नोएडा आईकेयर: आप अकेले नहीं, हम आपके साथ, नोएडा लोकमंच की नागरिक अधिकारों पर शुरू हुई अनूठी मुहिम

नोएडा, (नोएडा खबर डॉट कॉम)
नोएडा की गलियों में जब कोई आम इंसान अपनी शिकायत लेकर भटकता है, जब किसी कामकाजी महिला को अपने अधिकारों का पता नहीं होता, जब कोई नागरिक सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट-काट कर थक जाता है —ठीक उसी मोड़ पर नोएडा लोक मंच ने हाथ बढ़ाया। मई 2026 से चल रहे ‘नोएडा आईकेयर’ अभियान ने 25 अक्टूबर 2026 को एक नई उम्मीद जगाई। रविवार की सुबह, मंच के कार्यालय में 11:45 बजे से दोपहर 2 बजे तक चली बैठक सिर्फ एक बैठक नहीं थी। वह उन हजारों चेहरों की आवाज थी जो अकेले महसूस करते हैं।
नोएडा लोक मंच के अध्यक्ष प्रभात कुमार ने साफ शब्दों में कहा — “यह किसी से टकराव का मंच नहीं है। हम प्रशासन के खिलाफ नहीं, बल्कि जनता के साथ खड़े हैं।” उनकी आवाज में वह दृढ़ता थी जो हर जरूरतमंद को सुकून देती है। उन्होंने बताया कि आम आदमी अक्सर योजनाओं, प्रक्रियाओं और कागजी उलझनों में खो जाता है। ऐसे में जागरूक समाज को आगे आकर रास्ता दिखाना ही सच्ची सामाजिक जिम्मेदारी है। नोएडा आईकेयर इसी भावना से जन-प्रशासन के बीच विश्वास का सेतु बन रहा है।इसी बैठक में एक बड़ी पहल हुई — लीगल सेल का गठन। वरिष्ठ अधिवक्ता शिव सागर तिवारी इस सेल के अध्यक्ष बने। अब नागरिकों को सिर्फ सलाह नहीं, बल्कि उनकी शिकायतों को व्यवस्थित तरीके से संबंधित विभागों तक पहुंचाने और उनके निस्तारण तक साथ देने का वादा मिला। यह कानूनी मार्गदर्शन का वह हाथ है जो अकेले खड़े व्यक्ति को शक्ति देता है।
पूर्व रक्षा सचिव डॉ योगेन्द्र नारायण ने नागरिकों के अधिकारों की बात की। उन्होंने जोर दिया कि हर विभाग में सिटिजन चार्टर प्रमुखता से प्रदर्शित होना चाहिए — ताकि लोग जान सकें कि सेवा क्या है, प्रक्रिया क्या है और समय-सीमा क्या है। उन्होंने सुझाव दिया कि नोएडा प्राधिकरण सहित विभिन्न विभागों को पत्र लिखकर सिटिजन चार्टर लगाने का अनुरोध किया जाए। जरूरत पड़ने पर सूचना के अधिकार (आरटीआई) के जरिए पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उनकी बातें साफ थीं — ज्ञान ही शक्ति है, और शक्ति हर नागरिक तक पहुंचनी चाहिए।
महासचिव महेश सक्सेना ने अभियान को गति देने की दिशा तय की। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयास तभी सफल होंगे जब हर सदस्य अपनी जिम्मेदारी निभाए। नवंबर के पहले सप्ताह में अगली बैठक होगी, जहां प्रगति की समीक्षा और नई रणनीति बनेगी। शिकायतों को संकलित करना, विभागों तक पहुंचाना और समाधान तक साथ चलना — यही अभियान की असली शक्ति है।
मोहम्मद आजाद ने पत्रकारों से अपील की कि इस जनहितकारी मुहिम को और व्यापक बनाया जाए। उन्होंने आश्वासन दिया कि अपने समाचार पत्र के माध्यम से वे इस आवाज को और मजबूत करेंगे। मीडिया की सकारात्मक भूमिका से ही ज्यादा से ज्यादा लोग जुड़ सकेंगे।
महिलाओं की आवाज बनकर रेणु छिब्बर ने कहा कि नोएडा आईकेयर महिलाओं की समस्याओं में भी खड़ा होगा। कामकाजी महिलाओं की चुनौतियां, घरेलू परिस्थितियां और वह अकेलापन जब समाधान नहीं मिलता — अभियान उन सबके साथ है। महिलाओं को उचित मंच, मार्गदर्शन और जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया। हर महिला जान ले कि वह अकेली नहीं है।
बैठक में नोएडा लोक मंच के अध्यक्ष प्रभात कुमार, योगेन्द्र नारायण, महासचिव महेश सक्सेना, एग्जीक्यूटिव जनरल सेक्रेटरी विनीत गर्ग के साथ विनोद शर्मा, ब्रह्मपाल, अमर सिंह, प्रदीप वोहरा, परवेज, सार्थक सक्सेना, विनोद पांडे, विभा बंसल, मोहम्मद आजाद, एल.बी. गौतम, स्मृति त्रिवेदी, रेणु छिब्बर, मनोज चौधरी, पी.डी. शर्मा, एन.पी. जायसवाल, अनवर, हैदर अंसारी, अंशु कुमारी, मनीष सक्सेना, ठाकुर नेपाल सिंह, एन.पी.जे. सवाल, आदित्य श्रीवास्तव और महतो सहित अनेक सदस्य मौजूद रहे।
हर चेहरे पर एक ही संकल्प था — नागरिकों की मदद करना।नोएडा आईकेयर अभियान सिर्फ शिकायतें सुनने का मंच नहीं है। यह वह हाथ है जो थामता है, वह रास्ता है जो दिखाता है और वह आवाज है जो साथ खड़ी होती है। जब कोई अकेला महसूस करे, जब कोई अपनी समस्या लेकर हार मानने लगे — तब नोएडा लोक मंच का संदेश साफ है:आप अकेले नहीं, हम आपके साथ।सामाजिक सहभागिता और सामूहिक प्रयासों से ही आम नागरिकों की जिंदगी आसान बन सकती है। नोएडा आईकेयर उसी उम्मीद के साथ आगे बढ़ रहा है — हर समस्या का समाधान, हर नागरिक का साथ।

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