ग्रेटर नोएडा, (नोएडा खबर डॉट कॉम)
अवादा ग्रुप के चेयरमैन विनीत मित्तल ने कहा है कि अगर देश की हर तहसील अपनी जरूरत की बिजली खुद बनाने लगे, तो बिजली कटौती की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो सकती है और आयातित तेल-गैस पर निर्भरता भी कम हो सकती है।
ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में चल रहे REI Expo 2026 में मित्तल ने कहा कि करीब 6,000 तहसीलों में सालभर अच्छी धूप मिलती है और लगभग 3,000 तहसीलों में हवा की संभावना है। सोलर, विंड और बैटरी स्टोरेज को मिलाकर स्थानीय स्तर पर लगभग 24 घंटे बिजली दी जा सकती है। उन्होंने भारत को ‘पेट्रो-स्टेट’ से ‘इलेक्ट्रो-स्टेट’ बनाने की बात कही।
मित्तल ने 2008 की उस बैठक का जिक्र किया, जिसमें तत्कालीन गुजरात मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोलर को बढ़ावा देने के लिए ऊंचा टैरिफ दिया था। उन्होंने बताया कि 2022 के 100 गीगावॉट लक्ष्य के मुकाबले देश की गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता अब करीब 300 गीगावॉट हो चुकी है।रूफटॉप सोलर पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि हर छत को पावर स्टेशन बनाया जाए। बैटरी से दिन की सौर बिजली शाम-रात इस्तेमाल हो सकती है और नेट मीटरिंग से अतिरिक्त बिजली का बिल में समायोजन हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि सोलर लगाने वाला परिवार करीब डेढ़ साल में लागत वसूल कर बिजली बिल लगभग शून्य कर सकता है।अवादा फिलहाल 720 Wp मॉड्यूल बना रहा है और जल्द 750 व 800 Wp मॉड्यूल भी लाएगा।
इस दौरान अभिनेता और गोरखपुर सांसद रवि किशन अवादा के स्टॉल पर ‘ग्राहक’ बनकर पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनके घर पर सोलर लग चुका है और अब गोरखपुर कार्यालय के लिए भी लेना चाहते हैं। उन्होंने सोलर सब्सिडी की जानकारी बढ़ाने, चिलुआ ताल में फ्लोटिंग सोलर और रेलवे स्टेशनों की छतों पर सोलर लगाने की बात कही। किशन ने कहा, “यही भविष्य है। इससे पैसा बचेगा, देश बचेगा और आयात पर निर्भरता घटेगी।”
कार्यक्रम में हल्के-फुल्के माहौल में मित्तल ने मजाक में कहा कि रवि किशन को बुलाना स्वाभाविक था, क्योंकि सूर्य का एक नाम रवि भी है
