नोएडा प्राधिकरण में सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम: 20 सैनिटरी इंस्पेक्टरों की भर्ती जेम पोर्टल से होगी, साथ ही 12 गांवों में सम्पवेल निर्माण तेज

नोएडा, (नोएडा खबर डॉट कॉम)
नोएडा प्राधिकरण के नए मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) कृष्ण करुणेश ने प्राधिकरण के सभी विभागों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में सफाई व्यवस्था में आई कमी और ग्रामीण क्षेत्रों में सीवर ओवरफ्लो की समस्या पर विशेष ध्यान दिया गया।
सीईओ करुणेश ने जन स्वास्थ्य विभाग में सैनिटरी इंस्पेक्टरों की भारी कमी को दूर करने के लिए तत्काल निर्देश दिए।जन स्वास्थ्य विभाग में वर्तमान में सैनिटरी इंस्पेक्टरों की कमी के कारण सफाई व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसे देखते हुए जेम (GeM) पोर्टल के माध्यम से 20 सैनिटरी इंस्पेक्टरों की नियुक्ति करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी/कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।
बैठक में सफाई कार्य कर रही एनजीओ को अपने 38 स्टाफ का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कार्य में लापरवाही बरतने पर एनजीओ को बदलने की भी बात कही गई।ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती आबादी के कारण सीवर ओवरफ्लो की समस्या गंभीर हो गई है। इसे स्थायी रूप से हल करने के लिए 12 गांवों में सम्पवेल (संप वेल) का निर्माण करवाने के निर्देश दिए गए हैं।
जल विभाग ने अवगत कराया कि ग्राम छलेरा, सदरपुर और ग्राम गढ़ी शहदरा में सम्पवेल निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिसे शीघ्र पूरा कर क्रियाशील किया जाएगा।शेष गांवों—बहलोलपुर, नगली वाजिदपुर/नगला नगली, छिजारसी, सर्फाबाद, गिझोड, याकूबपुर, होशियापुर और बरौला—में सम्पवेल निर्माण के लिए आवश्यक कार्यवाही तेज करने के निर्देश दिए गए। इससे इन गांवों से निकलने वाले सीवर का उचित निस्तारण सुनिश्चित होगा।
इसके अलावा, ग्राम गिझोड़, सर्फाबाद और ममूरा में बढ़ते घनत्व को देखते हुए जलापूर्ति के लिए अलग-अलग भूमिगत जलाशय निर्माण की भी योजना बनाई गई है।सीईओ श्री कृष्ण करुणेश ने बैठक में अन्य महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए, जैसे:

  • प्राधिकरण क्षेत्र में चिह्नित 65 वल्नरेबल पॉइंट्स (कमजोर बिंदु) का एक सप्ताह में निस्तारण।
  • पुरानी सड़कों का ब्लैक टॉप मार्च के पहले सप्ताह में शुरू।
  • कम्युनिटी टॉयलेट का रखरखाव बीओटी मोड से निविदा आमंत्रित कर एक सप्ताह में शुरू।
  • अवैध रेहड़ी-पटरी हटाव और वेंडिंग जोन व्यवस्थित करने के सख्त निर्देश।
  • अतिक्रमण हटाव के लिए प्रत्येक वर्क सर्किल को जेसीबी और डम्पर उपलब्ध कराना।

यह बैठक नोएडा में बुनियादी सुविधाओं और सफाई व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। नए सीईओ के नेतृत्व में प्राधिकरण ने जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर जोर दिया है।

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