नोएडा(नोएडा खबर डॉट कॉम)
नोएडा प्राधिकरण में चल रहे गहन सफाई अभियान के तहत मुख्य कार्यपालक अधिकारी करुणेश के निर्देश पर विभिन्न सेक्टरों, मार्गों, ग्रामों और मुख्य नालों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जा रही है। इसमें रोजाना कूड़े का निस्तारण, नालियों से फ्लोटिंग मटेरियल और सिल्ट हटाना, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और पूरे क्षेत्र को कवर करने का अभियान जोरों पर है।
गुरुवार को मुख्य कार्यपालक अधिकारी करुणेश ने सेक्टर-85 तथा आसपास के ग्राम इलाबांस और याकूबपुर में सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में कई गंभीर कमियां सामने आईं:विभिन्न स्थलों पर कूड़े के बड़े ढेर पाए गए। नालियां ओवरफ्लो हो रही थीं और फ्लोटिंग मटेरियल तथा सिल्ट से पूरी तरह भरी हुई थीं। मेन रोड, सर्विस रोड और फुटपाथ पर काफी गंदगी फैली हुई थी और फुटपाथ के पाइपों और के.सी. ड्रेन की सिल्ट को नियमित रूप से साफ नहीं किया जा रहा था।
इन कमियों के चलते प्राधिकरण ने सफाई एजेंसी मेसर्स न्यू मॉडर्न एंटरप्राइजेज पर 50,000 रुपये की पेनाल्टी लगाई, क्योंकि फुटपाथ और ड्रेन की सफाई ठीक से नहीं हो रही थी। डोर-टू-डोर गार्बेज कलेक्शन के लिए पर्याप्त वाहन नहीं लगाए जाने के कारण सेक्टर और ग्रामों में अत्यधिक गंदगी फैली हुई पाई गई। इसके लिए सफाई ठेकेदार मेसर्स एजी एनवायरो इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड पर 1,00,000 रुपये की पेनाल्टी लगाई गई। संबंधित स्वास्थ्य निरीक्षक (जन स्वास्थ्य) को चेतावनी जारी की गई।
उक्त क्षेत्र में तैनात सुपरवाइजर श्री मनोज का एक महीने का वेतन रोकने के आदेश जारी किए गए।
नौएडा प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि सफाई व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अभियान के तहत पूरे नोएडा क्षेत्र को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए सतत निगरानी और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। निवासियों से भी अपील की गई है कि वे कचरा निर्धारित स्थानों पर ही डालें और सफाई अभियान में सहयोग करें।
यह कार्रवाई नोएडा को स्वच्छ, हरित और निवास योग्य शहर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। प्राधिकरण का लक्ष्य है कि जल्द ही सभी सेक्टरों और ग्रामों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह संतोषजनक हो जाए।
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