ग्रेटर नोएडा, (नोएडा खबर डॉट कॉम)
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में औद्योगिक विकास की रफ्तार को नई गति दी है। प्राधिकरण ने इस दौरान कुल 74 औद्योगिक इकाइयों को लगभग 22 लाख वर्गमीटर भूमि आवंटित की है। इन आवंटनों से 22,960 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित होगा और 31,627 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे।
यह निवेश मुख्य रूप से सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB), फ्लेक्सिबल पीसीबी और अन्य हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों पर केंद्रित है, जो भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन का महत्वपूर्ण केंद्र बनाने की दिशा में मजबूत कदम साबित होगा।
प्रमुख कंपनियां और निवेश
मेसर्स इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड (HCL और फॉक्सकॉन का संयुक्त उपक्रम) को सेक्टर-28 में 48 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। कंपनी सेमीकंडक्टर चिप्स का उत्पादन करेगी, जिसमें 3,706.15 करोड़ रुपये का निवेश होगा।
मेसर्स ऐसेंट सर्किट प्राइवेट लिमिटेड को सेक्टर-10 के इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर में 16 एकड़ भूमि मिली है। कंपनी फ्लेक्सिबल पीसीबी और सेमीकंडक्टर सबस्ट्रेट्स का उत्पादन करेगी, जिससे 3,250 करोड़ रुपये का निवेश आएगा।
मेसर्स अंबर एंटरप्राइजेज इंडिया लिमिटेड को सेक्टर-08 में 100 एकड़ भूमि आवंटित हुई है। कंपनी कूपर क्लैड लेमिनेट्स, पीसीबी असेंबली, कंप्यूटर इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू उपकरणों का उत्पादन करेगी, जिसमें 3,532 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
मेसर्स बोधिसत्व चैरिटेबल ट्रस्ट को सेक्टर-17ए में 20.50 एकड़ भूमि पर मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लिए आवंटन किया गया है, जिससे 532.18 करोड़ रुपये का निवेश होगा।
आवंटन का ब्रेकअप
औद्योगिक योजना के तहत: 28 इकाइयां, 2.32 लाख वर्गमीटर भूमि, 1,332 करोड़ निवेश, 8,783 रोजगार
ई-ऑक्शन योजना के तहत: 37 इकाइयां, 1.00 लाख वर्गमीटर भूमि, 500 करोड़ निवेश, 4,800 रोजगार
इनवेस्ट यूपी और शासन के LOC के माध्यम से: 9 इकाइयां, 18.77 लाख वर्गमीटर भूमि, 21,128 करोड़ निवेश, 18,044 रोजगार
इसके अलावा सेल सोलर प्राइवेट लिमिटेड, हैवेल्स इंडिया, मिंडा कॉर्पोरेशन लिमिटेड और पीने वैली वेंचर जैसी प्रमुख कंपनियों को भी भूमि आवंटित की गई है।
यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह का कहना है कि जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की निकटता, बेहतर कनेक्टिविटी और नीतिगत सुगमता के कारण यह क्षेत्र अब हाई-टेक और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री का प्रमुख हब बन चुका है। ये निवेश न केवल क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे, बल्कि उत्तर प्रदेश को ‘मेक इन इंडिया’ और राष्ट्रीय सेमीकंडक्टर मिशन में अग्रणी भूमिका निभाने में मदद करेंगे।यह विकास यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में लाखों लोगों के लिए रोजगार और समृद्धि का नया द्वार खोलेगा।
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