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सीएम योगी का सख्त एक्शन: नोएडा अथॉरिटी सीईओ डॉ. लोकेश एम हटाए गए, 3 सदस्यीय SIT गठित

-इंजीनियर युवराज मेहता की मौत मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बड़ा खुलासा

नोएडा,(नोएडा खबर डॉट कॉम)
नोएडा सेक्टर-150 में निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट में कार गिरने से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत संज्ञान लिया और प्रशासन पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर नोएडा अथॉरिटी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. लोकेश एम को तत्काल हटा दिया गया है और उन्हें प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) में डाल दिया गया है।इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने घटना की गहन जांच के लिए 3 सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया है। SIT का नेतृत्व मंडलायुक्त मेरठ करेंगे, जिसमें एडीजी जोन मेरठ और चीफ इंजीनियर PWD भी सदस्य के रूप में शामिल हैं। SIT को 5 दिनों के भीतर पूरी जांच पूरी कर मुख्यमंत्री को विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, युवराज की मौत पानी में डूबने से दम घुटने (एस्फिक्सिया) और उसके बाद कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) पड़ने से हुई। फेफड़ों में करीब 3 लीटर पानी भरा मिला, जो लंबे समय तक पानी में फंसे रहने का स्पष्ट संकेत है। युवराज ने करीब 90 मिनट से 2 घंटे तक कार की छत पर खड़े होकर मदद मांगी, लेकिन समय पर रेस्क्यू नहीं हो सका।
मुख्यमंत्री के अन्य निर्देश और कार्रवाई

नोएडा अथॉरिटी से पूरी घटना की विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई।
निर्माणाधीन स्थल पर बिना बैरिकेडिंग/रिफ्लेक्टर के खुले गड्ढे की लापरवाही पर सवाल।
दो बिल्डर कंपनियों (लोटस ग्रीन्स और एमजे विशटाउन) के खिलाफ कुलपेबल होमिसाइड और लापरवाही से मौत के तहत FIR दर्ज।
पहले ही जूनियर इंजीनियर नवीन कुमार की सेवा समाप्त और अन्य अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी।

यह घटना नोएडा-ग्रेटर नोएडा में निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की गंभीर कमी को उजागर कर रही है। स्थानीय लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर न्याय की मांग की है। अब SIT की जांच रिपोर्ट से आगे की बड़ी कार्रवाई तय होगी।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट संदेश दिया है कि ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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