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गौतमबुद्ध नगर, 21 फरवरी।

भारतीय किसान यूनियन ने बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर किसानों की मांगों को लेकर ट्रैक्टर समय जुलूस निकाला और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन एडीएम को सौंपा। इसमे राष्ट्रपति से सभी के लिए आवास के साथ साथ निशुल्क शिक्षा, स्वास्थ्य व पानी की गारंटी मांगी। यूनिंयन नेताओं ने किसानों के मुद्दे राष्ट्रपति के पास भेजे।

राष्ट्रपति को दिए ज्ञापन के जरिये मांग की गई कि मूल्य वृद्धि पर नियंत्रण रखें, भोजन, दवाओं, कृषि-इनपुट और मशीनरी जैसी आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी हटाएं, पेट्रोलियम उत्पादों और रसोई गैस पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में काफी कमी करें। अन्य मांगों में

2. वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, दिव्यांग व्यक्तियों, खिलाड़ियों को रेलवे द्वारा कोविड के बहाने वापस ली गई रियायतें बहाल की जाएं।
3. खाद्य सुरक्षा की गारंटी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सार्वभौमिक बनाना।
4. सभी के लिए मुफ्त शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी और स्वच्छता के अधिकार की गारंटी। नई शिक्षा नीति, 2020 को रद्द करें।
5. सभी के लिए आवास सुनिश्चित करें।
6. वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) का कड़ाई से कार्यान्वयन, वन (संरक्षण) अधिनियम, 2023 और जैव-विविधता अधिनियम और नियमों में संशोधन वापस लें जो केंद्र सरकार को निवासियों को सूचित किए बिना जंगल की निकासी की अनुमति देते हैं। जोतने वाले को भूमि सुनिश्चित करें।
7. सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों, सरकारी विभागों का निजीकरण बंद करें और राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन (एनएमपी) को ख़त्म करें। खनिजों और धातुओं के खनन पर मौजूदा कानून में संशोधन करें और स्थानीय समुदायों, विशेषकर आदिवासियों और किसानों के उत्थान के लिए कोयला खदानों सहित खदानों से लाभ का 50 प्रतिशत हिस्सा सुनिश्चित करें।
8. बिजली (संशोधन) विधेयक, 2022 को वापस लें। कोई प्री-पेड स्मार्ट मीटर नहीं।
9. काम के अधिकार को मौलिक बनाया जाये। स्वीकृत पदों को भरें और बेरोजगारों के लिए रोजगार पैदा करें। मनरेगा का विस्तार और कार्यान्वयन (प्रति वर्ष 200 दिन और 600 रुपये प्रति माह मजदूरी)। शहरी रोजगार गारंटी अधिनियम बनायें।
10. किसानों को बीज, उर्वरक और बिजली पर सब्सिडी बढ़ाएं, किसानों की उपज के लिए एमएसपी सी2$50 की कानूनी गारंटी दें और खरीद की गारंटी दें। किसानों की आत्महत्याओं को हर कीमत पर रोकें।
11. कॉर्पोरेट समर्थक पीएम फसल बीमा योजना को वापस लें और जलवायु परिवर्तन, सूखा, बाढ़, फसल संबंधी बीमारियों आदि के कारण किसानों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए सभी फसलों के लिए एक व्यापक सार्वजनिक क्षेत्र की फसल बीमा योजना स्थापित करें।
12. सभी कृषक परिवारों को कर्ज के जाल से मुक्त करने के लिए व्यापक ऋण माफी योजना की घोषणा करें।
13. केंद्र सरकार द्वारा दिए गए लिखित आश्वासनों को लागू करें, जिसके आधार पर ऐतिहासिक किसान संघर्ष को निलंबित कर दिया गया था। सभी शहीद किसानों के लिए सिंधू सीमा पर स्मारक, मुआवजा दें और उनके परिवारों का पुनर्वास करें, सभी लंबित मामलों को वापस लें, गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी पर मुकदमा चलाया जाए।
14. एनपीएस को ख़त्म करें। ओपीएस को बहाल करें और सभी को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करें।
15. संविधान के मूल मूल्यों-अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, असहमति का अधिकार, धर्म की स्वतंत्रता, विविध संस्कृतियों, भाषाओं, कानून के समक्ष समानता और देश की संघीय संरचना आदि पर हमला बंद करें।

इस अवसर पर पवन खटाना मटरू नागर राजे प्रधान राजीव मलिक अनित कसाना भगत सिंह प्रधान विनोद पंडित योगेश भाटी सुबे राम मास्टर सचिन कसाना अमित डेढा ललित चौहान अमरजीत प्रधान रवि मोहियापुर नरेंद्र नागर कोशिंदर चाहत राम मास्टर चंद्रपाल बाबू जी सुभाष सिलारपुर अविनाश तवर सुंदर भूडा अमित जैलदार अरविंद अमित नम्बरदार योगेश खलीफा अतुल चौहान योगी नंबरदार नगेश चपराना कपिल मुखिया अमित सुल्तानपुर राजू चौहान तारा सिह सोनू ममूरा महेश खटाना पवन नागर अजीपाल नंबरदार इंद्रीश तुगलपुर जित्ते बैसला टिंकू इलाहाबास अविनाश तंवर अंकुर तुगलपुर शमशाद शरीफ अरविंद बिसरख पीतम सिंह हसरत प्रधान आदि सैकड़ो किसान मौजूद रहे।

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