लखनऊ, (नोएडा खबर डॉट कॉम)
उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने एक महत्वपूर्ण मांग उठाई। उन्होंने प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों (नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी आदि) के बोर्ड में विधायकों एवं सांसदों जैसे जनप्रतिनिधियों को प्रतिनिधित्व देने की मांग की ताकि जनहित से जुड़े फैसलों में पारदर्शिता बनी रहे और आमजन की आवाज सीधे निर्णय प्रक्रिया में शामिल हो सके।
12 फरवरी 2026 को सदन में अपने संबोधन में धीरेंद्र सिंह ने कहा कि विकास प्राधिकरण बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, औद्योगिक विकास और शहरीकरण के फैसले लेते हैं, जिनका सीधा प्रभाव स्थानीय किसानों, मजदूरों और आम नागरिकों पर पड़ता है। उन्होंने जोर देकर कहा, “जनहित के फैसलों के लिए प्राधिकरणों में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी जरूरी है”, जिससे निर्णय अधिक संतुलित, पारदर्शी और जन-केंद्रित बन सकें।
विधायक ने गौतमबुद्ध नगर और जेवर क्षेत्र का विशेष उल्लेख करते हुए बताया कि यहां के किसानों ने नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे और अन्य विकास परियोजनाओं के लिए अपनी भूमि देकर महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने सुझाव दिया कि भूमि अधिग्रहण से प्रभावित मजदूरों के पुनर्वास और आजीविका की योजनाएं भी बनाई जाएं। साथ ही, जेवर एयरपोर्ट से जुड़े किसानों के परिवारों और स्थानीय युवाओं के लिए कौशल विकास केंद्र स्थापित करने की मांग की ताकि उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
धीरेंद्र सिंह ने योगी आदित्यनाथ सरकार की सराहना करते हुए कहा, “उत्तर प्रदेश यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में देश का नंबर वन राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।” उन्होंने एमएसएमई उद्योगों को बढ़ावा, युवाओं को रोजगार और किसान-मजदूर हितों पर विशेष जोर दिया। विधायक ने विकसित भारत के लक्ष्य में किसान, मजदूर और आमजन के हितों को सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर बल दिया।यह मांग ऐसे समय में आई है जब जेवर क्षेत्र में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और संबंधित परियोजनाओं से बड़े पैमाने पर विकास हो रहा है, लेकिन स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों की भूमिका को और मजबूत करने की मांग तेज हो गई है। विधायक के इस बयान से विकास प्राधिकरणों की संरचना में सुधार को लेकर बहस छिड़ सकती है।
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