गौतमबुद्ध नगर,(नोएडा खबर डॉट कॉम)
जिला एवं सत्र न्यायाधीश अतुल श्रीवास्तव ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद के निर्देशानुसार मंगलवार को राजकीय सम्प्रेक्षण गृह किशोर, राजकीय सम्प्रेक्षण गृह किशोरी तथा राजकीय बालिका गृह का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पूर्णकालिक सचिव शिवानी त्यागी भी उपस्थित रहीं।निरीक्षण के क्रम में माननीय जिला जज ने गृहों में रह रहे किशोरों-किशोरियों से सीधे बातचीत की। उन्होंने उनके लंबित मुकदमों की स्थिति, उपलब्ध भोजन, आवास तथा अन्य भौतिक सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी ली और उनकी समस्याओं को सुना।सचिव शिवानी त्यागी ने बताया कि सम्प्रेक्षण गृहों में किशोरों एवं किशोरियों के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न सकारात्मक गतिविधियां नियमित रूप से संचालित की जा रही हैं। इनमें योग, डांस, सिलाई-बुनाई, कंप्यूटर कोर्स, इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स, मेडिटेशन, आर्ट एंड क्राफ्ट जैसी गतिविधियां शामिल हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों को कौशल विकास के माध्यम से समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उनके पुनर्वास को सुनिश्चित करना है।यह निरीक्षण किशोर न्याय (बच्चों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम के तहत बाल गृहों की स्थिति, बच्चों के अधिकारों और सुविधाओं की जांच के लिए महत्वपूर्ण है। माननीय जिला जज द्वारा की गई यह जांच बच्चों के बेहतर भविष्य और संस्थागत देखरेख की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
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