीतिगत फैसले पर रोक

नोएडा,(नोएडा खबर डॉट कॉम)
सोसाइटी रजिस्ट्रार कार्यालय ने नोएडा स्थित उत्तराखंड जनकल्याण परिषद की वर्तमान प्रबंध समिति को कालातीत मानते हुए सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 की धारा 25(2) के तहत नए चुनाव कराने का आदेश दिया है। डिप्टी रजिस्ट्रार निखलेश राजन के आदेश में जिला पूर्ति अधिकारी, गौतमबुद्धनगर को निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया गया है। 29 अगस्त 2026 को जारी आदेश में चुनाव एक माह के अंदर कराने होंगे।

उल्लेखनीय है कि संस्था का पंजीकरण 8 अप्रैल 1985 को हुआ था। पंजीकृत संविधान के अनुसार कार्यकारिणी का कार्यकाल तीन वर्ष है। कार्यालय के अनुसार संस्था का पिछला निर्वाचन 25 अगस्त 2019 को हुआ था। इसलिए समिति 24 अगस्त 2022 तक ही विधिमान्य थी। इसके बाद समय पर विधिक चुनाव नहीं होने से वर्तमान प्रबंध समिति कालातीत मानी गई।

शिकायतकर्ता रामकृष्ण पंत और अन्य ने 29 जनवरी 2026 को शिकायत दी थी कि 24 अगस्त 2022 और उसके बाद 24 अगस्त 2025 तक चुनाव नहीं कराए गए। उन्होंने कहा कि वर्तमान पदाधिकारी अनाधिकृत रूप से निर्णय ले रहे हैं। बाद में 23 मार्च 2026, 1 अप्रैल 2026, 6 जून 2026 और 12 अगस्त 2026 को भी इसी आशय के पत्र दिए गए।

आरोप था कि अध्यक्ष हरीश पापने का अगस्त 2022 के बाद औपचारिक चुनाव नहीं हुआ।संस्था की ओर से सफाई दी गई कि कोरोना, प्राधिकरण की देनदारी और अन्य कारणों से चुनाव टले। 12 फरवरी 2023 की आमसभा में मौजूदा समिति को तीन वर्ष और बढ़ाने का प्रस्ताव पारित हुआ। संस्था ने यह भी कहा कि महासचिव माधवी की अस्वस्थता और निधन के बाद दायानंद को महासचिव, रविंद्र सिंह भावरी को सचिव और पंकज बेदवाल को सदस्य बनाया गया। 20 जनवरी 2026 की सभा में वर्तमान कार्यकारिणी को आगे भी बनाए रखने का निर्णय बताया गया।

रजिस्ट्रार कार्यालय ने अभिलेख मंगाने के कई पत्र भेजे। 7 फरवरी, 18 मार्च, 3 जून, 8 जुलाई और 26 जुलाई 2026 को संस्था से मूल रजिस्टर, सदस्यता सूची, रसीद बुक और बैंक पासबुक मांगी गई। संस्था समय पर पूरे दस्तावेज निर्धारित प्रारूप में नहीं दे सकी। नवीनीकरण आवेदन में चुनाव तिथि 12 दिसंबर 2023 दिखाई गई, लेकिन कार्यालय ने इसे संविधान के नियम 9 और 14 के अनुरूप विधिवत निर्वाचन नहीं माना।

आदेश में कहा गया है कि आमसभा से कार्यकाल बढ़ाने भर से वैध चुनाव नहीं हो जाता। संविधान के अनुसार पदाधिकारियों का चुनाव साधारण सभा से मतदान प्रक्रिया के जरिए होना चाहिए। चुनाव स्थगित करने पर भी कारण बताकर सभा बुलानी जरूरी है, जिसका विधिवत पालन नहीं पाया गया।नए चुनाव तक मौजूदा प्रबंध समिति को नीतिगत निर्णय नहीं लेने कहा गया है। आदेश की प्रति जिलाधिकारी, निर्वाचन अधिकारी, संस्था के अध्यक्ष-सचिव और शिकायतकर्ता रामकृष्ण पंत, बी-233, सेक्टर-19, नोएडा को भेजी गई है।

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