नोएडा, (नोएडा खबर डॉट कॉम)
बारिश के बाद नोएडा के सेक्टर-37 में सड़क अचानक धंसने से एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। मयूर स्कूल नोएडा की बच्चों से भरी बस का पहिया गड्ढे में फंस गया। गनीमत रही कि समय पर स्थिति संभल गई और किसी बच्चे को चोट नहीं पहुंची।
घटना का विवरण
स्थानीय लोगों के अनुसार, 15 अक्टूबर 2026 को बारिश के बाद सेक्टर-37 की सड़क का एक हिस्सा अचानक धंस गया। उसी समय मयूर स्कूल की बस उस स्थान से गुजर रही थी, जिसमें स्कूली बच्चे सवार थे। बस का पहिया (मुख्य रूप से पिछला पहिया) गड्ढे में धंस गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बच्चे घबरा गए, लेकिन चालक और स्थानीय लोगों की सूझबूझ से सभी बच्चों को सुरक्षित बस से उतारा गया।
घटना का विवरण
स्थानीय लोगों के अनुसार, 15 अक्टूबर 2026 को बारिश के बाद सेक्टर-37 की सड़क का एक हिस्सा अचानक धंस गया। उसी समय मयूर स्कूल की बस उस स्थान से गुजर रही थी, जिसमें स्कूली बच्चे सवार थे। बस का पहिया (मुख्य रूप से पिछला पहिया) गड्ढे में धंस गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बच्चे घबरा गए, लेकिन चालक और स्थानीय लोगों की सूझबूझ से सभी बच्चों को सुरक्षित बस से उतारा गया।
बच्चों को तुरंत दूसरी बस से उनके घर भेजा गया। इसके बाद क्रेन और बुलडोजर (JCB) की मदद से फंसी बस को बाहर निकाला गया। नोएडा अथॉरिटी के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और मरम्मत शुरू की। गड्ढे के आसपास बैरिकेडिंग भी लगा दी गई।
लापरवाही के आरोप
स्थानीय निवासियों का कहना है कि घटनास्थल पर करीब तीन दिन पहले बिजली विभाग/विद्युत कार्यों के लिए सड़क खोदी गई थी। काम पूरा होने के बाद गड्ढे को ठीक से नहीं भरा गया। केवल मलबा डालकर छोड़ दिया गया और सुरक्षा के लिए कोई बैरिकेडिंग नहीं लगाई गई। बारिश के बाद खोदे गए हिस्से के आसपास की सड़क धंस गई और बस फंस गई।
एक स्थानीय निवासी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि बस में बच्चे पूरी तरह भरे थे। “शुक्र है कि बस का पिछला पहिया गड्ढे में फंसा। अगर आगे का पहिया धंस जाता, तो बस पलट सकती थी और बड़ा हादसा हो सकता था।” एक अन्य बच्चे शिवम ने कहा कि गड्ढा पिछले चार दिनों से बना हुआ था।
नोएडा अथॉरिटी पर सवाल
यह घटना नोएडा अथॉरिटी की सड़क निर्माण, खुदाई के बाद मरम्मत और रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बारिश होते ही इलाके की सड़कों की पोल खुलने लगती है। समय पर उचित भराई, गुणवत्ता जांच और सुरक्षा इंतजाम नहीं करने से ऐसे हादसे होते रहते हैं। खुदाई के बाद मानकों का पालन नहीं किया गया और बैरिकेडिंग जैसी बुनियादी व्यवस्था नहीं की गई।
घटना के बाद प्रशासन को सूचना दी गई है। सड़क को ठीक से दुरुस्त करने, भविष्य में खुदाई के बाद सख्त सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने और जिम्मेदार विभागों की जवाबदेही तय करने की मांग जोरों पर है। फिलहाल बच्चे सुरक्षित हैं, लेकिन यह घटना शहर के बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता और मानसून पूर्व तैयारियों की पोल खोलती है।
नोएडा अथॉरिटी या संबंधित विभाग की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई है। स्थानीय लोग चाहते हैं कि ऐसी लापरवाही दोबारा न हो और सड़कें सुरक्षित रहें।
