ग्रेटर नोएडा, (नोएडा खबर डॉट कॉम)
बाजार में गिरा हो, ऑटो में छूटा हो या टहलते वक्त हाथ से निकल गया हो—104 लोगों को लगा था कि महंगा फोन हमेशा के लिए चला गया। शनिवार को वही फोन उनके हाथ में लौट आया।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देश और पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) ग्रेटर नोएडा डॉ. रवि शंकर निम के नेतृत्व में सर्विलांस सेल ने ‘मिशन सहयोग’ के तहत ये उपकरण बरामद कर असली मालिकों को सौंपे। कुल कीमत करीब 21 लाख रुपये बताई गई।
डीसीपी डॉ. रवि शंकर निम ने बताया कि ज्यादातर फोन भीड़-भाड़, साप्ताहिक बाजार, दोपहिया चलाते समय या सुबह-शाम टहलते वक्त गिर गए थे। कई ऑटो, टैक्सी, बस, मेट्रो और ई-रिक्शा में छूट गए। मालिकों ने ग्रेटर नोएडा जोन के अलग-अलग थानों में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
सर्विलांस सेल ने तकनीकी विश्लेषण और सीईआईआर (CEIR) पोर्टल से फोन ट्रेस किए, बरामद किए और आज सुपुर्द कर दिए।फोन मिलते ही चेहरों पर वो रौनक दिखी, जो हफ्तों से गायब थी। कोई राहत से मुस्कुराया, किसी की आंखें नम हुईं। तस्वीरें, बैंक ऐप, परिवार के संदेश—सब एक डिवाइस में बंद था।
लोग बोले, पुलिस ने सिर्फ मशीन नहीं लौटाई, भरोसा लौटाया। कई ने कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस का आभार जताया।
संदेश साफ है: गुमशुदगी थाने में लिखवाना बेकार नहीं। तकनीक और लगातार निगरानी से खोया सामान वापस आ सकता है। मिशन सहयोग उसी भरोसे का नाम है।
