- सेक्टर-1, 2, 4, 16, 16बी
- नॉलेज पार्क-3
- इरोज संपूर्णनम सोसाइटी
- ऐस सिटी
- पंचशील हाइनिश आदि
प्रारंभिक जांच में पानी सभी मानकों के अनुरूप पाया गया है।इसके अलावा, प्राधिकरण ने श्रीराम इंस्टीट्यूट फॉर इंडस्ट्रियल रिसर्च की दो टीमों को भी तैनात किया है। ये टीमें यूजीआर (अंडरग्राउंड रिजर्वॉयर), पंपिंग स्टेशन आदि से रैंडम सैंपल लेकर जांच कर रही हैं। सैंपल लिए गए प्रमुख क्षेत्र:
- डेल्टा-1 (डी ब्लॉक)
- डेल्टा-3 (एफ ब्लॉक)
- अल्फा-1 (डी ब्लॉक)
- अल्फा-2, बीटा-2 (एफ ब्लॉक)
- गामा-1, ईटा-1, थीटा, चाई-4 आदि
लैब से रिपोर्ट 10-12 दिनों में आने की उम्मीद है, और प्राधिकरण ने शीघ्र रिपोर्ट मांगी है।

प्राधिकरण के एसीईओ सुनील कुमार सिंह ने निवासियों से अपील की है कि यदि किसी भी क्षेत्र में दूषित पानी की सप्लाई की शिकायत हो तो तुरंत जल विभाग को सूचित करें। प्राधिकरण त्वरित कार्रवाई करेगा।शिकायत दर्ज करने के लिए संपर्क नंबर:
- वरिष्ठ प्रबंधक जल: 9205691408
- प्रबंधक जल: 8937024017
एसीईओ ने निवासियों से अनुरोध किया है कि पानी की सप्लाई के समय ही मोटर चलाएं, ताकि अनावश्यक दबाव से लाइन में समस्या न हो।प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि वह ग्रेटर नोएडा में स्वच्छ और सुरक्षित जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह अभियान हाल की घटनाओं (जैसे डेल्टा-1 में कुछ लोगों के बीमार पड़ने) को देखते हुए और अन्य शहरों (जैसे इंदौर) की घटनाओं से सबक लेते हुए शुरू किया गया है।निवासी किसी भी समस्या की सूचना तुरंत दें, ताकि त्वरित समाधान संभव हो सके।
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