गाजियाबाद, नोएडा खबर डॉट कॉम)
सनसिटी, गाजियाबाद में सात दिनों तक चलने वाले विश्व के सबसे बड़े महानाट्य ‘जाणता राजा’ का समापन धूमधाम से हुआ। 22 से 28 अक्टूबर तक आयोजित इस कार्यक्रम में छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित सजीव मंचन ने दिल्ली-एनसीआर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड के युवाओं में शौर्य और करुणा का संदेश फैलाया।
दिव्य प्रेम सेवा मिशन के सेवा प्रकल्पों को समर्पित इस आयोजन के अंतिम दिन परिसर जय भवानी, जय शिवाजी के नारों और तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।दिव्य प्रेम सेवा मिशन हरिद्वार के संस्थापक और अध्यक्ष डॉ. आशीष गौतम कार्यक्रम के आखिरी दिन भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि युवाओं में जो जोश और उत्साह उन्होंने देखा, उससे विश्वास हो गया है कि सेवा, समर्पण और शौर्य की विरासत को आगे बढ़ाने में दिल्ली-एनसीआर के युवा पीछे नहीं रहेंगे।
डॉ. गौतम ने कहा कि गाजियाबाद में आयोजन की विशेष वजह यह है कि 1666 में औरंगजेब की कैद से छूटने के बाद छत्रपति शिवाजी महाराज सबसे पहले श्री दूधेश्वर नाथ मठ पहुंचे थे, जहां उन्होंने यज्ञ-हवन किया और हिंदवी स्वराज्य का संकल्प लिया। कार्यक्रम में मठ के श्री महंत नारायणगिरि महाराज भी उपस्थित रहे।महामंचन के दौरान प्रतिदिन करीब 250 कलाकारों ने हाथी, घोड़े, ऊंट, हथियार और तोपों के साथ सजीव प्रस्तुति दी। सिंहगढ़, प्रतापगढ़ और रायगढ़ किलों की प्रतिकृतियां दर्शकों के मन में सकारात्मक ऊर्जा भर रही थीं। सप्ताहांत पर प्रतिदिन 25 हजार से अधिक दर्शक पहुंचे। ग्रेटर नोएडा, नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ और फरीदाबाद के कॉलेजों व विश्वविद्यालयों के छात्र बड़ी संख्या में शामिल हुए। सोशल मीडिया पर #जाणताराजा और दिव्य प्रेम सेवा मिशन के हैशटैग कई दिनों तक ग्लोबल टॉप ट्रेंडिंग में रहे।
कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. रामनाथ कोविंद समेत कई गणमान्य पहुंचे। डॉ. कोविंद ने कहा कि छत्रपति शिवाजी जैसे महापुरुष दिव्य प्रेम की दिव्यता से जन्म लेते हैं। आज के युग में डॉ. आशीष गौतम उसी दिव्यता के वाहक हैं और दिव्य पुरुष हैं। तेलंगाना के राज्यपाल श्री शिवप्रताप शुक्ला, झारखंड के राज्यपाल श्री संतोष गंगवार और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल श्री भगत सिंह कोश्यारी ने भी युवाओं को शिवाजी महाराज के आदर्शों से प्रेरणा लेने की सलाह दी।
श्री कोश्यारी ने ‘गढ़ आया, सिंह गेला’ की वीरगाथा सुनाकर तानाजी मालुसरे की बलिदान गाथा का जिक्र किया और कहा कि अब देश के गौरव को फिर से हासिल करने की बारी है।बीजेपी सांसद डॉ. निशिकांत दुबे, राज्यसभा सांसद अरुण सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान, उत्तर प्रदेश के मंत्री कपिलदेव अग्रवाल, रामकेश निषाद, बीजेपी सांसद डॉ. भोला सिंह, फर्रुखाबाद के विधायक नागेंद्र सिंह राठौर समेत कई नेता शामिल हुए।
पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने वालों को ‘न्यू मुगल’ बताते हुए कहा कि देश की विरासत और संस्कृति का ज्ञान न रखने वाली ताकतें रिजीम चेंज के सपने देख रही हैं, लेकिन युवा शक्ति ऐसा नहीं होने देगी। पर्मार्थ निकेतन ऋषिकेश के स्वामी चिदानंद महाराज ने कहा कि राष्ट्रनिर्माण के लिए तलवार की शक्ति और विचार की शक्ति दोनों जरूरी हैं।

‘जाणता राजा’ वही चश्मा है जो आने वाली पीढ़ियों को भारत का सही स्वरूप दिखा सकता है।दिव्य प्रेम सेवा मिशन 12 जनवरी 1997 से डॉ. आशीष गौतम के नेतृत्व में कुष्ठ रोगियों, वंचित और उपेक्षित लोगों को चिकित्सा, शिक्षा और भोजन उपलब्ध करा रहा है। मिशन समिधा सेवार्थ चिकित्सालय, मोबाइल मेडिकल यूनिट, कुष्ठ रोगियों के बच्चों के लिए विद्यालय-छात्रावास और व्यावसायिक प्रशिक्षण के जरिए सेवा कार्य करता है। संस्था गंगा घाटों की स्वच्छता, हरित भारत अभियान और निर्मल गंगा अभियान से भी जुड़ी है।कार्यक्रम के आयोजन में जाणता राजा आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता, संयोजक विनय चौधरी, महामंत्री दीपक शर्मा समेत मिशन के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. संजय चतुर्वेदी और कई अन्य कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वरिष्ठ पत्रकार प्रेम शुक्ला, दीपक चौरसिया, सुरेश चव्हाणके और अन्य गणमान्य भी उपस्थित रहे।सात दिन का यह महामंचन गाजियाबाद में छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्शों और सेवा की भावना को नई पीढ़ी तक पहुंचाने वाला यादगार आयोजन बन गया।