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नोएडा, 24 जून,

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने गौतम बुद्ध नगर जिले के एक किसान संगठन किसान एकता संघ ने एक ऐसी मांग रखी है अगर योगी आदित्यनाथ ने वह मांग मान ली तो अफसरों के पसीने छूट जाएंगे सुनिए क्या मांग है संघ का कहना है 1976 से अब तक की नोएडा प्राधिकरण कीबोर्ड फैसला उसकी वेब साइट पर डाले जाएं इससे पता चलेगा कि अधिकारियों ने कैसे फैसले लिए और क्या उन्हें लागू किया गया। उन्होंने किसानों की 17 मांगें भी सीएम को लिखी हैं।

किसान एकता संघ के मीडिया प्रभारी राजेन्द्र चौहान ने बताया कि 1976 में नोएडा को जमीन देने वाले किसान अब भी समस्याओं से जूझ रहे हैं। उनकी समस्याओं में प्रमुख हैं

1-जिन गांवों में ग्राम पंचायतें खत्म कर दी गई है उन गांव में जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के लिए उचित सुविधा प्रदान की जाए क्योंकि ऑनलाइन पोर्टल नोएडा के लिए खुलता ही नहीं है।
2- नोएडा प्राधिकरण द्वारा 1976 में भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों का माननीय उच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित ₹28.12 प्रति वर्ग मीटर का प्रतिकर अधिग्रहण गजट अनुसार गांव में कैंप लगाकर वितरित किया जाए।
3- नोएडा के गांवों में प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के तहत सेटेलाइट द्वारा सर्वे कराकर नोएडा के गांवो का आबादी संबंधित निस्तारण किया जाए जब तकआबादी संबंधित निस्तारण नहीं हो जाता तब तक नोएडा का कोई भी अधिकारी गांव वासियों को अतिक्रमण के नाम पर अनैतिक रूप से परेशान ना करें।
4 – नोएडा के किसानों एवं मूल ग्रामीणों को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण व यमुना प्राधिकरण की तर्ज पर औद्योगिक इकाइयों, नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन व प्राधिकरण मे 50% कोटा निर्धारित कर नौकरियां दिलवाई जाएं।
5 -जिन सेक्टरों में मदर डेयरी एवं फल सब्जी इत्यादि या अन्य वाणीज्य भूखंड अलाट नहीं हुए हैं उन सभी प्लॉटों को किसानों को आवंटित किया जाए।
6 -औद्योगिक प्लाट आवंटन स्कीम में ग्रामीणों को 17.5 % का कोटा निर्धारित कर 200 मीटर से 500 मीटर तक के औद्योगिक प्लाट आवंटित किए जाएं।
7 -गांवो के निकट प्राधिकरण की खाली पड़ी भूमि या प्लाट में ग्रामीणों के लिए खेल का मैदान ,पार्क डिस्पेंसरी, लाइब्रेरी, जच्चा बच्चा केंद्र आदि का निर्माण कराया जाए।
8 -सभी प्राइवेट स्कूलों में प्राधिकरण द्वारा लीज डीड में निर्धारित ग्रामीण / किसान कोटे के तहत बच्चों का दाखिला सुनिश्चित कराया जाए तथा उसकी लिस्ट प्राधिकरण की वेबसाइट पर जारी की जाए।
9 -सेटेलाइट द्वारा नोएडा के सभी गांवो के आबादी नक्शे तैयार कर प्राधिकरण एवं भूलेख की साइड पर सार्वजनिक किये जाए।
10 -गांव छलेरा के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय/ उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित ₹449वर्ग गज का प्रीतिकर (मुआवजा) अधिग्रहण गजट अनुसार गांव में कैंप लगाकर एक समान नीति से सभी को वितरित किया जाए।
11 -सभी प्राइवेट अस्पतालों में प्राधिकरण की लीज डीड के अनुसार ग्रामीणों/ किसानों का इलाज निर्धारित कोटे के तहत फ्री किया जाए। तथा से अस्पतालों की वेबसाइट पर हुई अपडेट किया जाए।
12 -आवासीय भूखंड योजना 2011(1) में 1976 से 1997 तक के बाकी बचे हुए सभी किसानों को नोएडा दर ₹2950 पर प्लॉट आवंटित किए जाएं पिछली योजनाओं में लाभ ले चुके भारतीयों की जांच पिछले योजनाओं में आवंटित हुए प्लॉटों से जांच कराकर अवैध आवेदकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
13 -गांवो के बरात घरों का संचालन पूर्व की ही भांति ग्रामीणों को ही दिया जाए।
14-1976 से लेकर आज तक नोएडा प्राधिकरण द्वारा बोर्ड मीटिंगों को नोएडा प्राधिकरण अपनी वेबसाइट पर डाल कर सार्वजनिक करें।
15-जिस जमीन पर पक्षी विहार बना है उस जमीन को सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा अधिग्रहण किया गया था जो कि उस समय नोएडा प्राधिकरण का हिस्सा था उन सभी किसानों को उच्चतम न्यायालय के निर्णय अनुसार प्रतिकर कैंप लगाकर दिया जाए।
16- मैट्रो रेल मजेंटा लाइन पर अमेठी पब्लिक स्कूल सेक्टर 44 के पास मेट्रो स्टेशन बनाया जाए।

17-सेक्टर 142 मेट्रो स्टेशन से हाईवे पर फुटओवर ब्रिज बनाया जाए जिससे हाईवे के दूसरी तरफ वाले गांवो को सुविधा मिल सके।

उपरोक्त सभी समस्याएं किसानों, ग्रामीणों एवं जनहित से संबंधित है जिनकी वजह से नोएडा के किसान एवं ग्रामीण सालों से त्रस्त है उपरोक्त समस्याओं का समाधान कर आप नोएडा क्षेत्र के सभी किसानों एवं ग्रामीणों का भला करेंगे। ऐसी किसान एकता संघ आपसे कामना करता है।

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