यीडा के जेवर में शुरू हुई ‘चिप क्रांति’ की नई लहर: एचसीएल-फॉक्सकॉन की ₹3,700 करोड़ की ओसैट यूनिट का शिलान्यास

जेवर, (नोएडा खबर डॉट कॉम)
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र के जेवर में आज भारत की सेमीकंडक्टर महत्वाकांक्षा को नई गति मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड की अत्याधुनिक डीडीआईसी ओसैट (डिस्प्ले ड्राइवर इंटीग्रेटेड सर्किट – आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट) यूनिट का शिलान्यास किया। शिलान्यास स्थल पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, कैबिनेट मंत्री जितिन प्रसाद, यूपी के उद्योग मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी, आई टी मंत्री सुनील शर्मा , एचसीएल की किरण नाडार ने सेमीकंडक्टर यूनिट का शिलान्यास किया। 
यह परियोजना भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता और ‘मेक इन इंडिया’ को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।एचसीएल टेक्नोलॉजीज और ताइवान की फॉक्सकॉन टेक्नोलॉजी ग्रुप के 60:40 संयुक्त उद्यम इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड द्वारा ₹3,700 करोड़ से अधिक के निवेश से यह यूनिट स्थापित की जा रही है। 2028 तक पूर्ण परिचालन में आने की उम्मीद है। संयंत्र में स्मार्टफोन, लैपटॉप, ऑटोमोबाइल सिस्टम और औद्योगिक इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स (डीडीआईसी) का उत्पादन होगा। इसकी मासिक प्रोसेसिंग क्षमता 20,000 वेफर्स होगी, जो देश में सेमीकंडक्टर कॉम्पोनेंट्स की बढ़ती मांग को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
यह देश की पहली डीडीआईसी ओसैट सुविधा होगी, जिससे भारत की आयात निर्भरता में कमी आएगी और घरेलू विनिर्माण को मजबूती मिलेगी। परियोजना से 3,500 से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। विशेषज्ञों के अनुमान के अनुसार, यह यूनिट प्रतिवर्ष लगभग ₹45,000 करोड़ का जीडीपी योगदान देगी।
यीडा क्षेत्र पहले से ही लॉजिस्टिक्स, एयरोस्पेस और अब सेमीकंडक्टर निवेश के लिए जाना जा रहा है। जेवर एयरपोर्ट की निकटता से लॉजिस्टिक्स में आसानी होगी, जिससे यह क्षेत्र हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के रूप में उभरेगा। परियोजना के तहत उत्कृष्टता केंद्र, अनुसंधान लैब और कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे, जो स्थानीय युवाओं को उन्नत तकनीकी अवसर प्रदान करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता आर्थिक और सामरिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यह परियोजना ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की ओर मजबूत कदम है और उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख सेमीकंडक्टर गंतव्य बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।यह संयुक्त उद्यम भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में मजबूत स्थिति दिलाने की दिशा में निर्णायक साबित होगा।

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