सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा प्राधिकरण भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाले में गठित विशेष जांच टीम (SIT) को आगे की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया है। अब सभी FIRs की जांच राज्य पुलिस विभाग के विजिलेंस विंग को सौंप दी गई है।
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के.एम. नटराज और यूपी सरकार की ओर से पेश वकीलों ने बताया कि SIT ने अपनी अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी है। अब तक 6 FIRs दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें 3 FIRs अधिकारियों और भूमि मालिकों के बीच मिलीभगत की, तथा 3 FIRs संपत्ति के अनुपातहीन स्रोत (Disproportionate Assets) की हैं।कुछ सरकारी अधिकारियों पर किसानों से मुआवजा बढ़ाने/रिलीज कराने के नाम पर पैसे हड़पने का आरोप है। SIT की रिपोर्ट में इन अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं।
- SIT को अब आगे की जिम्मेदारी से मुक्त किया जाता है।
- सभी 6 FIRs की जांच यूपी पुलिस विभाग के स्टेट विजिलेंस ब्यूरो को सौंप दी जाए।
- SIT का पूरा रिकॉर्ड विजिलेंस विंग को तुरंत सौंपा जाए।
- जांच 3 महीने के अंदर पूरी की जाए।
- जांच के परिणाम के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
कोर्ट ने किसानों को गिरफ्तारी से दी गई सुरक्षा (Protection from arrest) को जारी रखने का भी आदेश दिया।जनहित में निगरानी:
अदालत ने कहा कि यदि जांच में अनावश्यक देरी हुई या कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई नहीं हुई, तो कोई भी जनहित याचिकाकर्ता हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकता है।कोर्ट ने मामले की मेरिट पर कोई राय व्यक्त नहीं की और कहा कि संबंधित अदालतें जांच के आधार पर अपना फैसला स्वयं लेंगी।यह आदेश नोएडा प्राधिकरण में भूमि मुआवजा घोटाले की जांच को नई गति देने वाला माना जा रहा है।
