नोएडा,(नोएडा खबर डॉट कॉम)
गौतमबुद्ध नगर की जिलाधिकारी श्रीमती मेधा रूपम ने विकास प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्रों में हो रहे अवैध अतिक्रमण पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास अधिनियम-1976 की धारा 10 के तहत अतिक्रमणकर्ताओं के खिलाफ तुरंत नोटिस जारी किए जाएं।
यह फैसला सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला वृक्षारोपण समिति, जिला गंगा समिति एवं जिला पर्यावरण समिति की संयुक्त बैठक में लिया गया।बैठक के दौरान विकास प्राधिकरणों के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर जिलाधिकारी ने गहरा असंतोष व्यक्त किया और कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण पर्यावरण एवं विकास संबंधी मुद्दों पर उनकी उपस्थिति अनिवार्य है।
बैठक के प्रमुख बिंदु और निर्देश
अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई: अधिसूचित क्षेत्रों में बढ़ते अतिक्रमण की समीक्षा के बाद DM ने धारा 10 के अंतर्गत नोटिस जारी करने के आदेश दिए। यह कदम नोएडा, ग्रेटर नोएडा एवं अन्य प्राधिकरण क्षेत्रों में अवैध कब्जों को रोकने की दिशा में निर्णायक माना जा रहा है, जहां तेज शहरीकरण के साथ अतिक्रमण की समस्या गंभीर रूप ले रही है।
वृक्षारोपण अभियान में जीरो टॉलरेंस:
रोपित सभी पौधों की 100% जियो टैगिंग को शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अभी तक कार्य न करने वाले विभाग तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत करें। 2024-25 एवं 2025-26 में रोपित पौधों के संरक्षण, सिंचाई एवं अनुरक्षण को सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी ठहराया गया। 2026-27 के वृक्षारोपण के लिए भूमि चिन्हांकन शीघ्र पूरा करने के आदेश दिए।
पर्यावरण संरक्षण पर फोकस:
बिना ढके निर्माण सामग्री के परिवहन, ओवरलोडिंग, कूड़ा एवं पराली जलाने जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोकथाम के निर्देश। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं प्राधिकरणों को एनजीटी एवं शासन दिशा-निर्देशों का सख्त अनुपालन सुनिश्चित करने तथा वायु प्रदूषण नियंत्रण के ठोस कदम उठाने को कहा गया।
गंगा एवं सहायक नदियों की सफाई
गंगा, यमुना एवं हिंडन में अनटैप्ड ड्रेनों के अंतरिम उपचार के लिए फाइटोरेमेडिएशन तकनीक अपनाने के निर्देश। नदियों-नालों में ठोस अपशिष्ट निस्तारण की अद्यतन सूचना सिंचाई विभाग से मांगी गई। नदी किनारों की नियमित सफाई, घाटों का सौंदर्यीकरण एवं संरक्षण कार्यों की प्रगति रिपोर्ट तलब की।
वेटलैंड एवं तालाब संरक्षण:
प्रभागीय वन अधिकारी द्वारा एनजीटी आदेशों के अनुपालन, तालाबों के सूचीकरण, सीमा निर्धारण, अतिक्रमण हटाने एवं लंबित वादों की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने सभी सूचनाएं निर्धारित प्रारूप में समयबद्ध उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अतुल कुमार, जिला विकास अधिकारी शिव प्रताप परमेश, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार, मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड रंजीत सिंह सहित पुलिस, प्राधिकरण एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।जिलाधिकारी मेधा रूपम की यह बैठक पर्यावरण संरक्षण, अतिक्रमण मुक्ति और सतत विकास की दिशा में प्रशासन की मजबूत मंशा को रेखांकित करती है। विशेष रूप से विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में अतिक्रमण पर धारा 10 के नोटिस जारी करने का निर्देश स्थानीय निवासियों एवं पर्यावरण प्रेमियों के बीच सकारात्मक चर्चा का विषय बन गया है।
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