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खास खबर : रामायण की अमर ज्योति जलाएगा काशी: 18 अगस्त को ‘रामायणी सम्मान 2026’ से नवाजे जाएंगे देश-विदेश के रामभक्त
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खास खबर : रामायण की अमर ज्योति जलाएगा काशी: 18 अगस्त को ‘रामायणी सम्मान 2026’ से नवाजे जाएंगे देश-विदेश के रामभक्त

वाराणसी/नई दिल्ली, (नोएडा खबर डॉट कॉम)
प्रभु श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा, भक्ति और भारतीय सनातन संस्कृति की अनंत गाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक अनुपम प्रयास शुरू हो रहा है। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में तुलसीदास जी की पावन जयंती पर 18 अगस्त 2026 को ‘रामायणी सम्मान 2026’ प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान रामायण परंपरा को समर्पित उन साधकों, विद्वानों, कथावाचकों, शोधकर्ताओं, साहित्यकारों और संगीतकारों को मिलेगा, जिन्होंने अपने जीवन से रामकथा को जीवंत रखा है।

रामायण रिसर्च काउंसिल के ट्रस्टी डॉ. देव दत्त शर्मा (सेवानिवृत्त आईएएस) ने कहा, “रामायण केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि भारतीय चेतना का प्राण है। यह सम्मान उन निस्वार्थ कर्मियों को प्रोत्साहन देगा जो राम की मर्यादा को घर-घर, गांव-शहर और देश-विदेश तक पहुंचा रहे हैं। हम न केवल भारत के कोने-कोने से, बल्कि विदेशों में रामायण संस्कृति को संजोने वाले साधकों को भी खोज रहे हैं।”

रामायण की ज्योति को और तेज करने का अवसर

यह सम्मान उन सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा जो रामायण को मात्र धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला मानते हैं। महासचिव कुमार सुशांत ने बताया, “हमारा उद्देश्य रामायण के वाङ्मय को वैश्विक विमर्श में स्थापित करना, नई पीढ़ी को इसके नैतिक मूल्यों से जोड़ना और सांस्कृतिक जागरण को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। रामायण हमें सिखाती है – कैसे कर्तव्य, त्याग और सत्य पर चलकर जीवन को सार्थक बनाया जाए।”

नामांकन शुरू: अपना या किसी प्रेरक रामभक्त का नाम भेजें

9 जुलाई 2026 से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और 23 जुलाई तक चलेगी। कोई भी व्यक्ति या संस्था वेबसाइट, ईमेल या गूगल फॉर्म के माध्यम से नामांकन कर सकता है। चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और मेरिट आधारित होगी। कुल 100 अंकों पर मूल्यांकन होगा, जिसमें मौलिक योगदान, सामाजिक प्रभाव, शोध और रामायण प्रसार का दायरा प्रमुख रहेगा।

प्रतिष्ठित चयन समिति
चयन समिति में कथावाचक संतश्री विजय कौशल जी महाराज, स्वामी आचार्य मिथिलेशनंदिनीशरण जी, पद्मश्री आचार्य डॉ. हरिहर कृपालु त्रिपाठी, डॉ. कुमार विश्वास, रजत शर्मा, अनुराधा प्रसाद, जस्टिस (सेवानिवृत्त) सुधीर अग्रवाल समेत कई सम्मानित हस्तियां शामिल हैं।

सम्मान की प्रमुख श्रेणियां

रामायण शोध सम्मान
रामकथा वाचन सम्मान
रामायण साहित्य सम्मान
रामायण संगीत सम्मान
बाल रामायणी सम्मान
राष्ट्रसेवक रामायणी सम्मान
श्रीरामपथिक सम्मान

रामायण की ज्योति जलाएं, नामांकन करें

यह आयोजन सिर्फ सम्मान समारोह नहीं, बल्कि एक आंदोलन है – रामायण को जीवंत रखने का, मूल्यों को आगे बढ़ाने का। अगर आपके आस-पास कोई ऐसा रामभक्त है जिसने जीवन भर रामकथा का प्रचार किया है, तो आज ही उनका नाम भेजें।

आवेदन के लिए:
रामायणी पुरस्कार आयोजन समिति, 201, ए-57, कैलाश कॉलोनी, नई दिल्ली-110048
मोबाइल: +91 83683 20801
ईमेल: ramayanisamman@gmail.com
वेबसाइट: ramayanresearchcouncil.com
रामायण की प्रेरणा को अपनाएं, संस्कृति को संजोएं और नई पीढ़ी को राममय बनाएं।

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