दादरी, (नोएडा खबर डॉट कॉम)
एनटीपीसी दादरी परियोजना से प्रभावित किसानों ने लंबित मुआवजे और न्यायालय के आदेश के अनुसार 115 रुपये वर्ग गज के हिसाब से बढ़े हुए मुआवजे की मांग को लेकर आज एनटीपीसी गेट पर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा के पास प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 25 नवंबर 2026 से एनटीपीसी गेट पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया जाएगा।
भारतीय किसान यूनियन मंच के राष्ट्रीय महासचिव मास्टर मनमिंदर भाटी ने कहा कि प्रभावित किसान वर्षों से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन कोर्ट के आदेश के बावजूद 115 रुपये वर्ग गज का बढ़ा हुआ मुआवजा आज तक नहीं मिला है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अपने प्रभावित किसानों को कोर्ट के आधार पर 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा दे दिया है, तो एनटीपीसी प्रभावित किसानों के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है।
भाटी ने 31 अक्टूबर 2022 की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उस दिन मांग को लेकर धरना दे रहे किसानों पर जिला प्रशासन ने लाठीचार्ज और पानी की बौछार की थी तथा गंभीर मुकदमे दर्ज कर कई किसानों को जेल भेज दिया गया था। इसके बावजूद किसान अपने अधिकारों की लड़ाई नहीं छोड़ रहे हैं।किसान नेता सुरेंद्र राणा बिसाहड़ा ने कहा कि अब यह लड़ाई सिर्फ मुआवजे की नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य की भी है।
अजब सिंह भाटी बढ़पुरा ने स्पष्ट किया कि किसानों की कोई नई मांग नहीं है, वे सिर्फ अपना बकाया और कोर्ट के आदेशानुसार बढ़ा हुआ मुआवजा चाहते हैं। हिमांशु राणा और कपिल जाटव ने भी कहा कि न तो उचित रोजगार मिला और न ही बढ़ा मुआवजा। अब किसान अपना हक लेकर ही रुकेंगे।
इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन मंच के प्रदेश प्रभारी विक्रांत भाटी, पश्चिम उत्तर प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण भड़ाना, जिलाध्यक्ष अक्षय मुखिया समेत अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है और उनकी मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा।ज्ञापन एनटीपीसी के डीजीएम कर्नेल सिंह और जारचा थाना प्रभारी कैलाश नाथ सिंह को सौंपा गया। बड़ी संख्या में किसान और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।