नोएडा, (नोएडा खबर डॉट कॉम)
उत्तर प्रदेश शासन ने पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी संकल्प शर्मा को गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट का नया संयुक्त पुलिस आयुक्त नियुक्त किया है। वे कानून-व्यवस्था की अहम जिम्मेदारी संभालेंगे।
संकल्प शर्मा इससे पहले कानपुर नगर पुलिस कमिश्नरेट में संयुक्त पुलिस आयुक्त के पद पर तैनात थे। उन्हें सेवानिवृत्त हुए राजीव नारायण मिश्रा की जगह तैनात किया गया है। शासन के आदेश के अनुसार दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से पदभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
कौन हैं संकल्प शर्मा ?
संकल्प शर्मा राजस्थान के जयपुर के मूल निवासी हैं। उनका जन्म 11 जुलाई 1986 को हुआ था। पिता का नाम चुन्ना लाल शर्मा है। उन्होंने आईआईटी रुड़की से केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक और हाइड्रोकार्बन इंजीनियरिंग में एमटेक किया है। आईटी कंपनी का बड़ा जॉब ऑफर ठुकराकर उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की। दो असफल प्रयासों के बाद 2011 में सफलता मिली और 2012 बैच में यूपी कैडर में शामिल हुए।
उनकी पत्नी शालिनी अग्निहोत्री भी आईपीएस अधिकारी हैं और हिमाचल प्रदेश कैडर में सेवा कर रही हैं। दोनों की मुलाकात ट्रेनिंग के दौरान हुई थी।
करियर और कार्यशैली
सेवा में आने के बाद उनकी पहली पोस्टिंग मेरठ में एएसपी के रूप में हुई। इसके बाद वे लखनऊ, नोएडा (2020 में डीसीपी के रूप में), आजमगढ़, बस्ती, खीरी, मिर्जापुर और हाल ही में कानपुर में तैनात रहे। 2026 में उन्हें डीआईजी रैंक पर पदोन्नत किया गया।वे अपनी कड़क और कार्रवाई वाली कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। 2021 में बदायूं गैंगरेप मामले में उन्होंने लापरवाही बरतने वाले थाना प्रभारी को सस्पेंड किया और तीन दिन के अंदर आरोपियों को गिरफ्तार करवाया। अगस्त 2024 में भारत बंद के दौरान देवरिया में वे डिवाइडर फांदकर उपद्रवियों को खदेड़ते नजर आए थे, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी चर्चा हुई। उन्हें डीजी पुलिस के तीन सराहना पत्र (रजत, स्वर्ण और प्लेटिनम) भी मिल चुके हैं।
नोएडा में चुनौतियां
नोएडा संकल्प शर्मा के लिए नया क्षेत्र नहीं है। 2020 में वे यहां डीसीपी रह चुके हैं। गौतमबुद्ध नगर तेजी से बढ़ता औद्योगिक और आवासीय क्षेत्र है, जहां साइबर अपराध, ट्रैफिक, औद्योगिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है। उनकी नियुक्ति से स्थानीय स्तर पर अपराध नियंत्रण और पुलिस प्रशासन को और मजबूत करने की उम्मीद जताई जा रही है।
