नोएडा,(नोएडा खबर डॉट कॉम )
रजनीगंधा अंडरपास से सेक्टर-60 तक बनने वाली 5.49 किलोमीटर लंबी छह लेन की एलिवेटेड रोड की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) आईआईटी रुड़की ने तैयार कर ली है। नोएडा प्राधिकरण को यह रिपोर्ट शुक्रवार तक सौंप दी जाएगी। परियोजना की अनुमानित लागत अब 800 से 850 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
यह परियोजना कोई नई नहीं है। पहली बार इसका प्रस्ताव 2012 के आसपास बना था। वर्ष 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसका शिलान्यास किया था। उस समय इसे सेक्टर-10 से सेक्टर-12/22 तिराहे और सेक्टर-56 तक बनाया जाना था। शिलान्यास की शिलापट आज भी सेक्टर 12-22 पुलिस चौकी के सामने चौराहे (चौड़ा मोड़) पर लगी हुई है। 2017 में सत्ता परिवर्तन के बाद योजना ठंडे बस्ते में चली गई और लंबे समय तक फाइलों में ही सीमित रही।
रूट में संशोधन
जुलाई 2026 में संशोधित अलाइनमेंट को मंजूरी दी गई। अब छह लेन का एलिवेटेड मार्ग सेक्टर-3 स्थित रजनीगंधा अंडरपास से शुरू होकर सेक्टर-10, सेक्टर-12, सेक्टर-22 टी-पॉइंट और सेक्टर-57 होते हुए सेक्टर-60 तक जाएगा। यहां से यह मास्टर प्लान रोड-2 से जुड़ेगा। सेक्टर-12/22 टी-पॉइंट पर विशेष कर्व डिजाइन परियोजना का सबसे जटिल हिस्सा माना जा रहा है।
यात्रियों को मिलेगी राहत
इस रोड के बनने से डीएनडी से सेक्टर-62 और ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक का सफर सिग्नल-फ्री हो जाएगा। वर्तमान में रजनीगंधा चौराहे, सेक्टर-12/22 और सेक्टर-56/57 पर लगने वाले जाम के कारण 25-30 मिनट लगने वाला सफर करीब 10 मिनट में पूरा हो सकेगा।डीपीआर सौंपने के बाद टेंडरिंग की प्रक्रिया शुरू होगी। निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है। यह पहली बार है जब नोएडा प्राधिकरण ने किसी बड़ी सड़क परियोजना के लिए आईआईटी रुड़की को मुख्य तकनीकी सलाहकार बनाया है।
