ग्रेटर नोएडा, (नोएडा खबर डॉट कॉम)
एक्टिव सिटीजन टीम ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एन.जी. रवि कुमार से मांग की है कि अधिकारी अब फाइलों और एयरकंडीशंड कमरों की चारदीवारी से बाहर निकलकर सेक्टरों और गांवों में नियमित स्थलीय निरीक्षण करें।
टीम की ओर से हरेंद्र भाटी ने कहा कि बिना जमीनी सच्चाई देखे शहर और गांव की समस्याओं का समाधान संभव नहीं है। हरेंद्र भाटी ने बताया, “आज अधिकांश अधिकारी कुंभकरण की नींद में सोए हुए हैं। जब तक जनता सड़क पर उतरकर हंगामा नहीं करती, तब तक न गंदगी दिखती है, न टूटी सड़कें, न जलभराव और न बंद स्ट्रीट लाइटें। कार्यालय में बैठकर रिपोर्ट और पावरपॉइंट से धरातल की हकीकत कभी नहीं बदलेगी।”
जनता प्रतिदिन इन समस्याओं से जूझ रही है
कूड़े के ढेर और ओवरफ्लो होते डस्टबिन
गड्ढों भरी टूटी सड़कें
थोड़ी बारिश में जलभराव
महीनों से बंद स्ट्रीट लाइटें
गंदा पेयजल, जाम सीवर लाइनें
रखरखाव विहीन पार्क
आवारा पशु और सुरक्षा की कमी
एक्टिव सिटीजन टीम ने प्राधिकरण से चार ठोस मांगे की हैं:
हर महीने ‘जनसंवाद दिवस’ आयोजित किया जाए, जिसमें सीईओ, सभी विभागाध्यक्ष, आरडब्ल्यूए पदाधिकारी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि अनिवार्य रूप से शामिल हों।
प्रत्येक अधिकारी के लिए महीने में कम से कम 2 दिन फील्ड विजिट अनिवार्य हो। निरीक्षण की फोटो, वीडियो और एक्शन रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
उठाई गई समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित हो। जिम्मेदारी और डेडलाइन तय की जाए तथा अगली बैठक में जवाबदेही तय की जाए।
जनसुनवाई केवल कार्यालय तक सीमित न रहे। अधिकारी जनता के टैक्स के पैसे से वेतन लेते हैं, इसलिए उन्हें जनता के बीच जाकर जवाबदेही निभानी चाहिए।
टीम ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक अधिकारी टेबल से उठकर जमीन पर नहीं उतरेंगे, ग्रेटर नोएडा न तो स्वच्छ बनेगा, न सुरक्षित और न ही सुव्यवस्थित।
