नोएडा,(नोएडा खबर डॉट कॉम)
सुपरटेक ईकोविलेज-1 सोसायटी में 16 फरवरी को हुए लिफ्ट हादसे के बाद जिला प्रशासन ने लिफ्ट सुरक्षा पर कड़ा रुख अपनाया है। हादसे में 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला रीना प्रसाद (या रानी प्रसाद) के पैर में चार जगह फ्रैक्चर हो गए थे, जब बिजली जाने से लिफ्ट 13वीं मंजिल से 7वीं या 8वीं मंजिल तक फ्री फॉल हो गई। इस घटना ने जिले में लिफ्टों के रखरखाव और रजिस्ट्रेशन की लापरवाही को उजागर कर दिया।
सुपरटेक ईकोविलेज-1 सोसायटी में 16 फरवरी को हुए लिफ्ट हादसे के बाद जिला प्रशासन ने लिफ्ट सुरक्षा पर कड़ा रुख अपनाया है। हादसे में 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला रीना प्रसाद (या रानी प्रसाद) के पैर में चार जगह फ्रैक्चर हो गए थे, जब बिजली जाने से लिफ्ट 13वीं मंजिल से 7वीं या 8वीं मंजिल तक फ्री फॉल हो गई। इस घटना ने जिले में लिफ्टों के रखरखाव और रजिस्ट्रेशन की लापरवाही को उजागर कर दिया।
जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर ने हादसे के ठीक अगले दिन 17 फरवरी को कलेक्ट्रेट सभागार में उत्तर प्रदेश लिफ्ट एवं एस्केलेटर अधिनियम 2024 एवं नियमावली 2024 के तहत महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक बुलाई। बैठक का मुख्य फोकस जिले में स्थापित सभी लिफ्टों का रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करना रहा।सबसे अहम निर्देश – जिलाधिकारी ने सभी लिफ्ट मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों और सर्विस प्रोवाइडरों को सख्त आदेश दिया कि वे जनपद में मौजूद सभी लिफ्टों की पूरी सूची दो दिनों के भीतर जिलाधिकारी कार्यालय तथा सहायक निदेशक, विद्युत सुरक्षा को उपलब्ध कराएं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए:
- विशेष अभियान चलाकर सोसायटियों, अस्पतालों, स्कूलों, होटलों, वाणिज्यिक एवं औद्योगिक भवनों में लगी सभी लिफ्टों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य रूप से कराया जाए।
- सोसायटियों/संस्थानों के प्रतिनिधियों से संपर्क कर रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र और एएमसी (एनुअल मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट) विवरण सुनिश्चित किया जाए।
- रजिस्ट्रेशन न कराने वाले संस्थानों की सूची तुरंत संबंधित कार्यालयों को भेजी जाए।
- कुछ सोसायटियों/उद्योगों द्वारा मनमाने ढंग से बढ़ाए जा रहे रजिस्ट्रेशन/एएमसी शुल्क को नियमानुसार रखने का निर्देश।
- रखरखाव, संचालन या रजिस्ट्रेशन में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित फर्म को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
- विलंब या लापरवाही पर उत्तर प्रदेश लिफ्ट एवं एस्केलेटर अधिनियम 2024 के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अतुल कुमार, अपर जिलाधिकारी प्रशासन मंगलेश दुबे, उप जिलाधिकारी दादरी अनुज नेहरा, उप जिलाधिकारी जेवर दुर्गेश सिंह, सहायक निदेशक विद्युत सुरक्षा रमेश कुमार सहित लिफ्ट कंपनियों, सर्विस प्रोवाइडरों और सोसायटियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
जिला प्रशासन का कहना है कि यह बैठक हाल के हादसे के बाद लिफ्ट सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने की दिशा में बड़ा कदम है। अब दो दिनों में मिलने वाली सूची के आधार पर बड़े पैमाने पर जांच और कार्रवाई शुरू होगी, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। ![]()
