हरिद्वार,(नोएडा खबर डॉट कॉम)
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने रविवार को पवित्र हर की पैड़ी, हरिद्वार पहुंचकर दिवंगत अंकिता भंडारी की स्मृति में दीपदान किया। यह कार्यक्रम उत्तराखंड बंद की सफलता के बाद आयोजित किया गया, जिसमें उन्होंने जनता के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।
धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी एंगल की जांच के लिए जब तक सीबीआई जांच का सरकारी आदेश नहीं मिलता था, तब तक आंदोलनकारियों ने चैन से बैठने का संकल्प नहीं लिया था। जन दबाव के कारण सरकार ने हाल ही में (9 जनवरी 2026) सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है। उन्होंने आगे कहा कि अब बाकी लड़ाई यह है कि जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी सिटिंग जज की देखरेख में हो, ताकि पूरी सच्चाई सामने आए और दोषियों को सजा मिले।
प्रताप ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे पर कल रात दिल्ली में पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी और अल्मोड़ा सांसद व केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा से मुलाकात की। तीनों नेताओं ने मामले का न्यायसंगत और तर्कसंगत हल निकालने का आश्वासन दिया है।
इसके अलावा, आंदोलनकारियों ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय महिला आयोग से समय मांगा है, और कल दोनों आयोगों के दरवाजे खटखटाए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंकिता भंडारी कांड के दोषियों को सजा मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
हर की पैड़ी पर दीपदान कार्यक्रम में धीरेंद्र प्रताप के साथ चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति की केंद्रीय संरक्षक श्रीमती कमला पांडे, श्रीमती आशा बिष्ट, श्रीमती विमला कोटियाल, समिति के सचिव एवं प्रवक्ता विजय भंडारी तथा हरिद्वार नगर चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र सैनी भी मौजूद रहे।
सभी ने मां गंगा के समक्ष संकल्प लिया कि अंकिता की अस्मिता की लड़ाई जीते बिना चैन नहीं होगा।
पृष्ठभूमि में अंकिता भंडारी मामला
सितंबर 2022 में पौड़ी जिले के वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या हुई थी। मुख्य आरोपी पुलकित आर्य (पूर्व भाजपा नेता के बेटे) सहित तीनों को मई 2025 में उम्रकैद की सजा मिल चुकी है। हाल के महीनों में अभिनेत्री उर्मिला सनावर के वायरल ऑडियो-वीडियो से वीआईपी एंगल फिर चर्चा में आया, जिसके बाद जनवरी 2026 में राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन और उत्तराखंड बंद हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए सीबीआई जांच की सिफारिश की है, लेकिन विपक्ष और आंदोलनकारी सुप्रीम कोर्ट जज की निगरानी वाली जांच की मांग पर अड़े हैं।
यह कार्यक्रम उत्तराखंड में अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की जारी लड़ाई का प्रतीक है, जहां राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन एकजुट होकर लड़ रहे हैं।
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