खास खबर: दिल्ली में 15 फरवरी को छोटे राज्यों के गठन पर बड़ा सम्मेलन: प्रशासनिक आधार पर नए राज्य बनाने की मांग तेज

विनोद शर्मा
नई दिल्ली, (नोएडा खबर डॉट कॉम)
देश में कई क्षेत्रों से लंबे समय से छोटे राज्यों के गठन की मांग उठ रही है। इसी कड़ी में 15 फरवरी 2026 को दिल्ली में एक महत्वपूर्ण सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न छोटे राज्यों के गठन के समर्थक आंदोलनकारी एक मंच पर आएंगे।

पश्चिम प्रदेश निर्माण मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व मंत्री धीरेंद्र प्रताप ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि सम्मेलन अमलतास हाल, कस्तूरबा गांधी मार्ग, नई दिल्ली में होगा। इस सम्मेलन में देशभर से करीब 20 छोटे राज्यों के गठन की मांग करने वाले प्रतिनिधि भाग लेंगे।

धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि पहले राज्यों का गठन मुख्य रूप से भाषाई आधार पर हुआ था, लेकिन अब समय की मांग है कि प्रशासनिक आधार पर नए राज्य बनाए जाएं। इससे दूर-दराज के इलाकों में बेहतर प्रशासन, विकास और स्थानीय मुद्दों का तेजी से समाधान संभव होगा।सम्मेलन में शामिल होने वाले प्रमुख आंदोलनों और क्षेत्रों में शामिल हैं:पश्चिम प्रदेश,पूर्वांचल,बुंदेलखंड, विदर्भ
मिथिला राज्य, बोडोलैंड, दार्जिलिंग गोरखालैंड,उत्तर आंध्र
और अन्य कई क्षेत्र

धीरेंद्र प्रताप और मोर्चा के महासचिव कमलेश झा ने बताया कि सम्मेलन को संबोधित करने वाले प्रमुख वक्ताओं में पश्चिमांचल के नेता कर्नल सुधीर कुमार,पूर्वांचल के नेता अनुज राही, बुंदेलखंड के नेता प्रकाश पांडे, उत्तर आंध्र के नेता रामा राव और फेडरेशन फॉर न्यू स्टेट्स के अध्यक्ष बाबा आर.के. तोमर शामिल होंगे।

यह सम्मेलन छोटे राज्यों की मांग को एकजुट करने और केंद्र सरकार के समक्ष मजबूत आवाज उठाने का प्रयास है। आंदोलनकारियों का मानना है कि बड़े राज्यों में प्रशासनिक दूरी और संसाधनों की असमान वितरण के कारण विकास प्रभावित हो रहा है।

प्रशासनिक आधार पर नए राज्य गठित करने से स्थानीय स्तर पर शासन अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनेगा।यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब विभिन्न क्षेत्रों में अलग राज्य की मांगें समय-समय पर जोर पकड़ती रही हैं। सम्मेलन के नतीजे और प्रस्ताव केंद्र सरकार के लिए महत्वपूर्ण संकेत हो सकते हैं।

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