नोएडा। लोकसत्य।
छोटे-मोटे कर्ज की जरूरत वाले लोगों को निशाना बनाकर चल रहा एक साइबर ठगी गिरोह थाना साइबर क्राइम पुलिस के हाथ लग गया। सेक्टर-141 से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार ये लोग प्राइवेट लोन ऐप इस्तेमाल करने वालों से संपर्क कर धमकी देते और पैसे ऐंठते थे। अब तक करीब 25 लाख रुपये ठगने का आरोप है।
कैसे करते थे धोखाधड़ी
पुलिस के अनुसार आरोपी उन लोगों को ढूंढते थे, जिन्होंने अनधिकृत प्राइवेट लोन ऐप से कर्ज लिया होता। फिर वीडियो कॉल पर बात करते और यूपीआई या क्यूआर कोड के जरिए पैसे मंगवाते। जब शिकार हिचकिचाता, तो फर्जी या मॉर्फ की गई आपत्तिजनक तस्वीरें भेजकर भुगतान की धमकी देते। इस दबाव में लोग अपने या दूसरों के खातों में पैसे ट्रांसफर कर देते। ठगे गए पैसे म्यूल खातों में जाते। फोन में व्हाट्सऐप, टेलीग्राम और क्रिप्टो लेन-देन से जुड़े ऐप मिले। शिकायतें उत्तर प्रदेश, पंजाब, गुजरात और महाराष्ट्र से आई थीं।
पुलिस के अनुसार आरोपी उन लोगों को ढूंढते थे, जिन्होंने अनधिकृत प्राइवेट लोन ऐप से कर्ज लिया होता। फिर वीडियो कॉल पर बात करते और यूपीआई या क्यूआर कोड के जरिए पैसे मंगवाते। जब शिकार हिचकिचाता, तो फर्जी या मॉर्फ की गई आपत्तिजनक तस्वीरें भेजकर भुगतान की धमकी देते। इस दबाव में लोग अपने या दूसरों के खातों में पैसे ट्रांसफर कर देते। ठगे गए पैसे म्यूल खातों में जाते। फोन में व्हाट्सऐप, टेलीग्राम और क्रिप्टो लेन-देन से जुड़े ऐप मिले। शिकायतें उत्तर प्रदेश, पंजाब, गुजरात और महाराष्ट्र से आई थीं।
पुलिस ने कैसे दबोचा
साइबर पुलिस ने शिकायतों, डिजिटल सबूतों और खातों की जांच से कड़ी जोड़ी। इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के विश्लेषण के बाद टीम सेक्टर-141 पहुंची और छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से सात मोबाइल, चार एटीएम-डेबिट कार्ड, पासबुक, ड्राइविंग लाइसेंस और कुछ नकदी बरामद हुई।
साइबर पुलिस ने शिकायतों, डिजिटल सबूतों और खातों की जांच से कड़ी जोड़ी। इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के विश्लेषण के बाद टीम सेक्टर-141 पहुंची और छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से सात मोबाइल, चार एटीएम-डेबिट कार्ड, पासबुक, ड्राइविंग लाइसेंस और कुछ नकदी बरामद हुई।
गिरफ्तार आरोपी निशांत कुमार, अनीस अली, आदित्य कुमार, पंकज कुमार, निक्की शर्मा और शिवा शर्मा हैं। मामला मुकदमा संख्या 500/2026 के तहत दर्ज है। आगे पूछताछ जारी है।पुलिस की सलाह साफ है: सिर्फ आरबीआई से मान्यता प्राप्त ऐप या बैंक से कर्ज लें, अनजान कॉल पर फोटो-दस्तावेज न भेजें और ठगी होते ही तुरंत 1930 पर शिकायत करें।
