नोएडा,(नोएडा खबर डॉट कॉम)
सेक्टर 41 के कम्युनिटी हॉल में चल रहे दो दिवसीय सुंदरकांड कथा आयोजन में शनिवार को पहले दिन भक्तजनों का जमावड़ा लगा रहा। श्री रामचरितमानस के सुंदरकांड के माध्यम से भगवान श्री राम और हनुमान जी की महिमा का गान हो रहा है, जिससे श्रद्धालुओं के मन में भक्ति की लहरें उमड़ रही हैं।
पहले दिन
की कथा में मुख्य रूप से सुंदरकांड की महत्वपूर्ण भूमिका, हनुमान जी की लंका यात्रा, मार्ग में आई बाधाओं का वर्णन, विभीषण जी से पहला परिचय, त्रिजटा का प्रसंग, माता सीता से हनुमान जी का हृदयस्पर्शी संवाद, उनकी वीर रस से ओतप्रोत लीलाएं, लंका दहन की अद्भुत घटना, चूड़ामणि प्राप्ति, भगवान राम का पहला दर्शन एवं स्वागत, तथा जामवंत जी द्वारा हनुमान जी की प्रशंसा जैसे दिव्य प्रसंगों पर प्रकाश डाला गया। कथा व्यास श्री कृष्ण पंत ‘अकिंचन’ ने इन सभी सूक्ष्म सूत्रों की सरल, सरस और रसमयी व्याख्या की, जिससे श्रोताओं का मन राम-हनुमान की भक्ति में डूब गया।
पूरी कथा में श्री हनुमान जी की वीरता, भक्ति और समर्पण की महिमा छाई रही, जिसने हर भक्त के हृदय को छू लिया। रविवार को कथा का दूसरा दिन है, जिसमें निम्नलिखित प्रसंगों का वर्णन होगा: हनुमान जी द्वारा माता सीता का संदेश श्री राम जी तक पहुंचाना, श्री राम और हनुमान जी का सर्वोत्तम संवाद,लंका प्रयाण की तैयारियां, रावण को मंदोदरी, विभीषण एवं माल्यवंत द्वारा समझाना, विभीषण का लंका से निष्कासन और श्री राम की शरण में आना, विभीषण की शरणागति एवं श्री राम का सुंदर व्यवहार
विभीषण को लंकेश के रूप में स्वीकार करना,रावण के गुप्तचरों का राम सेना में आना और संभाषण, समुद्र से विनती, प्रभु का आक्रोश, समुद्र की याचना एवं सेतु निर्माण की तैयारी आदि प्रसंग पर प्रवचन होगा।
यह कथा रविवार को समाप्त होगी, जिसमें राम-हनुमान की भक्ति के साथ-साथ जीवन के गहन आध्यात्मिक संदेश मिलेंगे। कथा व्यास श्री कृष्ण पंत ‘अकिंचन’ जी की मधुर वाणी और सरल व्याख्या से यह आयोजन भक्तों के लिए आध्यात्मिक उत्सव बन गया है। सभी भक्तजनों से निवेदन है कि वे अपने परिवारजनों, मित्रों एवं पड़ोसियों को साथ लेकर इस पवित्र कथा श्रवण में अवश्य शामिल हों और राम-हनुमान की कृपा प्राप्त कर पुण्य के भागी बनें।
![]()
