खास खबर: ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बिसरख गांव के निकट 4 एकड़ में बनेगा ‘प्रभुपाद विलेज’

-4 एकड़ आबादी की जमीन पर विकसित होगी वर्णाश्रम आधारित आध्यात्मिक टाउनशिप
-पुणे के बाद देश का दूसरा ऐसा ISKCON प्रोजेक्ट

नोएडा,(नोएडा खबर डॉट कॉम)

अंतर्राष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ (ISKCON) द्वारा ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बिसरख गांव में ‘प्रभुपाद विलेज’ नाम से एक अनूठी वैदिक आध्यात्मिक टाउनशिप विकसित की जा रही है। यह परियोजना बिसरख गांव की आबादी की जमीन पर 4 एकड़ क्षेत्र में बनाई जाएगी।
नोएडा स्थित इस्कॉन मंदिर परिसर में इस्कॉन के वरिष्ठ भक्त और परियोजना के प्रमुख प्रवक्ता शास्त्र चक्षु दास ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह परियोजना पूज्य श्रील ए.सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद के वैदिक समाज स्थापना के स्वप्न को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
शास्त्र चक्षु दास ने कहा,“प्रभुपाद विलेज केवल आवासीय परियोजना नहीं, बल्कि पूर्ण वर्णाश्रम व्यवस्था पर आधारित एक जीवंत आध्यात्मिक समुदाय होगा। आधुनिक जीवन की भागदौड़, अकेलेपन और प्रकृति से दूरी को देखते हुए हम एक ऐसा मॉडल बना रहे हैं जहाँ भक्ति, सादगी, आत्मनिर्भरता और सामुदायिक जीवन एक साथ फल-फूल सके।”

परियोजना की खासियतें:
भव्य श्री श्री राधा-कृष्ण मंदिर एवं वैदिक अध्ययन केंद्र
गुरुकुल (वैदिक विद्यालय)
गौशाला एवं गो-संरक्षण
विशेष वानप्रस्थ आश्रम (जिसे परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण पहचान बताया जा रहा है)
निःशुल्क प्रसाद वितरण केंद्र
प्राकृतिक जीवनशैली एवं सामुदायिक सेवा केंद्र

देश का दूसरा प्रोजेक्ट
शास्त्र चक्षु दास ने बताया कि पुणे में इस्कॉन भक्तों द्वारा चलाए जा रहे सफल प्रोजेक्ट के बाद यह देश का दूसरा ऐसा बड़ा आध्यात्मिक आवासीय प्रोजेक्ट है, जो इस्कॉन भक्तों द्वारा विकसित किया जा रहा है।
4 एकड़ में पूर्ण विकसित परिसर
परियोजना को मात्र 4 एकड़ आबादी की जमीन पर विकसित करने की योजना है। इसमें वानप्रस्थ आश्रम को विशेष रूप से तैयार किया जाएगा, ताकि जिन भक्तों ने गृहस्थ जीवन के दायित्व पूरे कर लिए हैं, वे अपने शेष जीवन को भक्ति, साधना, अध्ययन और सेवा में व्यतीत कर सकें।

यह परियोजना ग्रेटर नोएडा वेस्ट में वैदिक संस्कृति, आध्यात्मिक शिक्षा, गो-संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक जीवन का एक आदर्श मॉडल साबित होने की उम्मीद है। परियोजना का निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होने वाला है।कोई भी इच्छुक भक्त या व्यक्ति इस आध्यात्मिक परियोजना से जुड़ सकता है। इस्कॉन की ओर से इस परियोजना को ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में वैदिक मूल्यों को पुनर्जीवित करने का एक बड़ा प्रयास बताया जा रहा है।

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