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नोएडा प्राधिकरण के एफडी फ्रॉड केस में अब्दुल खादर गिरफ्तार, मन्नू पोला और राजेश की तलाश

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नोएडा, 7 जुलाई।

थाना सेक्टर-58 नोएडा पुलिस ने फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार कर नोएडा विकास प्राधिकरण की एफ0डी0 बनाकर 3 करोड़ 90 लाख रूपये बैंक ऑफ इंडिया नाम से स्वयं नोएडा विकास प्राधिकरण का कर्मचारी बताकर फर्जी खाता खोलवाकर स्थानांतरण कर धोखाधडी करने वाला एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। इस केस में दो अन्य अभियुक्त फरार हो गए हैं। उधर प्राधिकरण ने एफडी के लिए बैंक ऑफ इंडिया को दिए 200 करोड़ की रकम में से 196.10 करोड़ वापस ले लिए हैं बैंक ने 3.90 करोड़ भी जल्द लौटने का भरोसा दिया है।

एडीसीपी नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि दिनांक 07.07.2023 को थाना सेक्टर-58 नोएडा पुलिस द्वारा गोल चक्कर सेक्टर-62 से एक फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार कर प्राधिकरण की एफ0डी0 बनाकर 3 करोड़ 90 लाख रूपये स्थानांतरण कर धोखाधडी करने वाला एक अभियुक्त अब्दुल खादर पुत्र अब्दुल सत्तार को गिरफ्तार किया गया है।

विवरणः

वादी मुकदमा ने दिनांक 04.07.20223 को थाना सेक्टर-58, नोएडा पर रिपोर्ट अंकित करायी कि नोएडा विकास प्राधिकरण द्वारा अपने बैंक खातों में जमा धनराशि को अधिकत्तम ब्याज देने के आधार पर बैंक ऑफ इण्डिया सेक्टर-62 को 200 करोड़ रूपये की एफडी को स्वीकार किया गया। इस सम्बन्ध में दिनांक 21.06.2023 को बैंक खाता संचालन हेतु भी पत्र निर्गत किया गया। बैंक ऑफ इण्डिया सेक्टर-62 द्वारा अपने पत्र दिनांक 23.06.2023 एवं ई-मेल के द्वारा बैंक खाता खोले जाने की पुष्टि की गयी। तदोपरान्त प्राधिकरण द्वारा 100-100 करोड़ रूपये की धनराशि दिनांक 26.06.2023 को एचडीएफसी बैंक सेक्टर-18 शाखा एवं इण्डियन बैंक सेक्टर-61 के खातों से भेजकर उपरोक्त कुल धनराशि 200 करोड़ रूपये की एफडी बनाकर नोएडा प्राधिकरण को उपलब्ध कराने को कहा गया। इस संबंध में बैंक ऑफ इण्डिया द्वारा द्वारा 100-100 करोड़ रूपये की दो एफडी दिनांक 26.06.2023 की मूल प्रति को प्राधिकरण को उपलब्ध कराया गया।

दिनांक 03.07.2023 को बैंक ऑफ इण्डिया शाखा सेक्टर-62 द्वारा दिये गये एफडी की पुष्टि करने के लिये बैंक शाखा आया तो पता चला कि बैंक ऑफ इण्डिया द्वारा नोएडा प्राधिकरण के खाते में जमा धनराशि 200 करोड़ रूपये की एफडी नहीं बनवायी गयी थी बल्कि उस खाते से दिनांक 30.06.2023 को 3.90 करोड़ रूपये किसी अन्य खाते में ट्रांसफर कर दिया गया, प्राधिकरण के खाते में जमा धनराशि फ्रीज करते हुए बैंक शाखा द्वारा तत्काल 9 करोड़ रूपये के स्थानांतरण को रोक दिया गया तथा प्राधिकरण द्वारा जारी वित्त नियंत्रक महोदय एवं अधोहस्ताक्षरी के फर्जी हस्ताक्षर बनाये हुये प्रपत्र मिले तथा उनके मूल हस्ताक्षर वाले प्रपत्र बैंक में नहीं मिले तथा बैंक ऑफ इण्डिया शाखा सेक्टर-62 द्वारा दिनांक 26.06.2023 को उपलब्ध करायी गयी 100-100 करोड़ रूपये की दो एफडी भी फर्जी एवं कूट रचित बताया है तथा बैंक में प्राधिकरण द्वारा खोले गये खाते को अब्दुल खादर नामक व्यक्ति द्वारा संचालित करना बताया गया जिससे यह स्पष्ट होता है कि सम्बन्धित बैंक के कर्मियों द्वारा अज्ञात अभियुक्तों के साथ मिलकर फर्जी एवं कूटरचित प्रपत्र एवं एफडी तैयार करते हुये प्राधिकरण को गंभीर आर्थिक क्षति पहुंच गयी है। उक्त घटना के सम्बन्ध में थाना सेक्टर-58 पर मु0अ0सं0-256/2023 धारा 420, 467, 468, 471,120बी, 409 भादवि पंजीकृत किया गया जिसमें अभियुक्त अब्दुल खादर वांछित चल रहा था जिसे पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ का विवरणः

अभियुक्त अब्दुल खादर उपरोक्त ने पूछताछ पर बताया कि हम से बरामद आई कार्ड विजीटिंग कार्ड मोहर बरामद हुये है, यह मुझे मनुपोला ने बनवाकर दिये थे और नोएडा विकास प्राधिकरण के फर्जी कागज देकर विकास प्राधिकरण की एफडी के लिये खाता खोलने के लिये भेजा था मुझे 10 लाख रुपये देने को कहा था इसीलिये मैं लालच में आ गया था और मैने नोएडा विकास प्राधिकरण का अधिकारी बताकर बैंक में खाता खुलवाया है। खाता खुलवाने के बाद मैने मैनेजर से कहा हमारी एफडी बनाओ तो उन्होने 30 जून 2023 तक एफडी बनाने के लिए कहा बाद में मैं बैंक गया मैनेजर से बोला कि हमारे कान्ट्रेक्ट के लिए 3 लोगों के खाते खोलो हमें उनके खातों में पैसा ट्रान्जेक्शन करना है दिनांक 23.06.2023 को मैं मैनेजर से बोला था कि 200 करोड़ पैसा खाते में आ गया है। लेकिन विकास प्राधिकरण से पैसा 26.06.2023 को आया है। मन्नुपोला, राजेश मुझे बैंक में जैसा बोलने के लिए कहते मै जाकर मैनेजर से ऐसे ही बोलता था मैनेजर ने खाते खोलने में देरी करी तो मै बोला हमारे बहुत बैंक है हम पैसा दूसरे बैंक में ले जायेगें तुरन्त अभी। मैनेजर ने तीन करेन्ट अकाउन्ट कान्ट्रेक्टर के खोल दिये जिन खाता धारक को इन्ही लोगों ने मेरें साथ भेजा था मै ही बैंक मैनेजर के पास ले गया था दिनांक 30.06.2023 को खाते खोले तथा मेरे कहने के अनुसार तीनो खातों में बैक मैनेजर ने 30 तारीख को ही करीब 3 करोड़ 90 लाख रुपये आरटीजीएस के द्वारा डाल दिया तथा उस पैसे को उन खाता धारक ने बाहर के लोगों के कहने पर मन्नुपोला के द्वारा दिये गये खातों में ट्रान्सफर कर दिया बैंक मैनेजर खाते वेरीफिकेशन के लिए बोला मैं बोला था मैनेजर साहब वेरीफिकेशन में देरी हुई तो पैसा डिपार्टमेन्ट बोर्ड में चला जायेगा। उसके बाद दिनांक 01.07.2023 को मुझे मन्नुपोला व उसके अन्य साथियों ने बैंक भेजा तो बताया कि जाकर मैनेजर को बोला कि 3-3 करोड़ रुपये तीनों खातों में डालना है बैकं मैनेजर को देने के लिए पत्र भी दिया जो मैने बैंक मैनेजर को दिया था। बैंक मैनेजर ने कहा आज शनिवार है सोमवार 03.07.2023 को हो पायेगा। उसके बाद मै बैंक नहीं गया मुझे मन्नुपोला बोला बैंक वालों को शक हो गया है उधर नहीं जाने का। मैने कहा कि जो तीन करोड़ 90 लाख रुपये आपके पास आ गया है उसमें से मुझे मेरा हिस्सा दो मन्नु ने मुझे सेक्टर 62 के गोल चक्कर पर बुलाया था कि आ जाओ अपने हिस्से के पैसे ले जाओ कि तभी पुलिस द्वारा पकड़ लिया गया। प्रकरण में शामिल अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे है।

अभियुक्त का विवरणः

अब्दुल खादर पुत्र अब्दुल सत्तार निवासी म0नं0 13 3वी क्रास स्ट्रीट वेनकटा नगर पाण्डुचेरी।

अपराधिक इतिहास का विवरणः

मु0अ0सं0-256/2023 धारा 420, 467, 468, 471,120बी, 409 भादवि थाना सेक्टर-58, गौतमबुद्धनगर।बरामदगी का विवरणः

1.दो विजिटिंग कार्ड अब्दुल खादर नाम के NEW OKHLA INDUSTRIAL DEVENOPMENT AUTHORITY
2.एक मोहर FOR NOIDADEVENOPMENT AUTHORITY
3.दो Cash Withdrawal Slip बैंक आफ इण्डिया की
4.आधार कार्ड, पैन कार्ड व 05 पासपोर्ट साईज फोटो (अभियुक्त अब्दुल खादर की)

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