नोएडा, (नोएडा खबर डॉट कॉम)
फेडरेशन ऑफ नोएडा रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन्स (फोनरवा) ने नोएडा प्राधिकरण की मौजूदा सफाई और स्वास्थ्य सेवाओं से नाराजगी जताते हुए स्वतंत्र स्वास्थ्य विभाग को तुरंत बहाल करने की मांग की है। फोनरवा का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को समाप्त कर जिम्मेदारियां सर्किल प्रभारियों को सौंपने के बाद सेक्टरों में सफाई व्यवस्था बिगड़ गई है और जन स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
फोनरवा के अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा और महासचिव के.के. जैन ने नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्ण करुणेश को पत्र लिखकर यह मांग की। उन्होंने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में नोएडा को 3 से 10 लाख आबादी वाले शहरों में देश का सबसे स्वच्छ शहर चुना गया था और इसे ‘सुपर स्वच्छता लीग अवार्ड (गोल्डन सिटी)’ से सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि में स्वास्थ्य विभाग की अहम भूमिका रही थी।
के.के. जैन ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के समाप्त होने के बाद आवारा कुत्तों की समस्या बढ़ गई है, उनकी नसबंदी और टीकाकरण प्रभावित हो रहा है। साथ ही बीमार एवं घायल पशुओं का उपचार, कूड़ा निस्तारण, सफाई की निगरानी और जनस्वास्थ्य से जुड़े कार्यों में कमी आई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो नोएडा की स्वच्छता रैंकिंग गिर सकती है।
फोनरवा ने पत्र में स्पष्ट किया कि सर्किल विभाग पहले से ही सड़क, नाली, सीवर, निर्माण और अनुरक्षण जैसे कार्यों में व्यस्त रहता है। ऐसे में स्वास्थ्य और स्वच्छता के विशेष कार्यों पर ध्यान नहीं दिया जा पा रहा है, जिसका सीधा असर शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ रहा है।
संगठन ने मुख्य कार्यपालक अधिकारी से अनुरोध किया है कि शहर के दीर्घकालिक हित, जनस्वास्थ्य और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए स्वतंत्र स्वास्थ्य विभाग को तुरंत पुनः स्थापित किया जाए और उसमें पर्याप्त अधिकारियों व कर्मचारियों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि नोएडा देश का सबसे स्वच्छ और आदर्श शहर बना रहे।
