-सुप्रीम कोर्ट से बरी होने के लगभग 10 महीने बाद चाय की दुकान में शव मिला;
-सुसाइड नोट नहीं, पीड़ित परिवारों में संदेह
हरिद्वार/नोएडा, (नोएडा खबर डॉट कॉम)
2006 के निठारी हत्याकांड में लंबे समय तक आरोपी रहे और पिछले वर्ष सुप्रीम कोर्ट से सभी मामलों में बरी हुए सुरेंद्र कोली शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को उत्तराखंड के हरिद्वार में मृत पाए गए। पुलिस के अनुसार उनका शव उत्तरी हरिद्वार के भूपतवाला इलाके में सप्त सरोवर रोड पर लाल माता मंदिर के सामने चाय की दुकान/गुमटी के अंदर लटका मिला।
सूचना करीब सुबह 11 बजे सप्तऋषि चौकी को मिली। शहर कोतवाली के एसएचओ कुंदन सिंह राणा और सिटी सीओ शिशुपाल सिंह नेगी ने प्रारंभिक रूप से इसे आत्महत्या बताया है। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, एफएसएल टीम मौके की जांच कर रही है। परिवार (अल्मोड़ा, मंगरुखाल/भिकियासैंण) को सूचना दे दी गई है। पहचान आधार कार्ड से हुई। उम्र रिपोर्टों में करीब 50–53 वर्ष बताई गई है। पिता का नाम शंकरु राम/शंकु राम बताया गया है।
निठारी कांड: संक्षिप्त पृष्ठभूमि
दिसंबर 2006 में नोएडा सेक्टर-31, निठारी गांव में व्यवसायी मोनिंदर सिंह पंढेर की कोठी डी-5 के पीछे नाले से बच्चों और महिलाओं के कंकाल, खोपड़ियां और कपड़े मिले। कोली उस घर में घरेलू सहायक थे। दोनों गिरफ्तार हुए। सीबीआई ने जांच संभाली। कोली को कई मामलों में मौत की सजा हुई; पंढेर भी कुछ मामलों में दोषी ठहराए गए।
अक्टूबर 2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कई मामलों में दोनों को सबूत की कमी और जांच की खामियों के आधार पर बरी किया। सुप्रीम कोर्ट ने 30 जुलाई 2025 को उन बरी फैसलों के खिलाफ अपील खारिज की। 11 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने कोली की क्यूरेटिव याचिका स्वीकार कर अंतिम लंबित मामले में सजा रद्द की और रिहाई का आदेश दिया।
कोली लगभग 19 वर्ष जेल में रहे। अदालतों ने फॉरेंसिक कमजोरी और अंग-व्यापार जैसे सुरागों की जांच न होने का भी जिक्र किया था। यानी कानूनी रूप से दोनों बरी हैं, लेकिन कई परिवार न्याय अधूरा मानते हैं।
