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ग्रेटर नोएडा में बिल्डर सोसाइटी की मेन्टिनेंस कर रही कंपनियों की रेटिंग कराएगी अथॉरिटी, नई पहल से सुधरेगी तस्वीर

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–सोसाइटियों में मेनटेनेंस की समस्या से निजात दिलाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की पहल
ग्रेटर नोएडा, 21 दिसम्बर।

ग्रेटर नोएडा स्थित बिल्डर सोसाइटियों में रहने वालों के लिए यह राहत की खबर है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने मेनटेनेंस की समस्या का समाधान निकालने के लिए सोसाइटियों की रेटिंग कराने का फैसला किया है, जो सोसाइटी जितनी अच्छी तरीके से मेनटेन की जा रही है, उसे रेटिंग भी उतनी ही अधिक मिलेगी और जिस सोसाइटी में मेनटेनेंस सुविधाएं खराब होंगी, उसे कम रेटिंग मिलेगी। इससे खरीदारों को पता चल सकेगा कि कौन सी सोसाइटी कितने अच्छे से मेनटेन हो रही है। इससे उस सोसाइटी की देखरेख करने वाली कंपनी के बारे में भी निवासी जागरूक हो सकेंगे।
फ्लैट खरीदारों के मसले को सुलझाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण के निर्देश पर प्राधिकरण का बिल्डर सेल नियमित रूप से बिल्डर-बायर्स बैठकें कर रहा है। प्राधिकरण के ओएसडी व बिल्डर सेल के प्रभारी संतोष कुमार इन बैठकों की अगुवाई करते हैं। अब तक 35 से अधिक बैठकें हो चुकी हैं। इन सभी बैठकों से एक बात यह निकलकर आई कि अधिकतर बिल्डर सोसाइटियों के निवासी रखरखाव की समस्या से परेशान रहते हैं। सोसाइटी को मेनटेन करने वाली कंपनियां निवासियों को अच्छी सेवाएं नहीं दे पा रहीं। ग्रेटर नोएडा वेस्ट में ही करीब 200 बिल्डर सोसाइटियां हैं। इनमें से कुछ सोसाइटियों के रखरखाव की जिम्मेदारी भी अभी तक बिल्डरों पर ही है। बिल्डरों ने रखरखाव के लिए कंपनी भी खुद से तय कर रखी है। वह कंपनी ही निवासियों से मेनटेनेंस शुल्क लेती है और सोसाइटी को मेनटेन करती है। वहीं, कुछ जगह अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन बन गया है, जिससे रखरखाव कराने का जिम्मा एओए के प्रतिनिधियों पर आ गया है। वे खुद से ही सोसाइटी के रखरखाव के लिए कंपनी नियुक्त कर सकते हैं। प्राधिकरण का मानना है कि अगर अच्छी कंपनी सोसाइटी को मेनटेन करेगी, तो निवासियों की रखरखाव से जुड़ी शिकायत भी दूर हो जाएगी। इसे ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण ने मेनटेनेंस के आधार पर सोसाइटियों की रेटिंग कराने का फैसला किया है। रखरखाव से जुड़े 10 या अधिक पैरामीटर तय कर दिए जाएंगे, जो सोसाइटी जितना अधिक पैरामीटर को पूरा करेगी, उसकी रेटिंग उतनी ही अच्छी होगी। कम पैरामीटर को पूरा करने वाली सोसाइटी की रेटिंग भी कम होगी। सोसाइटीवासियों के फीडबैक के आधार पर रेटिंग की जाएगी। इसके लिए जल्द ही एक टीम गठित करने की तैयारी है। प्राधिकरण का मानना है कि रेटिंग होने से रखरखाव का जिम्मा संभाल रहीं कंपनियां अपनी छवि बनाए रखने के लिए सोसाइटियों में रखरखाव की सुविधाओं को पूरा करने की और कोशिश करेंगी। अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि अच्छी कंपनियों को सोसाइटी के रखरखाव के लिए नियुक्त कर सकेंगे। हाल ही में इस मसले पर प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण के समक्ष प्रस्तुतिकरण भी हुआ है। सीईओ ने प्राधिकरण के बिल्डर सेल इस पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, ताकि शीघ्र ही इस प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया जा सके।

सीईओ का बयान
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-रखरखाव (मेनटेनेंस) से जुड़ी समस्या को हल करने के लिए ग्रेटर नोएडा व ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित बिल्डर सोसाइटियों की रेटिंग कराने पर विचार किया जा रहा है। रेटिंग से सोसाटियों के मेनटेनेंस से जुड़ी कंपनियों के बारे में भी पता चल सकेगा। सोसाइटी की खराब रेटिंग से कंपनी की छवि भी खराब होने का डर रहेगा। इससे कंपनियां भी और बेहतर मेनटेनेंस सुविधाएं देने की कोशिश करेंगी। साथ ही अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों को भी इन कंपनियों के बारे में पता चल सकेगा, जिससे वे अच्छी कंपनियों को अपने यहां तैनात कर सकेंगे। अच्छी कंपनी के आने से मेनटेनेंस से जुड़ी समस्या दूर होगी।

नरेंद्र भूषण, सीईओ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण
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