अयोध्या, (नोएडा खबर डॉट कॉम)
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की न्यासियों की बैठक सोमवार, 6 जुलाई 2026 को अयोध्या में हुई। बैठक में दानपात्रों से प्राप्त चढ़ावे की गणना में हुई अनियमितता, उसकी जांच, त्यागपत्र और भावी प्रबंधन व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। ट्रस्ट ने पूरी वित्तीय जानकारी सार्वजनिक करते हुए कहा कि 3,264 करोड़ रुपये की कुल प्राप्त राशि में से 2,370 करोड़ रुपये निर्माण कार्य में खर्च हो चुके हैं।
ट्रस्ट ने रखा पाई-पाई का हिसाब
ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि 2020 में स्थापना के बाद अब तक प्राप्त कुल निधि 3,264 करोड़ रुपये है, जिसमें से 2,370 करोड़ रुपये निर्माण एवं पूंजीगत व्यय में उपयोग किए गए। 31 मार्च 2026 तक चढ़ावा 582 करोड़ रुपये प्राप्त हुआ, जिसमें 391 करोड़ रुपये संचालन व्यय में लगाए गए। शेष राशि बैंक खातों में सुरक्षित है। ट्रस्ट ने कहा कि ये सभी आंकड़े समय-समय पर मीडिया के समक्ष प्रस्तुत किए जाते रहे हैं।चढ़ावे की गणना में अनियमितता का मामला सामने आने पर ट्रस्ट ने उत्तर प्रदेश शासन से उच्च स्तरीय SIT जांच का अनुरोध किया। SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट में 8 लोगों के नाम सामने आए, जिनके खिलाफ ट्रस्ट ने मुकदमा दर्ज कराया और गिरफ्तारियां भी हुईं। ट्रस्ट का साफ कहना है कि दोषियों को कठोरतम सजा मिलनी चाहिए।
चंपत राय और अनिल मिश्रा का त्यागपत्र मंजूर
SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद महामंत्री चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने नैतिक आधार पर त्यागपत्र दे दिए। बैठक में दोनों त्यागपत्र स्वीकार कर लिए गए। साथ ही विशिष्ट आमंत्रित सदस्य गोपाल नगरकोटे का नाम सूची से हटा दिया गया। ट्रस्ट ने कहा कि जांच पूरी होने तक किसी पर दोषारोपण उचित नहीं है।नए महामंत्री की जिम्मेदारी संभालेंगे कृष्ण मोहन
नए महामंत्री की नियुक्ति तक ट्रस्टी श्री कृष्ण मोहन को महामंत्री के कार्य संभालने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिन्होंने इसे स्वीकार कर लिया है।नए CEO की नियुक्ति के लिए तीन सदस्यीय समिति गठितट्रस्ट ने मंदिर प्रबंधन को और अधिक पारदर्शी, कुशल और मजबूत बनाने के लिए नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। समिति में शामिल हैं:
- न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) श्री प्रमोद कोहली
- लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) श्री विष्णुकांत चतुर्वेदी
- श्री सुरेश हावड़े
समिति ट्रस्ट को उपयुक्त नामों की अनुशंसा करेगी। ट्रस्ट ने SIT की सिफारिशों के अलावा स्वतंत्र विशेषज्ञों से भी परामर्श लेने का फैसला किया है।ट्रस्ट ने वस्तु रूप में दी गई 2,926 भेंटों का पूरा विवरण रखने और उनकी वार्षिक ऑडिट की जानकारी भी दी। श्रद्धालुओं से अपील की गई कि वे अपनी भेंट का सत्यापन कर सकते हैं।ट्रस्ट ने दुष्प्रचार का मुकाबला करते हुए कहा कि आधारहीन आरोपों के बावजूद राम भक्तों की आस्था अडिग है और दर्शनार्थियों की संख्या पहले की तरह बनी हुई है।
ट्रस्ट का संदेश
“जो भी दोषी है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। हम मंदिर प्रबंधन को अनुकरणीय उदाहरण बनाएंगे।” यह बैठक राम मंदिर निर्माण के बाद ट्रस्ट की पारदर्शिता और मजबूत व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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