– आरोपी शीला कुमारी गिरफ्तार
नोएडा,(नोएडा खबर डॉट कॉम)
जब एक रिश्ते में भरोसा टूटता है और ईर्ष्या दिल में घर कर जाती है, तो नतीजा अक्सर विनाशकारी होता है। थाना फेस-2 पुलिस ने ऐसे ही एक दर्दनाक मामले का खुलासा कर यह संदेश दिया कि अपराध चाहे कितना भी छुपा हो, सच्चाई अंततः सामने आ ही जाती है। 5 अक्टूबर 2026 को ग्राम याकूबपुर में एक महिला का शव मिलने की सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुंची तो मृतका की पहचान मनीषा (जनपद कासगंज की रहने वाली) के रूप में हुई। घर के केयर टेकर की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ।
जब एक रिश्ते में भरोसा टूटता है और ईर्ष्या दिल में घर कर जाती है, तो नतीजा अक्सर विनाशकारी होता है। थाना फेस-2 पुलिस ने ऐसे ही एक दर्दनाक मामले का खुलासा कर यह संदेश दिया कि अपराध चाहे कितना भी छुपा हो, सच्चाई अंततः सामने आ ही जाती है। 5 अक्टूबर 2026 को ग्राम याकूबपुर में एक महिला का शव मिलने की सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुंची तो मृतका की पहचान मनीषा (जनपद कासगंज की रहने वाली) के रूप में हुई। घर के केयर टेकर की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ।
पोस्टमार्टम और साक्ष्यों के आधार पर मामले को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) (हत्या) में बदला गया।पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए गहन जांच की। 14 अक्टूबर को सेक्टर-88 के बीपीएल कट इलाके से वांछित आरोपी शीला कुमारी (लगभग 24 वर्ष, मूलतः कासगंज) को गिरफ्तार कर लिया गया। शीला घटना के समय याकूबपुर में ही रह रही थी।
पूछताछ में शीला ने बताया कि उसकी शादी 20 अप्रैल 2025 को नितिन से हुई थी। पति का मनीषा के साथ प्रेम संबंध था। पति के कहने पर वह मनीषा के साथ एक ही कमरे में रहने लगी। ईर्ष्या बढ़ती गई। 4 अक्टूबर को जब पति कासगंज चला गया, तो उसने मनीषा को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया। अगले दिन 5 अक्टूबर को उसने मनीषा का गला दबाकर हत्या कर दी और मौके से फरार हो गई।
यह कहानी हमें क्या सिखाती है?
प्रेम और विवाह में ईर्ष्या और अविश्वास अगर काबू से बाहर निकल जाए तो रिश्ते टूटते ही नहीं, जिंदगियां भी खत्म हो जाती हैं। शीला की कहानी चेतावनी है कि भावनाओं पर काबू रखना, बातचीत से समाधान निकालना और कानूनी रास्ता अपनाना हमेशा बेहतर होता है। हिंसा कभी समाधान नहीं होती।
प्रेम और विवाह में ईर्ष्या और अविश्वास अगर काबू से बाहर निकल जाए तो रिश्ते टूटते ही नहीं, जिंदगियां भी खत्म हो जाती हैं। शीला की कहानी चेतावनी है कि भावनाओं पर काबू रखना, बातचीत से समाधान निकालना और कानूनी रास्ता अपनाना हमेशा बेहतर होता है। हिंसा कभी समाधान नहीं होती।
पुलिस की तेज और प्रभावी कार्रवाई से यह भी स्पष्ट होता है कि कानून के हाथ लंबे हैं। आरोपी शीला कुमारी को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। मामला थाना फेस-2, कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में दर्ज है।
