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नोएडा: बिशनपुरा गांव ने उठाई नोएडा प्राधिकरण और मोजेक फर्नीचर कंपनी के खिलाफ आवाज, आरोप- पानी की लूट, अवैध गेट और प्रदूषण की मिलीभगत

नोएडा,(नोएडा खबर डॉट कॉम)
नोएडा के गांव बिशनपुरा के निवासियों ने नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि गांव का पीने का पानी फैक्ट्रियों को दिया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्राधिकरण के सुपरवाइजर और अधिकारी मिलीभगत कर गांव की पानी की लाइन से सेक्टर-58 स्थित मोजेक फर्नीचर कंपनी को अवैध कनेक्शन दे रहे हैं, जबकि गांव में पानी की भारी किल्लत है।
ग्रामवासियों की तरफ से नोएडा महानगर कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष राम कुमार तंवर ने बताया कि C-57 गांव की मुख्य पानी लाइन से मोजेक फर्नीचर को कनेक्शन दिया गया है। उन्होंने कहा, “जो थोड़ा-बहुत पानी गांव में आ रहा है, उसे भी फैक्ट्रियों में डायवर्ट करने की कोशिश की जा रही है। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं और इसका पुरजोर विरोध कर रहे हैं।”
अवैध गेट और ट्रकों से आवागमन बाधित
ग्रामीणों ने आगे आरोप लगाया कि मोजेक फर्नीचर कंपनी ने अपनी फैक्ट्री का एक गेट गांव की आबादी की तरफ अवैध रूप से खोल रखा है, जो कानूनन गलत है। इस गेट से कंपनी के बड़े-बड़े ट्रक गांव की गलियों में खड़े रहते हैं, जिससे स्थानीय लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। आए दिन कहासुनी और झगड़ों की घटनाएं हो रही हैं।
प्रदूषण और धमकियों का आरोप
ग्रामवासियों का कहना है कि कंपनी से निकलने वाले प्रदूषण के कारण पूरे इलाके में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। जब भी गांव वाले प्रदूषण बंद करने या गेट बंद करने की मांग करते हैं, तो कंपनी के मालिक अपनी पैसे और पहुंच का रसूख दिखाते हुए उन्हें धमकाते हैं। ग्रामीणों ने दावा किया कि मोजेक फर्नीचर के मालिक प्राधिकरण के अधिकारियों के संरक्षण में काम कर रहे हैं।“कई बार शिकायत करने और प्राधिकरण के नोटिस जारी करने के बावजूद आज तक न तो अवैध गेट बंद किया गया है और न ही प्रदूषण का स्रोत बंद किया गया है,” ग्रामवासियों ने कहा।
टकराव की आशंका

स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई है कि ग्रामवासियों ने चेतावनी दी है कि कंपनी के “असामाजिक रवैये” के कारण किसी भी समय बड़े टकराव की स्थिति बन सकती है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है, जिसमें शामिल हैं:

  • गांव की पानी लाइन से फैक्ट्री का अवैध कनेक्शन तुरंत बंद करना
  • अवैध गेट को सील करना
  • प्रदूषण नियंत्रण के सख्त कदम उठाना
  • दोषी अधिकारियों और कंपनी मालिक के खिलाफ कार्रवाई

अभी तक नोएडा प्राधिकरण की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। ग्रामवासी आगे प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं।

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