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ग्रेटर नोएडा में रॉयल वॉकवे प्रोजेक्ट में पजेशन न मिलने पर खरीददारों का हंगामा, बिल्डर पर धोखाधड़ी का आरोप

ग्रेटर नोएडा। (नोएडा खबर डॉट कॉम)
वर्धमान इंफ्रा बिल्ड प्राइवेट लिमिटेड के रॉयल वॉकवे प्रोजेक्ट में पजेशन में देरी से नाराज सैंकड़ों खरीददारों ने नेफोमा (नोएडा एक्सटेंशन फ्लैट ओनर्स एंड मेंबर्स एसोसिएशन) अध्यक्ष अन्नू खान की अगुवाई में जगत फार्म के पास धरना-प्रदर्शन किया। खरीददारों ने बिल्डर के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रोष जताया, आरोप लगाया कि बिल्डर ने उनकी मेहनत की कमाई हड़प ली और पजेशन नहीं दे रहा।

खरीददारों के मुताबिक, गामा-1 सेक्टर में वर्धमान बिल्डर ने विधि इंफ्रा बिल्ड प्राइवेट लिमिटेड के साथ मिलकर रॉयल वॉकवे प्रोजेक्ट शुरू किया था। प्रोजेक्ट पूरा होने और पूरी राशि जमा करने के बावजूद बिल्डर पजेशन देने में आनाकानी कर रहा है। इससे सैकड़ों कमर्शियल शॉप खरीददार परेशान हैं और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।
नेफोमा अध्यक्ष अन्नू खान ने बताया कि बिल्डर पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का लगभग 40 करोड़ रुपये बकाया है, जिसके कारण प्रोजेक्ट को ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी) और कंप्लीशन सर्टिफिकेट (सीसी) नहीं मिल पा रहा। उन्होंने कहा, “बिल्डर की गलती का खामियाजा खरीददार भुगत रहे हैं, जिन्होंने अपनी जिंदगी भर की कमाई इस प्रोजेक्ट में लगाई। हम प्राधिकरण के अधिकारियों से मुलाकात कर इस समस्या का समाधान करवाएंगे।”
खरीददार निश्चल जैन ने कहा, “हम कई वर्षों से पजेशन के लिए भटक रहे हैं। लाखों रुपये निवेश करने के बाद भी कुछ हासिल नहीं हुआ। अगर बिल्डर जल्द पजेशन नहीं देता, तो हम कोर्ट का रुख करेंगे।” वहीं, तरुण यादव ने बताया कि वर्धमान बिल्डर के डायरेक्टर और विधि इंफ्रा बिल्ड के डायरेक्टर विपुल शर्मा व पी. के. शर्मा से संपर्क करने की कोशिशें नाकाम रही हैं। दोनों पक्ष बातचीत के लिए तैयार नहीं हैं, जिससे खरीददारों की परेशानी बढ़ गई है।
प्रदर्शनकारियों ने प्राधिकरण और बिल्डर से तत्काल कार्रवाई की मांग की है, ताकि उनकी मेहनत की कमाई डूबने से बच सके।
इस मामले में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और बिल्डर की ओर से कोई आधिकारिक बयान नही आया है।

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