नोएडा प्राधिकरण ने अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए अपने दो अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। वर्क सर्किल-06 में प्रभावी पर्यवेक्षण न करने और कर्तव्यों में लापरवाही बरतने के आरोप में मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) ने सख्त कदम उठाए हैं।प्राधिकरण की ओर से जारी आदेश के अनुसार:
- प्रबंधक अब्दुल शाहिद को उनके क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण न रखने और लापरवाही के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
- सहायक प्रबंधक विनीत कुमार शर्मा की प्रतिनियुक्ति अवधि समाप्त होने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से प्राधिकरण की सेवा से मुक्त (रिलीव) कर दिया गया है।
नोएडा प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि किसी क्षेत्र में अधिकारियों की मिलीभगत या शिथिलता पाई जाती है, तो भविष्य में भी इसी तरह की कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।यह कार्रवाई शहर के नियोजित विकास को सुनिश्चित करने और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने की प्राधिकरण की प्रतिबद्धता का हिस्सा है। प्राधिकरण ने आमजन से अपील की है कि वे अधिसूचित भूमि पर कोई अवैध निर्माण न करें और ऐसे मामलों की शिकायत तुरंत करें।प्राधिकरण का यह अभियान हाल के महीनों में तेज हुआ है, जिसमें कई अवैध निर्माणों के खिलाफ बुलडोजर एक्शन, एफआईआर और नोटिस जारी किए गए हैं। अधिकारियों पर आंतरिक कार्रवाई से संदेश साफ है कि लापरवाही करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
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